आज के समय में हर एक सख्स इंटरनेट का इतना आदि हो चूका हैं की अब इस से पीछा छुड़ा पाना नामुमकिन सा हो गया हैं. किसी भी सवाल का जवाब अगर चाहिये होता हैं तो हम सीधा इंटरनेट से ही समाधान निकालते हैं. लेकिन शायद आप ये नहीं जानते होंगे कि इंटरनेट पर भी कुछ चीज़ें प्रतिबंधित या गैरकानूनी हैं. हालांकि, लोग जाने-अनजाने धड़ल्ले से यह काम कर रहे हैं. स्मार्टफोन के आने से इंटरनेट का उपयोग बेहद तेजी से बढ़ रहा है. सूचना के क्षेत्र में इंटरनेट ने कमाल का कार्य किया है.

इंटरनेट के साथ कई अच्छी चीजें आई हैं परंतु जरा सी लापरवाही से उपयोग के बाद इंटरनेट का खामियाजा भी कई लोगों को उठाना पड़ा है इसलिए आज इंटरनेट के उपयोग के दौरान आपको बेहद सजग रहने की जरूरत है. आगे हमने ऐसे ही 10 कार्य बताए हैं जिन्हें आपको इंटरनेट पर कभी नहीं करना चा​हिए.

किसी अनजान कंप्यूटर  पर अपना EMAIL आईडी खोलना

आज हर शहर और गली मोहल्लों में सायबर कैफे खुले हुए हैं और अक्सर हम उनका प्रयोग करते हैं. परंतु याद रहे यह बेहद ही खतरनाक होते हैं. इन सायबर कैफे के कंप्यूटर्स में वायरस प्रोटेक्शन का उपयोग नहीं होता है और आपके ईमेल आईडी हैक होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. ऐसे में कोशिश करें कि अनजान कंप्यूटर या डिवाइस पर अपने ईमेल आईडी न खोलें. यदि ईमेल खोलना बेहद ही जरूरी है तो आप प्राइवेट ब्राउजिंग का सहारा लें.

वाई-फाई का दुरुपयोग 

अगर कोई अपराधी आपके इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करते हुए साइबर क्राइम करता है तो पुलिस उसे भले ही न ढूंढ पाए, आप तक जरूर पहुंच जाएगी और नतीजे भुगतने होंगे आपको. अगर वाई-फाई इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं तो उसे पासवर्ड प्रोटेक्ट करना और एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करना न भूलें.

 गैर कानूनी कार्य, फोटो या वीडियो

आप मजाक में भी कभी किसी गैरकानूनी कार्य, फोटो या वी​डियो को सोशल ने​टवर्किंग या इंटरनेट पर किसी अन्य जगह पोस्ट न करें. हत्या, आत्म हत्या और भड़काउ फोटो व वीडियो इत्यादि के लिए आपको जेल भी जाना पड़ सकता है. वहीं अपनी या किसी और की नग्न तस्वीर डालना भी गैर कानूनी है. इसलिए इन कार्यों को इंटरनेट पर जानें-अनजानें भी न करें.

किसी भी फाइल फोल्डर को ओपन

अक्सर आपके ईमेल आईडी पर कई अनजान मेल आते हैं और उनके साथ कुछ फाइल भी अटैच होते हैं. यदि वे ईमेल आपकी जानकारी में न हो या फिर फाइल फॉर्मेट कुछ अजीब सा हो तो उसे कतई न खोलें. मेल को सीधा डिलीट कर दें. हैकर्स अक्सर इस तरह के मेल भेजकर आपकी ईमेल आईडी को हैक करने का प्रयास करते हैं.

बैंकस व ईमेल पासवर्ड जानकारी

दोस्तों या परिवार के साथ चैट में अक्सर हम अपने बैंक और इमेल आईडी से जुड़ी जानकारियां शेयर कर देते हैं लेकिन यह बेहद जोखिम भरा होता है. एक तरह से सोशल नेटवर्किंग या चै​ट में अपनी निजी जानकारियां देकर हैकर्स को न्योता देते हैं. इसलिए चैट, मेल या सोशल नेटवर्किंग में बैंक, एटीएम, क्रडिट कार्ड या पासवर्ड से सम्बंधित किसी भी निजी जानकारियों को शेयर न करें.

