भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने लिया एक और बड़ा फैसला ?100 सबसे प्रदूषित शहरों के लिए केंद्र ने एक दिर्घकालिक रणनीति के माध्यम से इस खतरे से निपटने के लिए जलवायु कार्यक्रम (एनसीएपी) तैयार किया हैं. यह कार्यक्रम मुंबई, कोलकाता, पुणे, नागपुर, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और चंडीगढ़ सहित कई शहरों में विभिन्न प्रदुषण मानको पर विशिष्ट समय-रेखाओं के साथ लक्ष्य उन्मुख दृष्टिकोण के साथ शुरू किया गया है.

पिछले महीने टोयोटा द्वारा दी गयी रिपोर्ट में इस कार्यक्रम के तहत, पर्यावरण मंत्रालय अगले तीन सालों में वायु प्रदूषण में 35% कमी और अगले पांच सालों में 50% तक कमी करने का लक्ष्य बना रही हैं. ताकि देश भर में कम से कम 100 जाने-माने शहरों में प्रदुषण कम किया जा सके. आरटीआई के तहत ग्रीनपीस इंडिया द्वारा प्राप्त की गयी जानकारी के अनुसार, विभिन्न स्रोतों द्वारा प्रदूषण से निपटने की बात  कही गयी हैं. ये कार्यक्रम परिवहन, उद्योग, आवासीय और कृषि क्षेत्रों में हो रहे प्रदुषण की रोकथाम में भी सहायक होगी.

एनसीएपी के तहत सभी 100 शहरों में वायु प्रदूषण में कमी लाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक प्रभावी बहुस्तरीय प्रयास

एनसीएपी के तहत सभी 100 शहरों में वायु प्रदूषण में कमी लाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक प्रभावी बहुस्तरीय संस्थागत रूपरेखा स्थापित करने के बारे में भी चर्चा की गयी हैं. हालांकि सरकार ने पहले ही दिल्ली के लिए एक विस्तृत कार्य योजना (सीएपी) की अधिसूचि दी थी. यह जल्द ही औपचारिक रूप से शेष शहरों के लिए राष्ट्रीय योजना तैयार करने में सहायक होगा. ये योजना दीर्घकाल के लिए भी मददगार साबित होगी.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, “सरकार ने देश भर में वायु प्रदूषण की समस्या को व्यापक तरीके से निपटाने के लिए लंबी अवधि के राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के रूप में एक अलग एनसीएपी तैयार की हैं”. राज्यसभा में एक सांसद के प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री ने सोमवार को अपने लिखित उत्तर में कहा, “एनसीएपी का एकमात्र उद्देश्य वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण, और कमी के लिए व्यापक प्रबंधन योजना बनाना हैं, इसके अलावा प्रभावी परिवेश ,वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं”.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:-

  • 100 शहरों के लिए सरकार की दीर्घकालिक रणनीति.
  • तीन सालों के लिए 35% जबकि 5 सालों के लिए 50% की कमी का लक्ष्य.
  • पर्यावरण मंत्री का दावा अलग एनसीपी का होगा गठन.

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