भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को आखिरकार भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) की तरफ से राहत मिल गई है. पत्नी हसीन जहां के साथ चल रहे विवाद और उन पर लगे तमाम आरोपों के बीच बीसीसीआई ने अब शमी को क्लीन चिट दे दी है और उन्हें केंद्रीय अनुबंध देने का भी फैसला ले लिया है. गौरतलब है कि शमी-हसीन का पूरा विवाद जिस दिन शुरू हुआ था उसी दिन बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के ग्रेड व अनुबंध तय किए थे लेकिन शमी का उसमें कहीं नाम नहीं था.

 

बीसीसीआई मोहम्मद शमी को ‘ग्रेड-बी’ का वार्षिक रिटेनरशिप कॉन्ट्रेक्ट दे रहा है

बीसीसीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा गठित की गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर व बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के प्रमुख नीरज कुमार को बीसीसीआई एंटी करप्शन कोड के तहत शमी मामले की जांच करने के लिए कहा था. श्री नीरज कुमार ने सीओए को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट के आधार पर सीओए का मानना है कि बीसीसीआई एंटी करप्शन कोड के तहत इस मामले में शमी पर किसी जांच या सुनवाई की जरूरत नहीं है. इसको देखते हुए बीसीसीआई मोहम्मद शमी को ‘ग्रेड-बी’ का वार्षिक रिटेनरशिप कॉन्ट्रेक्ट दे रहा है.

ग्रेड-बी में आने वाले खिलाड़ियों का अनुबंध 3 करोड़ रुपये का है. गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला से जब इस मामले में सवाल पूछे गए थे तो उन्होंने कहा था कि बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के प्रमुख नीरज कुमार की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘हमें उसके निजी मसलों से कोई सरोकार नहीं है. कुमार की रिपोर्ट आने पर हम फैसला करेंगे. मामले की जांच चल रही है. नीरज कुमार इसकी जांच कर रहे हैं.’ ऐसे में अब ये भी साफ होता नजर आ रहा है कि शमी आईपीएल में भी खेलते नजर आएंगे जिसको लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई थी.’

शमी की पत्नी हसीन जहां ने तमाम आरोपों के बीच ये आरोप भी लगाया था कि दक्षिण अफ्रीका दौरे से लौटते वक्त शमी दुबई में रुके थे और वहां उन्होंने पाकिस्तानी लड़की अलिश्बा से मुलाकात की थी. शमी की पत्नी ने ये भी आरोप लगाया था कि उनके अलिश्बा से नाजायज रिश्ते हैं. इस बारे में बाद में शमी ने सफाई भी थी कि अलिश्बा से दुबई में मिले थे.

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