भारत का विदेशी मुद्रा  भंडार 420.76 अरब डॉलर देश का विदेशी मुद्रा भंडार दो मार्च को समाप्ति पर 16.78 से करोड़ डॉलर बढ़कर 420.76 अरब डॉलर हो गया. इससे पहले 23 फरवरी को समाप्त हुये सप्ताह में ये से 1.13 अरब डॉलर घटकर 420.69 अरब डॉलर था. रिजर्व बैंक के आज जारी आंकड़ों के अनुसार. 2 मार्च को समाप्त हुये सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में 17.72 करोड़ डॉलर की बढोतरी हुई और यह 395.64 अरब डॉलर हो गया.

स्वर्ण भंडार 81 लाख डॉलर से  बढ़कर 21.52 अरब डॉलर पर रहा

स्वर्ण भंडार 81 लाख डॉलर से  बढ़कर 21.52 अरब डॉलर पर रहा. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 1.01 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 2.06 अरब डॉलर पर तथा विशेष आहरण अधिकार 74 लाख डॉलर डॉलर घटकर 1.52 अरब डॉलर पर रह गया. रिपोर्ट की माने तो जहाँ और देश की अर्थव्यवस्था धीमे गति से आगे चल रहीं हैं. वहीं भारत की अर्थव्यवस्था की गति दिन दूना रात चौगुना आगे की तरफ बढ़ती जा रहीं हैं. ये हैं भारत की पहचान विश्व मंच पर.

ये तो बस अभी सुरुवात हैं कहते हैं पिक्चर अभी बाकी हैं मेरे दोस्त.तो आगे आगे देखते जाइए होता हैं. समय से बलवान कुछ भी नहीं होता और ये रिपोर्ट से जाहिर होता हैं भारत अपनियो अलग पहचान बनाना चाहता हैं.क्यों ना हों आखिर हर देश अपनी वैश्विक मंच पर अपना अलग पहचान बनाना चाहता हैं.ये युग हैं भारत का ये युग हैं उपलब्धि का.

क्या ये सच नहीं भारत हमेशा अपनी अर्थव्यवस्था में उलझा रहा हैं.लेकिन अब ऐसा लग रहा हैं भारत भी अपने पुराने अतीत को भूलकर एक नए अध्याय की सुरुवात कर रहा हैं.इससे भारत की विश्व मंच पर पहचान बढ़ेगी.हम होंगे कामयाब एक दिन. मन में हैं विश्वास पूरा हैं विश्वास.इससे भारतवासियों को नयी उम्मीद नयी उर्जा का संचार हुआ हैं.ये भारत हैं. हम सबका हम सबको इसके विकाश पर गर्व हैं.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:-

  • विदेशी मुद्रा भंडार 16.78 करोड़ डॉलर बढ़ा.
  • और देश की अर्थव्यवस्था धीमी हैं.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here