अब मिलेगा भारत-चीन सीमा पर तैनात सैनिकों को पूर्ण वेतन और पेंशनसरकार ने चीन के साथ सटे भारत के Border पर मारे गए या घायल हुए सशस्त्र बलों को पूर्ण पेंशन वेतन देने का निर्णय लिया हैं. यह निर्णय डोक्लम के विरोध के आठ महीने बाद आया हैं, जिसमें भारतीय सेना और पीएलए के सैनिक को चोट लगी थी.

हालांकि,सैनिकों के परिवार पहले 30 प्रतिशत वेतन के हकदार थे. सरकारी अधिकारी ने कहा हैं कि ‘ liberalised family pension ‘ आखिरी रकम का 100 प्रतिशत की अनुमति देता हैं. यह पहले पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए ही केवल लागू था. सुरक्षा विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का कहना हैं कि यह चीन-भारत सीमा को फैलाने की अलग पहल हैं, सरकार की नयी सुरक्षा पर ध्यान देने के भी संकेत हैं. क्या इससे सुरक्षा बलों के मनोबल और उनके साहस को और बढ़ावा मिलेगा या नहीं?. आखिर सरकार ने उनके हित के बारे में सोचा तो सही.

न केवल सुरक्षा को कसने, बल्कि सैनिकों के मनोबल को बढ़ावा देना के लिए भी ये एक अच्छी पहल हैं

न केवल सुरक्षा को कसने, बल्कि सैनिकों के मनोबल को बढ़ावा देना के लिए भी ये एक अच्छी पहल हैं. हालांकि, 2017 जून से पूर्वव्यापी वेतन के साथ निर्णय को लागू करने की सेना की मांग को खारिज कर दिया गया हैं.क्या इस पहल से सुरक्षा बलों के परिवार जनों को एक नयी आशा की किरण मिलेगी या नहीं?. जरुर मिलेगी सरकार ने ‘देर आये दुरस्त आये’ तो सोचा सुरक्षा बलों के बारे में.

Defence Minister की  notification का कहना हैं 7 मार्च से फैमिली पेंशन स्कीम को लागू कर दिया जाएगा. ये नयी सोच हैं इससे कितनी मदद मिलेगी सुरक्षा बलों को ये आने वाला समय बताएगा.पर इतना तय हैं. हम सुरक्षा बलों के निष्ठा को उनके काम का कभी भी सुक्रियादा नहीं कर पर पाएंगे. जब हम सोते हैं तो वों सीमा पर हमारी रक्षा में हमेसा तैनात रहते हैं. ताकि हमारी नींद चैन से हों सके. हम सो सके.

प्रमुख बिंदु हैं:

  • भारत चीन सीमा पर तैनात सैनिकों को मिलेगा पूर्ण वेतन.
  • सैनिकों और उनके परिवार वालों को मिलेगा सहयोग.

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