"अगर पृथ्वी पर जीवन के पैदा होने का समय सही है तो ब्रह्मांड में ऐसे तमाम तारे होने चाहिए जहां पर जीवन होगा. इनमें से कुछ तारामंडल धरती के बनने से 5 बिलियन साल पहले पैदा हो चुके होंगे."अपने समय के महानतम वैज्ञानिक श्री स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) का हाल ही में ७६ वर्ष की आयु में निधन हो गया. बताया जाता है की वे ५५ वर्ष पहले, जब वे मात्र २१ वर्ष के थे तब amyotrophic lateral sclerosis नामक बीमारी से ग्रस्त हो गए थे.  यंहा तक की आँखों की पुतलियो एवं उंगलीयो में मामूली क्रियाशीलता को छोड़कर वे पुरी तरह से अपाहिज हो चुके थे.  लेकिन उन्होने हिम्मत हरने के बजाय अपनी अपाहिजता को ही अपनी ताकत बना लिया.  विज्ञान जगत उनकी की गयी खोजो पर फुला नही समाता है.  उन्होने कई विषयो पर अपनी बेबाक राये रखी. भगवान, एलियंस, और पृथ्वी के अंत के समय को लेकर उनकी राय हमेशा लोगो के कोतुहल एवं जिज्ञासा का विषय रही है.

एलियंस लाइफ के बारे में वे क्या सोचते थे

अपने प्रसिद्ध लेक्चर ‘लाइफ़ इन द यूनिवर्स’ में भविष्य में मनुष्यों एवं एलियन्स के बीच मुलाकात को लेकर अपनी राय प्रस्तुत की थी  जिसमे वे कहते है की “अगर पृथ्वी पर जीवन के पैदा होने का समय सही है तो ब्रह्मांड में ऐसे तमाम तारे होने चाहिए जहां पर जीवन होगा. इनमें से कुछ तारामंडल धरती के बनने से 5 बिलियन साल पहले पैदा हो चुके होंगे.”

“ऐसे में गैलेक्सी में मशीनी और जैविक जीवन के प्रमाण तैरते क्यों नहीं दिख रहे हैं. अब तक कोई पृथ्वी पर कोई क्यों नहीं आया और इस पर कब्जा क्यों नहीं किया गया. मैं ये नहीं मानता कि यूएफओ में आउटर स्पेस के एलियन होते हैं. मैं सोचता हूं कि एलियन का पृथ्वी पर आगमन खुल्लमखुल्ला होगा और शायद हमारे लिए ये अच्छा नहीं होगा.”

“ब्रह्मांड में जीवन तलाशने के लिए सेती नाम का एक प्रोजेक्ट हुआ करता था. ये प्रोजेक्ट रेडियो तरंगों को स्कैन करता था ताकि हम किसी एलियन सभ्यता से आता संदेश हासिल कर सकें. मुझे लगता है कि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाना चाहिए था. पैसे की कमी की वजह से ये प्रोजेक्ट बंद हो गया.”

“लेकिन इस तरह मिले किसी भी संदेश का जवाब देते समय हमें सचेत रहना चाहिए. हमें थोड़ा और विकसित होने तक इंतज़ार करना चाहिए. हमारे वर्तमान स्वरूप में किसी आधुनिक सभ्यता से हमारी मुलाकात अमरीका के असली बाशिंदों रेड इंडियन और कोलंबस के बीच मुलाकात जैसी होगा. मुझे नहीं लगता है कि रेड इंडियनों को कोलंबस के साथ मुलाकात से फ़ायदा हुआ था.”

भगवान के अस्तित्व के विषय में हॉकिंग (Stephen Hawking) का क्या कहना था

भगवान के अस्तित्व के विषय में हॉकिंग (Stephen Hawking) का कहना था की” सृष्टि के निर्माण का श्रेय भगवन को न जाकर गुरत्वाकर्षण के नियमो को जाता है. उनका कहना था की गुरुत्वाकर्षण वो नियम है जिसकी वजह से ब्रह्मांड अपने आपको शून्य से एक बार फिर शुरू कर सकता है और करेगा भी. ये अचानक होने वाली खगोलीय घटनाएं हमारे अस्तित्व के लिए ज़िम्मेदार हैं. ऐसे में ब्रह्मांड को चलाने के लिए भगवान की ज़रूरत नहीं है.”

महान होने के लिये आस्तिक होना कोई शर्त नहीं है.  नास्तिक होते हूऐ भी हॉकिंग (Stephen Hawking) ने दुनिया के लिए जो किया वो प्रेरणादायक है. भाग्य ने बहूत ही कम उम्र में उनसे शारीरिक सामर्थ्य छीन लिया था. चाहते तो वे अपनी अपाहिजता को दोष देकर, भाग्य को दोष देकर एक तरफ बैठ सकते थे पर उन्होने ऐसा करने के बजाय अपनी अपाहिजता को ही अपनी ताकत बना लिया की आज संसार उनकी उपलब्धियों पर नाज करता है.

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