पेरिस की शान और कई साल दुनिया का सबसे ऊंचा ढांचा रही एफिल टावर साल 1889 में आज ही के आम लोगों के लिए खुली थी. एफिल टावर का कद 324 मीटर है और इसका वजन 10,000 टन है. इस टावर में 1665 सीढ़ियां हैं. अगर आप ये सीढ़ियां चढ़ पाए तो इसके शीर्ष पर पहुंच सकते हैं. हालांकि टावर में लिफ्ट की सुविधा भी है. आप लिफ्ट की मदद से भी टॉप पर पहुंच सकते हैं.

एफिल टावर हमेशा जगमगाता और चमकता रहे इसके लिए करीब 20,000 बल्ब का इस्तेमाल किया गया है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एरिका ला को एफिल टावर इतना पसंद आ गया कि उन्होंने इस टावर से शादी रचा ली. इस टावर के बारे में एक और आश्चर्यजनक बात यह है कि सर्दियां आते ही यह टावर 6 इंच सिकुड़ जाती है.

60 टन पेंट खर्च होता है

इस टावर को पेंट करने में करीब 60 टन पेंट खर्च होता है और हर 7 साल पर इसे रिपेयर किया जाता है. रिपेयर करने के दौरान ही इसकी पेंटिंग भी की जाती है. फ्रांसीसी क्रांति के सौ साल पूरे होने के अवसर पर इसे बनाया गया. उस समय की योजना के अनुसार इसे केवल 20 साल के लिए ही पैरिस में रहने की अनुमति दी गई थी. 1909 में समय सीमा पूरी हो जाने के बाद इसे गिरा दिया जाना था. लेकिन बीस सालों में टावर की लोकप्रियता ऐसी बढ़ी कि इसे गिराने का विचार रद्द कर दिया गया.

324 मीटर ऊंचे एफिल टॉवर को 1889 में आर्किटेक्ट गुस्ताव एफिल ने बनवाया था. अब तक 18 बार इसका रंग बदला जा चुका है. हर 7-8 साल में पूरा टॉवर पेंट कराया जाता है। एक बार में 25-30 लोगों की टीम इसको पेंट करने में लगती है. हालांकि टॉवर को पेंट करना अब मुश्किल के साथ-साथ खतरनाक भी हो चुका है. पुराने लोहे पर लेड की मोटी-मोटी पर्त जम चुकी हैं. इस लेड से पेंट करने वाले मजदूरों को इंफेक्शन होने का खतरा है. इसलिए पेरिस सिटी प्रशासन का ये भी सुझाव है कि टॉवर का रंग ना बदलकर पुराने पेंट पर ही नया पेंट करा दिया जाए. इस पर आखिरी फैसला फ्रेंच मंत्रालय को ही लेना है.

18 बार टॉवर के रंग में बदलाव हुए, 5 बार पूरा रंग बदल दिया गया

साल एफिल Tower का रंग
1889 में लाल रंग से
1899 में हल्का पीला रंग से
1907 में पीले और भूरे रंग का मिक्स से
1954 में लाल और भूरे रंग का मिक्स से
1968 में भूरा रंग से

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