राज्यसभा चुनाव: भाजपा को 26 में से 12 सीटों पर मिली जीत – भाजपा को यूपी में 9, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड में 1-1 सीट पर जीत हासिल हुई।

सात राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों में से भाजपा को 12 पर जीत मिली। उत्तर प्रदेश में उसके सभी 9 उम्मीदवार जीत गए। बाकी दलों में कांग्रेस के 5, टीएमसी के 4, टीआरएस के 3, और जेडीयू (शरद गुट) और सपा के 1-1 उम्मीदवार को जीत हासिल हुई है। अब उच्च सदन में बीजेपी के 73 सांसद हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। बता दें कि कुल 17 राज्यों में राज्यसभा चुनाव हुए। इनमें से 10 में 33 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया। बाकी 7 राज्यों की 26 सीटों के लिए वोट डाले गए। इन राज्यों में 58 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल अप्रैल-मई में खत्म हो रहा है।

इन 7 राज्यों के लिए हुई वोटिंग

– निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के बाद 7 राज्यों में वोट डाले गए। इनमें- उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल शामिल हैं।

कौन, कहां से जीता?

1) उत्तर प्रदेश:भाजपा के 9 उम्मीदवार- अरुण जेटली, जेवीएल नरसिम्हा राव, अनिल जैन, डॉ. अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, हरनाथ सिंह यादव, अनिल अग्रवाल और कांता कर्दम जीते। वहीं सपा से जया बच्चन जीतीं।

2) छत्तीसगढ़: भाजपा की सरोज पांडेय जीतीं। उन्होंने कांग्रेस के लेखराम साहू को हराया। भाजपा को 51 और कांग्रेस को 36 वोट मिले।

3) झारखंड:एक सीट पर भाजपा के समीर उरांव और दूसरी पर कांग्रेस के धीरज साहू जीते।

4) कर्नाटक:कांग्रेस को तीन और भाजपा को एक सीट मिली। कांग्रेस के एल हनुमंथैया, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर और भाजपा के राजीव चंद्रशेखर जीते।

5) पश्चिम बंगाल: कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी जीते। यहां कांग्रेस को टीएमसी का सपोर्ट था। उनके अलावा राज्य में टीएमसी के चार कैंडिडेट- अबीर रंजन बिस्वास, नदीमुल्ला हक, सुभाष चक्रवर्ती और शांतनु सेन जीते।

6) तेलंगाना:सभी तीन सीटें सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति को मिलीं। बी. प्रकाश, जे. संतोष और एबी लिंगैया यादव जीते।

7) केरल:जनता दल यूनाइटेड (शरद यादव गुट) के एमपी वीरेंद्र कुमार जीते। यह सीट वीरेंद्र कुमार के इस्तीफा देने के बाद ही खाली हुई थी। तब वे जेडीयू से सांसद थे और उस वक्त नीतीश कुमार और शरद यादव एक साथ थे। यानी उन्हें बाकी बचे दो साल के लिए चुना गया है।

भाजपा 38 साल के इतिहास में सबसे बड़ी पार्टी

– इस चुनाव के बाद भाजपा राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। अपने 38 साल के इतिहास में वह पहली बार 70 से ज्यादा सीटें हासिल कर पाई। बता दें कि भाजपा का गठन 1980 में हुआ था।

– भाजपा के राज्यसभा में फिलहाल 58 सांसद थे। अप्रैल में 14 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा था। इस तरह पार्टी के पास सिर्फ 44 सांसद बचते।

भाजपा की स्ट्रैंथ 73 हुई: 44+29 (17 कैंडिडेट निर्विरोध चुने गए। उत्तरप्रदेश से 9, कर्नाटक से 1, झारखंड से 1 और छत्तीसगढ़ से 1 सीट जीती।)

राज्यसभा चुनाव में अभी तक क्या हुआ?

– राज्यसभा की 58 सीटों में से 33 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें भाजपा के 17, कांग्रेस के 4 और अन्य दलों में बीजद के 3, राजद के 2 , टीडीपी-जेडीयू के 2-2, शिवसेना-एनसीपी और वाईएसआर कांग्रेस का 1-1 उम्मीदवार शामिल हैं।

– सात केंद्रीय मंत्री निर्विरोध चुने गए। इनमें रविशंकर प्रसाद (बिहार), धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद गहलोत (मध्यप्रदेश), जेपी नड्डा (हिमाचल), प्रकाश जावड़ेकर (महाराष्ट्र), मनसुखभाई मांडविया और पुरुषोत्तम रूपाला (गुजरात) शामिल हैं।

किस राज्य से भाजपा के कितने सांसद निर्विरोध चुने गए ?

10 राज्यों में से 8 में भाजपा के 17 कैंडिडेट्स निर्विरोध चुने गए।

राज्य खाली सीटें भाजपा के निर्विरोध चुने गए कैंडिडेट्स
1. महाराष्ट्र 06 3 (प्रकाश जावड़ेकर, नारायण राणे और वी. मुरलीधरन)
2. बिहार 06 1 (रविशंकर प्रसाद)
3. मध्यप्रदेश 05 4 (धर्मेंद्र प्रधान, थावरचंद गहलोत, अजय प्रताप सिंह और कैलाश सोनी)
4. गुजरात 04 3 (पुरुषोत्तम रुपाला, मनसुख मांडविया और नारायण राठवा)
5. राजस्थान 03 3 (किरोड़ी लाल मीणा, भूपेंद्र यादव और मदन लाल सैनी)
6. हरियाणा 01 1 (डीपी वत्स)
7. उत्तराखंड 01 1 (अनिल बलूनी)
8. हिमाचल 01 1 (जेपी नड्डा)
कुल 17

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