आरक्षण तो मोदी सरकार ने खत्म कर दिया आपको पता भी नहींराष्ट्रीय लोकतंत्र बचाव आंदोलन के राष्ट्रपति सतीश बौद्ध ने आरक्षण पर  जोरदार भाषण दिया हैं. उन्होंने कहा, सुनिए आप जानते हैं या नहीं आरक्षण खत्म हो गया हैं ?. अगर पता है तो फिर भी हर कोई  कोई चुप क्यों है?. आप सभी जानते हैं लेकिन इसका एहसास नहीं है.  अगर आपको एहसास नहीं हैं तो आपको एहसास दिलाते हैं. 15% अनुसूचित जाति और 7.5% अनुसूचित जनजाति  के लिए आरक्षण निर्धारित हैं.

SC और ST सहित Reservation 22.5% हैं. हम 22.5% आरक्षण का प्रतिनिधित्व करते हैं ओबीसी के लिए  27% आरक्षण हैं. SC, ST और OBC सहित 49.5% पूरी गणना के अनुसार आरक्षण निर्धारित  हैं. यह सब चले जा हैं  मुफ्त में . काशीराम ने एक सिद्धांत दिया हैं , जिसमें उन्होनें कहा  OBC और परिवर्तित अल्पसंख्यकों के रूप में जैसे Muslims, Christian को आरक्षण का 5 से 7% दिया जाता हैं.

Example के रूप तौर पर जैसे गुजरात के हार्डिक पटेल को 27% के अंदर ही आरक्षण दिया जाएगा और जैसे हरियाणा मे जाट को 27% के अंदर ही आरक्षण दिया जाएगा. काशीराम ने सरल सिद्धांत दिया है कि कुल SC, ST और OBC का कुल प्रतिशत 49.5% हैं . लेकिन वैसे इनकी  कुल  संख्या 85% हैं. उदाहरण के तौर पर 100 रोटी हैं 100 लोग लिए, प्रत्येक व्यक्ति को 1 रोटी मिलेगी . लेकिन भारत में ऐसा नहीं है. भारत में 85 लोगों को 49.5 रोटी  मिलेगी और 15 लोगों को 50.5  रोटी मिल रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि हैलो आरक्षण कहाँ है? .

उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए सरकारी महेकमो में चले जाए आरक्षण आपका हैं लकिन भर्ती बनिया ,बामन, ठाकुर. एक जज बता दे Supreme Court मे  आपका एक जज हो. उनके  सारे बाल निकाल लिए गये और बस कृष्ण कृष्ण छोड़ा गया उनका. तरह तरह के मुक़दमे लगा दिए उनके उपर.

किसी एक मनोवादी पाखंडी ने Supreme Court मे मुकदमा दर्ज कर दिया

किसी एक मनोवादी पाखंडी ने Supreme Court मे मुकदमा दर्ज कर दिया उनका कहना था. इन्हें तो बहुत आरक्षण मिल रहा है हमे तो कुछ भी नही मिल रहा.  हवाला देते हुए उनका कहना था मान लीजिए आपका बच्चा है उसके  90% अंक आये तो इस बच्चे को 15% से ले जाकर सामान्य श्रेणी में ले जाया जाता हैं. ग़रीब या किसी भाई के लिए यह एक सीट उनके काम आ जाती थी.

सुप्रीम कोर्ट ने एक वक्तव्य दिया और यह कहा कि छात्र, या उम्मीदवार क्यों ना 100 या 1000 अंक  प्राप्त करते हैं, केवल 15%, 7.5% और 27% के अंदर ही उन्हें आरक्षण दिया जायेगा.  उन्हें आगे नहीं बढ़ाया जायेगा . बस उदाहरण के तौर उत्तर प्रदेश  SC की संख्या  20%  और SC का आरक्षण केवल 15% ही हैं.

आरक्षण नही रहा

20% आरक्षण पहले से अधिक हैं. उनका कहना था कम्पटीशन अधिक या कम होगी अधिक होगी. पहले क्या होता था यह से सीते कम हो जाती थी तो जनरल मे चली थो. लकिन अब क्या हुआ आरक्षण आरक्षण नही रहा . ये बस मरा हुआ साँप हैं. रात-दिन गलियों सुनने को मिलेगा. इसमें कोई भी आरक्षण नहीं है. तो कहें कि आपका राजनेता क्या कर रहे थे हम क्या कर रहे थे? अब आरक्षण भी खत्म हो गया है.

जब आरक्षण समाप्त हो था तो बताओ धार्मिक नेता कहा सो रहा था?. अब पद मे भी आरक्षण खत्म कर दिया. इससे तिन चीज़ हुई लोकतंत्र की हत्या हुई. पद ही हत्या होती रही. सब आवाज़े खत्म होती रही. और बस एक केवल एक चीज़ की आवाज़ सुनी दी वह है मोदी मोदी.

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