हमारी सेहत हमारे जीवन मै बहुत महत्पूर्ण है उसके बिना सब कुछ गड़बड़ा जाता है. यदि आप सेहतमंद हैं तो इसका असर आपके दिल और दिमाग हर जगह पर होता है. स्वस्थ रहने के लिए समय पर खाना बहुत जरूरी है। हालांकि, बहुत से लोगो को इस बात का पता नहीं होता कि वो जो खाना खा रहे हैं, क्या वो हेलथी है या नहीं या उसको सही समय पर हम खा रहे है, की नही। इंसान अपनी लाएफ़ मै बहुत बिजी है इस बिजी लाइफ में खाने को लेकर इतना नहीं सोचता, लेकिन खाना खाने का सही और गलत दोनों टाइम होते है. जैसे, कई लोग सुबह के समय नास्ते में दूध पीते हैं, जबकि दूध पीने का ये गलत टाइम है. दूध हमेशा रात में पीना चाहिए.

एक्सपर्ट की माने तो-

रोज खाना खाने का एक सही समय होना चाहिए. साथ ही, इन्हें गलत टाइम पर खाने  से क्या नुकसान होगा, इस बारे में experts  का कहना है की ,खाने को भिन्न-भिन्न समय में खाना चाहिए. यानी खाना कम खाए लेकिन हर 4 घंटे बाद खाते रहें.

रात में क्या खाया जाये-

दूध में विटामिन A होता है जो हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद है और इससे हमें energy मिलती है. आयुर्वेद में दूध रात में पीना ज्यादा फायदेमंद बताया है. दूध में ट्रीप्‍टोफन नाम के अमीनो एसिड की वजह से नींद के हार्मोन बड जाते है. इसी कारण से रात को दूध पीने से अच्‍छी नींद आती है.

 

 

दालो और फलियो को रात में खाने से ज्यादा फायदा मिलता है. हाँ पर , इन्हें सोने से 4 घंटे पहले खा लेना चाहिए. दाल में कई सारे विटामिन पाए जाते हैं. ऐसे में दाल को अपने रोज के खाने का हिस्सा भी बनाना चाहिए.

रात में क्या न खाएं-

शक्कर को रात के समय में उपोयग में नही लेना चाहिए. रात के समय शक्कर का सेवन करने से शुगर का लेवल बड़ जाता है साथ ही ये बॉडी को एनर्जी भी देती है. ऐसे में यदि इस एनर्जी का उपोयग नहीं किया जाये तो फैट बनने लगता है.

 

 

रात के समय चावल को नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है, साथ ये शरीर को उर्जा भी देता हैं। ऐसे में रात को सोते समय ह्यूमन बॉडी के बहुत ज्यादा अच्छा नहीं होता क्योकि इसके बाद इस ऊर्जा का उपोग नही हो पायेगा, इसलिए ब्लडप्रेशर के मरीजों को चावल रात को बिल्कुल नहीं खाना चाहिऐ.

 

 

आयुर्वेद के अनुसार यदि दही को रात में खाया जाए तो यह बॉडी के लिए फायदेमंद नहीं होता है इससे हमे नुक्सान ही मिलता है. दरअसल, रात में दही का सेवन करने से कफ बनता है. जिससे पेट संबंधी बीमारी होने के चांस बनते है. अगर दही खट्टा है तो फेफड़ों में संक्रमण, खांसी-जुकाम और जोड़ों में तकलीफ हो सकती है. साथ ही, यदि शरीर में कहीं पहले से भी सूजन है तो दही खाने से सूजन और भी ज्याद बढ़ सकती है.

 

सेव के फायदे

सेव में भी कई सारे पौष्टिक तत्व पाए जाते है. और इसमें  विटामनस, मिनरल और फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता है. सेव का छिल्का नहीं निकलना चाहिए. सेव को छिलका सहित खाना चाहिए, क्योंकि इसके छिलके के नीचे विटामिन ‘c’ होता है. आयुर्वेद की माने तो सेव को सुबह खाली पेट खाना चाहिए. ये आपके शरीर में उपस्थित गंदगी (टॉक्सिक) को बाहर निकालता है.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here