11000 करोड़ का PNB Fraud - क्या भारतीय बैंक्स loan देते समय सिर्फ गरीबों को ही नियमों का पाठ पढ़ाते हैं?पंजाब नेशनल बैंक (PNB) मे भारतीय बैंकिंग के सबसे बड़ी धोखाधड़ी मामलों में से एक के बारे में बुधवार को शेयर बाजारों को सूचित किया. मुंबई में अपनी शाखा में से किसी एक की शाखा में 11,300 करोड़ रुपये तक की गैरकानूनी राशि से यह प्रभावित हुआ है. हालांकि बैंक ने किसी भी व्यक्ति या कंपनी का नाम नहीं लिया है, जबकि 31 जनवरी को अरबपति हीरे के व्यापारी Nirav Modi और कुछ अन्य को 280 करोड़ रुपये धोखाधड़ी में सीबीआई में शिकायत दर्ज की है. शिकायत में उनकी पत्नी अमी मोदी, उनके भाई निशाल मोदी और उनके चाचा मेहुल चोकसी, गीतांजलि जेम्स के एक प्रबंध निदेशक शामिल हैं.

दो PNB अधिकारियों, गोकुलानाथ शेट्टी और मनोज खरात का भी नाम मोदी परिवार और चोकसी तीन व्यवसायों के भागीदार हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने मोदी और उनके परिवार के खिलाफ Money Laundering  का मामला दर्ज किया है. रिपोर्ट के मुताबिक PNB शेयरों मे करीब 10% की  कमी आई है इसका पता  बंबई स्टॉक एक्सचेंज से लगा. भारतीय बैंक्स को कुछ कायदे कानून रखना चाहिए ताकि कोई भी ऋण के लिए आवेदन करे तो उसे निम्न नियम से होकर जाना हो.

धोखाधड़ी से बैंक के 2016-17 के मुनाफे के करीब आठ गुना है और बुधवार की समाप्ति तक मूल्य का  बाजार पूंजी का लगभग एक तिहाई है

धोखाधड़ी से बैंक के 2016-17 के मुनाफे के करीब आठ गुना है और बुधवार की समाप्ति तक मूल्य बाजार पूंजी का लगभग एक तिहाई है. कुछ  ही दिनों मे, धोखाधड़ी के पैमाने 280 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,300 करोड़ रुपये हो गए हैं. कथित अनियमितताओं ने न केवल PNB को प्रभावित किया है, जो पिछले महीनों में Recovery का संकेत दिखा चुके थे. वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा, “Finance Minister ने जिसने ये रकम ली उसके मामले की सीबीआई को सौपकर और प्रवर्तन निदेशालय को रिपोर्ट करने के लिए कहकर सक्रिय कदम उठाया है ताकि कार्रवाई की जल्द से जल्दी जाँच की जा सके.क्या सारे नियम बस गरीबो पे मान्य होंगे? अमीरों पे क्यों नही?

अगर ये धोखाधड़ी हो रही है तो क्या यह भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित नहीं करेगी, अगर ऐसा हो रहा है तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो कोई भी हो. कुछ नियम होने चाहिए ताकि सभी को इसका पालन करना हो, वह चाहे अमीर हो या गरीब  हो. ये मायने नही रखता नियम सभी के लिए समान हैं. नियम से ऊपर कोई ना हो. ये मानसिकता हमे तो होनी ही चाहिए साथ ही सरकार को भी आगे आकर लोगो को जागरूक करना चाहिए.

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