Copy – Paste करना

हर क्रिएटिव चीज बनाने वाले के पास एक खास हक होता है जो उसे अपनी सामग्री को गैरकानूनी ढंग से नकल किए जाने के खिलाफ सुरक्षा देता है. इसे कॉपीराइट कहते हैं. आपके लेख, कहानी, कविता, व्यंग्य, फोटो, संगीत की धुन, सॉफ्टवेयर, विडियो, कार्टून, एनिमेशन, किताब, ई-बुक, वेबसाइट वगैरह पर आपको यह खास हक हासिल है. कोई भी शख्स आपकी इजाजत के बिना आपकी रचना की कॉपी नहीं कर सकता और न ही उसे दूसरों को दे सकता है. ऐसा करना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है और आप उसके खिलाफ अदालत जा सकते हैं.

अगर आपको गूगल इमेज सर्च पर मौजूद कोई फोटो इस्तेमाल करना है, तो कायदे से उस वेब पेज के संचालक से इजाजत लेनी चाहिए. अगर कोई शख्स अपनी रचना को लेकर ज्यादा ही गंभीर हो, तो यह छोटी सी चोरी आपको भारी पड़ सकती है.  जिसे गूगल के जरिये आपने वह लेख, फोटो या विडियो ढूंढा है, उसी के जरिये आपकी चोरी भी पकड़ी जा सकती है.

चाइल्ड पॉर्नोग्राफी देखना 

अगर आप जाने या अनजाने अपने इंटरनेट कनेक्शन के जरिये चाइल्ड पॉर्नोग्राफी (बच्चों के अश्लील चित्र, विडियो, लेख आदि) देखते हैं तो वह साइबर क्राइम है. आपने ऐसी किसी सामग्री को अपने किसी दोस्त को फॉरवर्ड कर दिया तो आप एक और साइबर क्राइम कर चुके हैं. 18 साल से कम उम्र वालों से संबंधित अश्लील सामग्री देखना, इंटरनेट से भेजना और सहेजना साइबर क्राइम है. इन्हें न खुद देखें, न किसी को फॉरवर्ड करें.

वायरस, स्पाईवेयर 

अगर आपके कंप्यूटर पर किसी वायरस या स्पाईवेयर ने कब्जा जमा लिया है और वह जोम्बी में तब्दील हो गया है तो समझिए, आप अपने कंप्यूटर और डेटा की असुरक्षा के साथ-साथ साइबर क्राइम में भी फंस सकते हैं. मुमकिन है, आप किसी परोक्ष साइबर क्राइम में हिस्सेदार बन रहे हों. कुछ वायरस और स्पाईवेयर न सिर्फ आपके कंप्यूटर के डेटा और निजी सूचनाएं चुराकर अपने संचालकों तक भेजते हैं बल्कि आपके संपर्क में मौजूद दूसरे लोगों तक अपनी प्रतियां पहुंचा देते हैं.

गूगल क्लिक के फ्रॉड 

इंटरनेट पर विज्ञापनों के बदले भुगतान की व्यवस्था थोड़ी अलग है. यह विज्ञापनों को क्लिक किए जाने की संख्या पर आधारित है। जैसे दस क्लिक यानी दो डॉलर या करीब 110 रुपये. ऐसे में कुछ लोग खुद ही अपने ब्लॉगों पर लगे विज्ञापनों को क्लिक करते रहते हैं या फिर कुछ दूसरे लोगों के साथ गठजोड़ कर लेते हैं. उन्हें पता नहीं कि इंटरनेट पर ऐसे फर्जी क्लिक की निगरानी रखी जा सकती है. इस तरह के क्लिक से बचें यह बड़ा आर्थिक अपराध है और पता लगने पर आपके विज्ञापन तो बंद हो ही सकते हैं, भारी-भरकम जुर्माना या दूसरी सजा भी मिल सकती है.

भले ही ये सारे काम हम जान बुझ के नहीं करते पर फिर भी ये साइबर क्राइम कहलाते हैं ,इनकी जानकारी हम सभी को होना चाहिए.

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