आडवाणी को नमस्कार, शाह को नजरअंदाज

0
235
आडवाणी को नमस्कार, शाह को नजरअंदाज

आडवाणी को नमस्कार, शाह को नजरअंदाजकांग्रेस और बीजेपी अपने मतभेदों को दबाने और संसद में नोकझोक ख़त्म करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं. हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सोमवार सुबह लोकसभा में वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के पास से गुजरना हुआ.

राहुल ने लोकसभा में सदन के शुरू होने से लगभग 10 मिनट पहले प्रवेश किया था. आडवाणी को अकेले राजकोषीय बैंच की सीट पर बैठा देखकर राहुल गाँधी उनके पास गए. आडवाणी से हाथ से हाथ मिलाकर, राहुल ने आडवाणी से उनकी सेहत के बारे में पूछा. आडवाणी ने जवाब दिया: “मैं ठीक हूं, लेकिन सदन नहीं.” क्या राहुल गाँधी की ये नयी राजनितिक योजना हैं या बस अडवाणी का आदर करना?.

पूर्व उपप्रधान मंत्री ने इस बात पर ध्यान दिया कि वे सदन के बारे में चिंतित हैं उनका कहना था सदन ठीक ढंग से नहीं चल रहीं. उनका आगे कहना था वों ये भी देख रहे हैं कि पहली बार ना ही विपक्ष, ना ही अध्यक्ष को और ना ही प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित हैं. कुछ मिनट के लिए आडवाणी से बात करने के बाद, राहुल सदन के दूसरे छोर पर अपनी सीट पर वापस लौट गए. क्या राहुल गाँधी अडवाणी को कांग्रेस में लाना चाहते हैं?. उसकी तैयारी क्या राहुल गाँधी इस तरीके से करेंगे?.

हालांकि, कांग्रेस के अध्यक्ष और भाजपा के दिग्गजों के बीच दुआ सलामी का आदान-प्रदान हुआ

आडवाणी को नमस्कार, शाह को नजरंदाजहालांकि, कांग्रेस के अध्यक्ष और भाजपा के दिग्गजों के बीच दुआ सलामी का आदान-प्रदान हुआ. हालांकि राहुल और भाजपा के बीच तंज कसे गए जो की एक घंटे तक चलता रहा. 12 बजे सदन के स्थगित होने के बाद  राहुल गाँधी सदन से निकल गए. जैसे ही राहुल निकल रहे थे वैसे ही अमित शाह ने सदन में प्रवेश किया.  ना ही दोनों ने हाथ मिलाया और ना ही एक दूसरे को नमस्कार किया.

यह पहली बार नहीं है कि राहुल ने संसद में आडवाणी को नमस्कार किया हैं और उनके सेहत के बारे में पूछा हो.  ये पहली बार नहीं हैं आडवाणी ने सदन के विरोध प्रदर्शनों के चलते संसद सत्रों के ना चलने पर चिंता जताई हैं. जनवरी में, संसद पर हमले की 16वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह में राहुल ने आडवाणी को सहारा दे कर  सीट तक पहूँचने में मदद की थी.

सदन के बाहर भी राहुल बीते समय में उनके साथ बातचीत करने के लिए जाते रहे हैं. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, और राहुल के बीच सार्वजनिक बातचीत के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता हैं. एक दुसरे को बिना नमस्कार किए या बिना हाल चाल पूछे निकल जाते हैं.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :-

  • राहुल गाँधी का सदन में 10 मिनट पहले पहुंचना.
  • आडवाणी को नमस्कार करना उनके सेहत के बारे में पूछना.
  • सदन स्थगित होते ही राहुल का निकलना.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here