आसमान से बरसी आफत - वैज्ञानिकों ने गिराया समुद्र में
आसमान से बरसी आफत – वैज्ञानिकों ने गिराया समुद्र में

आप सोच रहे होंगे ऐसा कहा हुआ और कैसे?. क्या ये कही झूठ तो नहीँ?. जी नहीँ ये बिलकुल सच्ची खबर कहबर है ऐसा ही हुआ हैं. आसमान से बरसती आफत को भला कौन रोक सकता है. रिपोर्ट की माने तो वैज्ञानिकों ने बताया कैसे  ये समुद्र में जा गिरा. आइए जानते है कैसे हुआ ये सब ?.

चीन का स्पेस स्टेशन तियानगोंग-1 सोमवार को क्रैश हुआ. स्पेस स्टेशन जाकर गिरा दक्षिण महासागर में. सुक्र मनाइए किसी को कोई नुकशान नहीँ पहुंचा. चीन की स्पेस इंजीनियरिंग की माने तो 8 टन वजन से लैश तियानगोंग-1 का अधिकतर हिस्सा समुंद्र में गिरने से पहले ही जल गया था. स्पेस स्टेशन को धरती के वायुमंडल में आने की ऐसी खबर नहीँ है.

क्या कोई बता सकता है ये क्यूँ गिरा ?

वैज्ञानिकों का कहना है की तियानगोंग-1 के गिरने की कोई  सही या पुख्ता वजह बता पाना बेहद मुश्किल है. चीन की स्पेस एजेंसी का मानना था की तियानगोंग साओ पाउलो (ब्राजील) के पास जाकर गिरेगा.

जाने क्या है तियानगोंग-1 रेडियो स्टेशन ?

तियानगोंग-1 जिसे इंग्लिश में हवेन्ली प्लेसेस के नाम से भी बुलाया जाता है. इसे चीन ने 2011 में लांच किया था. ये लैब पृथ्वी की कक्षा से 350 किलोमीटर के भी उपर स्थापित किया गया था. इसमें करीब 9.4 टन 34 फीट लम्बे और 11 फीट चौड़ी एस लैब के अंदर 530 फीट क्यूबिक तक की जगह मौजूद है. इसमें एक साथ दो लोग रह सकते थे. चीन का ये 2022 तक अंतरिक्ष में एक स्थायी स्पेस स्टेशन स्थापित करने की राह में ये एक बहुमूल्य कदम था.

तियानगोंग-1 स्पेस से क्यूँ गिरा ?

चीन ने तियानगोंग-1  को सिर्फ दो साल की समय अवधि के लिए बनाया था. चीन की पहले योजना थी की स्पेस लैब को पृथ्वी की कक्षा से बाहर कर देंगे,जिससे तियानगोंग-1 अंतरिक्ष में जाकर खत्म हो जाएगा. 2011 से 2016 मलतब 5 साल तक काम करने के बाद ये चीन के स्पेस एजेंसी के कंट्रोल से बाहर हो गया. जिससे क्या हुआ की पृथ्वी के Gravitational  बाल ने इसे पृथ्वी की तरफ खींच लिया.

प्रमुख बिंदु :-

  • तियानगोंग-1 कैसे गिरा प्रशांत महासागर में जाकर.
  • आखिर क्यूँ औरे कैसे गिरा तियानगोंग-1.

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