अगले साल तक भारत के पास होगा बिना पायलट चलने वाला फाइटर जेट तैयारी लगभग पूरी हुई. भारत अब अपना पहला पायलट रहित लड़ाकू विमान बनाने की दहलीज पर पहुँच चुका है.  10 साल से अधिक समय से घातक नाम का यह प्रोजेक्ट गोपनीय रूप से चल रहा था.  इसका प्रोटोटाइप स्विफ्ट अपनी तैयारी के अंतिम चरण में है. डीआरडीओ के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, इसकी पहली परीक्षण उड़ान मार्च 2019 तक पूरी कर ली जाएगी. फिर यह अपने व्यावसायिक उत्पादन के लिए तैयार हो जाएगा.

बिना पायलट चलने वाले फाइटर जेट में युक्त तकनीक

डीआरडीओ और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी इस परियोजना पर एक साथ काम कर रही हैं.  एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने घातक के एयरफ्रेम को डिजाइन करने में कानपुर के आईआईटी संस्थान की मदद ली है. बिना पायलट चलने वाला फाइटर पूरी तरह से देश में ही तैयार किया जा रहा है.  इसकी शुरुआती डीजाईन तैयार हो गए हैं, इनमें से एक को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसका डिजाइन स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लेस होगी.  इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह रडार को चकमा देने में पूरी तरह से सक्षम होगा. इस प्रोजेक्ट में हैदराबाद स्थित लैब ओरेंज (आउटडोर राडार क्रॉस सेक्शन टेस्ट मेजरमेंट फेसिलिटी) की भी सहायता ली गयी है.

ऐसा बताया जा रहा है कि भारत में तैयार किया गया कावेरी इंजन इसमे लगाया जाएगा. डीआरडीओ के प्रमुख अधिकारियो के मुताबिक भारत द्वारा बनाया गया कावेरी इंजन पहले प्रयोगशाला परीक्षण पास नहीं कर पाया था, इसलिए इसमे सुधार के लिये फ्रांस की मदद ली जा रही है.

अन्य तथ्य

हमारे हल्के लड़ाकू विमान तेजस की डिजाइन तकनीक का उपयोग भी इस प्रोटोटाइप में किया जा रहा है.”घातक” की स्टील्थ तकनीक का उपयोग AMKA (एडवांडड माडल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) में भी किया जाएगा. 2016-17 के बजट में 231 करोड़ रूपये के घातक के डिजाइन एवं इसमे प्रयुक्त की जाने वाली एडवांसड टेक्नोलॉजी के विकास के लिये मंजूर किये गए थे. पीएमओ कार्यालय इस परियोजना पर गहरी नजर रखे हुए है. इस के लिये बनाई गई हाईवेल्ट कमेटी प्रधान मंत्री कार्यालय को इस पूरी परियोजना के बारे में सटिकता से रिपोर्ट दे रही है.

इस तकनीक का सफल प्रयोग दुनिया ने उस समय देखा था जब ब्रिटेन ने अफगानिस्तान पर पहला हमला किया था, जबकि इसके ऑपरेटर अपने ही देश में बैठे हुए थे. देश के लोग बड़ी उत्सुकता से बिना पायलट चलने वाला फाइटर जेट के वायू सेना के बेड़े में शामिल होने का इन्तजार कर रहे है.

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