गाय और इन्सान दोनों सुरक्षित होगे, गाय राष्ट्रिय पशु घोषित हो – जमीयत उलेमा-ए-हिंददेश के बड़े मुस्लिम संगठनों में से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष यानि मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कही। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इससे इंसानो और गाय दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ ही पूरे देश में बीफ पर रोक लगेगी और गोहत्या से जुड़ी हिंसा को भी रोका जा सकेगा। मदनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, असम, झारखंड और राजस्थान में गाय की वजह से हिंसा हुईं. जिसमें मुसलमान और दलितों को भी मारा-पीटा गया। इसलिए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए. जिससे गाय को बचाया जा सके. गाय को लेकर वही कानून लागू होना चाहिए जो दूसरे पालने वाले जानवरों के लिए है। बता दें कि जमीयत उलेमा-ए- हिंद इंडिया की लीडिंग इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन में से एक है. इस संगठन से लगभग 10 मिलियन लोग जुड़े हुए हैं.

गाय की हत्या को लेकर बड़ी घटनाये हुई है

गाय की हत्या को लेकर बड़ी घटनाये हुई है. जुलाई 2016,गुजरान के ऊना में दलित युवकों की पिटाई।8, सितंबर 2016,यूपी के दादरी में अखलाक की हत्या. फ्रिज में बीफ रखने का आरोप था।5,अप्रैल 2017,अलवर में पहलू खान की हत्या, गाय तस्करी में शामिल होने का आरोप।यहा तक की प्रधान मंत्री भी कथित गाय रक्षकों को असमाजिक तत्व कह चुके हैं। साल 2017 के शुरुआती  छह महीने में गाय की रक्षा के नाम पर 20 हिंसक वारदातें सामने आई हैं. मानिसकता बदलना होगा हमे अगर हम गौ की रक्षा करना चाहते है। हमारे समाज को जागरूक होने की जरुरत है।और मेरे विचार से हमे गौ रक्षा के लिए खुद से तत्पर होकर उनकी रक्षा करे। बजाये किसी और को कहने के।एक वाक्य मे जोड़ना चाहूंगा “हम बदलेंगे तो समाज बदलेगा हमसे समाज है ना की हम समाज से”.

यदि हम गाय को ये समझेंगे ये हमारे परिवार के सदस्य हैं। तो हम उन्हें बचा भी सकेंगे और उनका ख्याल भी रख सकेंगे। हमे गौ को और जानवरो की भांति समझना चाहिए।गाय के गोबर का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है और यह पौधे बढ़ने में मदद करता है। कृषि में खेतों में बड़े पैमाने पर गाय का प्रयोग किया जाता है।इसके अलावा, गोमूत्र या “गोमुत्र” पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अंत मे एक वाक्य के साथ समाप्ति करूँगा ” गौ बचाओ गौ हत्या वालो को सजा दिलाओ”.

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