अरविंद केजरीवाल के प्रस्ताव को राज्यपाल ने किया खारिज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि राशन को घर घर तक पहुंचाने के प्रस्ताव को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने खारिज कर दिया. दिल्ली सरकार ने छह मार्च को एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें लाभार्थियों को उनके घर पर राशन के पैकेट पहुंचाने का प्रावधान था. यह आपूर्ति एक निजी कंपनी द्वारा की जानी थी.

मंजूरी के लिए प्रस्ताव को उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा गया था. केजरीवाल ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, “बहुत बुरा हुआ, घर घर राशन पहुंचाने की योजना को माननीय उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया. मैंने उनसे कोई भी फैसला लेने से पहले औपचारिक बैठक करने का लगातार अनुरोध किया था  लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. वास्तव में बहुत दुखी हूं कि इतना महत्वपूर्ण प्रस्ताव राजनीति की भेंट चढ़ गया.” क्या वाकई केजरीवाल इससे इतने दुखी है.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इससे पहले कहा था

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इससे पहले कहा था कि वरिष्ठ अधिकारी राशन को घर घर पहुंचाने की योजना को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं. राशन को घर घर पहुंचाने की यह योजना राशन माफिया पर विराम लगा देगी.

दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिनिधियों ने शहर में चल रहे सीलिंग अभियान का समाधान निकालने के लिए बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त निगरानी समिति के सदस्यों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “मंत्रियों के साथ तीनों दलों को प्रतिनिधियों ने सर्वोच्च न्यायालय निगरानी समिति से मुलाकात की और इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने तक सीलिंग रोकने का आग्रह किया.”

क्या इससे दिल्ली की जनता को भी आघात लगेगा. जो की इस आस में लगाए बैठे थे की उन्हें राशन घर-घर तक भेजवाया जाएगा या सरकार द्वारा दिया जाएगा. राज्यपाल के इस खारिजनामे से इतना तो है की दिल्ली की जनता ना खुश भी हुईं होगी और हताश भी.

प्रमुख बिंदु:-

  • केजरीवाल के प्रस्ताव को राज्यपाल ने किया खारिज.
  • ट्वीट कर केजरीवाल ने कहा बहुत बुरा हुआ.

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