भारतीय महिलाओं के बोल्ड स्टेप्स जो सिर्फ वीमेन एम्पावरमेंट के लिए थे
भारतीय महिलाओं के बोल्ड स्टेप्स जो सिर्फ वीमेन एम्पावरमेंट के लिए थे

भारतीय महिलाओं को हम हर मायने में कम समझते है कम आंकते है उनके बारे में. लेकिन भारतीय महिलाओं के बोल्ड स्टेप्स क्या आपने कभी देखने है. जी हाँ सही मायने में कहा जाए तो भारतीय महिलाओं ने इतिहास की बात करें या आज की हर तरह से अपने अस्तित्व के लड़ी है और जितने में महारथ उनके जैसे किसी ने नहीं पाया. वीमेन एम्पावरमेंट की बात ही क्यूँ ना कर ले, हर तरफ जीत का परचम लहराने में आगे रही है. हम आज ऐसे ही भारतीय महिलाओं के बोल्ड स्टेप्स की बात करेंगे जो वीमेन एम्पावरमेंट के लिए थे.

  1. Me Too :-
    हम भारतीय महिलाओं के ही बारे में क्यूँ पुरे विश्वा में ही क्यूँ ना देख ले,अपने बोल्ड स्टेप्स के लिए अपनी जिंदगी अच्छे और इंडिपेंडेंट रूप से जीने के लिए आज हर तरफ से अगर परेशान किया जा रहा है तो वो आगे आकर इसका विरोध करती है तरीका कुछ भी हो सकता है इसमे कुछ गलत नही है और क्यूँ हो अपनी आजादी को लेकर कौन नही लड़ता?. वीमेन एम्पावरमेंट आज अगर जीवंत है तो ऐसे ही नारियों की वजह से. Alyssa Milano जो की सोशल मीडिया अकाउंट में मी टू जैसे कैम्पेन को बढ़ावा देती है.
  2. Free The Nipple :-

    इस कैम्पेन की बात करें तो इस कैम्पेन के द्वारा भारतीय महिलाओं को आजादी,सुरक्षा,समानता को दिया जाता है. सलोनी चोपरा पहली महिला कलाकार थी जिन्होने इस कामपैन में हिस्सा लिया था. बोल्ड स्टेप्स अगर वीमेन एम्पावरमेंट को बढ़ावा देने के लिए इसमे हर्ज क्या है. भारतीय महिलाओं को अपनी सुरक्षा कायम रखने का पूरा अधिकार है.
    सलोनी की मैसेज की बात करें तो उनका कहना था “महिलाओं को अपने अपने सेक्सुअलिटी को लेकर खुले विचार से सोचने की पूरी इजाजत है. उनका ये भी कहना था की अगर पुरुष शर्ट खोलकर रोड पर घूम सकते है कही भी जा सकते है तो महलाएं ऐसा क्यूँ नही का सकती. क्या ये इतना बुरा होगा की  भारतीय महिलाओं और लड़कियों की अगर ब्रा की भी स्ट्राप दिख जाए तो हंगामा हो जाता है. क्या इसकी गिनती बोल्ड स्टेप्स में होगी?. अगर वीमेन एम्पावरमेंट हो सकता है तो वीमेन एम्पावरमेंट क्यूँ नही हो सकता.

  3. चैलेंज जो बिन ब्लाउज के:-

    भारतीय महिलाओं के लिए एक ऐसा कैम्पेन जिसका नाम नाम था “थे साड़ी फेस्टिवल नो ब्लाउज प्लीज चैलेंज”. हजारों महिलाओं ने बिन ब्लाउज के साड़ी पहेनकर फोटोज ली और सोशल साइट्स पर डाली. ये भी एक तरीका था वीमेन एम्पावरमेंट को बढ़ावा देने का.

  4. लिपस्टिक का विरोध :-
    आप जानते हो या ना जानते हो हम आपको बताने जा रहे है “लिपस्टिक अंडर माई बुरखा” जो फिल्म आई थी कितनी मुश्किलों के बाद रिलीज़ हुई थी. इस समय अंतराल में इस फिल्म के स्टार कास्ट ने केम्पेन की शरुआत की थी. वीमेन एम्पावरमेंट के उदहारण के तौर पर दिखाया गया है. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धम्माल किया था. इसमे ये भी दिखाया गया है कैसे उम्र कोइ मायने नही रखता. हर कोई को किसी ना किसी की जरुरत रहती है.
  5. दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र का विरोध :-
    कारगिल में शहीद हुए कप्तान मंदीप सिंह की बेटी गुरमेहर गौर ने अपने फेसबुक की प्रोफाइल फोटो चेंज जिसमे लिखा हुआ था “मै डेल्ही यूनिवर्सिटी की छात्रा हू और ABVP से नही डरती और साथ ही ये भी कहा देशवासी मेरे साथ है. ये भारतीय महिलाओं के लिए वीमेन एम्पावरमेंट से किसी भिमय्ने में कम नही है. इसे आप बोल्ड स्टेप्स भी कह सकते है. हर किसी के बस की बात नही की ऐसा कोई खुले में विरोध कर सके. भारतीय महिलाओं के बोल्ड स्टेप्स हमेशा से कारगर रहे है.
  • प्रमुख बिंदु :-
    जाने क्या है भारतीय महिलाओं के बोल्ड स्टेप्स?.
  • क्या है वीमेन एम्पावरमेंट?.

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