आज के ही दिन सन १९८७ में सुनील गावस्कर (लिटिल मास्टर) ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की थी जो की उस समय एक असंभव कार्य माना जाता था. १८७७ से शुरू हुवे क्रिकेट से लेकर १९८७ तक किसी बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में १०००० रन का स्कोर नहीं बनाया था.  जब की पहली बार सुनील गावस्कर (लिटिल मास्टर) ने आज ही के दिन ७ मार्च १९८७ को इस कार्य के असंभव होने की धारणा को तोड़कर सारी दुनिया को अचंभीत कर दिया था. साल १९८७ में जब भारत और पाकिस्तान के बीच अहमदाबाद में क्रिकेट मैच चल रहा था सुनील गावस्कर इस गौरवमयी क्षण से होकर गुजरे.

उस क्षण का आनंद

इस मैच में पाकिस्तान के कप्तान इमरान खान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. इजाज फाकिह के १०५ और इमरान की ७२ रन पर पहली पारी में पाकिस्तान ने पहली इनिंग में ३९५ रन बनाए. शिवलाल यादव ने १०९ रन देकर चार विकेट लिऐ थे.

जवाब में, दिलीप वेंगसरकर के शतक (१०९) और गावस्कर (लिटिल मास्टर) और कपिल देव के अर्धशतको ने भारत को ३२३ के स्कोर तक पहुंचा दिया. सुनील गावस्कर जैसे ही ५८ रन के पार हुवे स्टेडियम का माहोल हर्ष और उल्लास में बदल गया, लोग जश्न मनाने लगे. गावस्कर ने १२४ वे टेस्ट की २१२ वि पारी में इस रिकॉर्ड को पार किया था. लोगो की दीवानगी इस मुकाम पर पहुचं गयी की खेल को कुछ समय के लिये बीच में ही रोकना पडा.

हालाकिं उस मैच में गावस्कर (लिटिल मास्टर) ६३ रन की शानदार पारी खेल कर आउट हो गए थे. यह मैच भारतीय गेंदबाजों के लिए यह कडा संघर्ष रहा क्योंकि पाकिस्तान ने ९९ ओवरों तक १३५/२ के स्कोर पर टीके रहे. यह मैच ड्रा हो गया था. दोनों टक्कर की टीमो के बीच यह ११ वा ड्रा था.

बेंगलुरु में खेली गई श्रृंखला का पांचवां और अंतिम टेस्ट गावस्कर (लिटिल मास्टर) का अंतिम टेस्ट था. १२५ मैच खेलकर, गावस्कर ने अपना टेस्ट कैरियर १०१२२ रन बनाकर ५१.१२ के औसत और ३४ शतको के साथ पूर्ण कर लिया. टेस्ट क्रिकेट में किसी खिलाडी के सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड इसके बाद पहली बार २००५ में तोड़ा गया.

उनके हुनर पर कुछ  शब्द

सुनील गावस्कर (लिटिल मास्टर) संभवत: दुनिया के ऐसे एकमात्र खिलाडी रहे जो तकनीकी तौर पर भी श्रेष्ठ थे. रिकार्ड्स तो कई खिलाड़ियों ने बनाये है लेकिन शायद कुछ ही खिलाडी होंगे जिनसे हम सुनील गावस्कर(लिटिल मास्टर) की तुलना कर सकें. वे क्रिकेट तकनीक का एक जीता जागता इनसाइक्लोपीडिया थे. उनके रिकार्ड्स देख कर हम पाते है कि वे अपने दौर के एक महान क्रिकेटर रहे है

उनकी कुछ प्रमूख उपलब्धियां

  • टेस्ट क्रिकेट में १०००० रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर.
  • सबसे अधीक शतको की संख्या – ३४
  • देश के बहार ५००० रन्स का रिकॉर्ड
  • पहले क्रिकटर जिन्होंने केवल ७८ दिनों में ६ टेस्ट्स में १००० रन बनाये.
  • कम से कम पांच मौको पर दोनों पारियों में अधिकतम स्कोर करने वाले खिलाडी.
  • वेस्टइंडस के खिलाफ किसी सीरीज में सबसे अधिक (७७४) रन्स बनाने वाले खिलाडी.
  • दो मौको पर चार लगातार शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर (पोर्ट ऑफ़ स्पेन और वानखेड़े स्टेडियम में)

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