ब्राह्मणों की नज़रअंदाजी पड़ सकती भारी – 2019 में बढ़ेगा NOTA का प्रतिशत

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ब्राह्मणों की नज़रअंदाजी पड़ सकती भारी - 2019 में बढ़ेगा NOTA का प्रतिशत
2019 mai badhega nota ka pratishat

उत्तर प्रदेश में 2014 के चुनाव के बाद पहली बार विधान सभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में एवीएम मशीन की माने तो रोचक तथ्य सामने आई है. क्या है NOTA?. जिसकी मदद से मदद से रोचक तथ्य सामने आई उसमे एवीएम मशीन में मौजूद नोटा का अभिन्न योगदान है. NOTA का शाब्दिक अर्थ होता है इनमे से कोई नही. 2014 में सारे उम्मेदवारों को डर किनार करने के साथ-साथ ये सारे अधिकार मतदातओं को दिया गया था.

अलग-अलग राज्यों में नोटा का क्या रहा प्रतिशत :-

बात अगर अलग-अलग राज्यों की करें तो महाराष्ट्र में ये सबसे कम 0.91 प्रतिशत है. बिहार में ये सबसे अधिक 2.48 प्रतिशत है. वही असाम में ये 1.1 प्रतिशत है. केरल में 0.5 प्रतिशत तक है. दक्षिण भट के तमिल नाडु में 1.3 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में ये 1.5 प्रतिशत रहा है नोटा का. बुद्धजीवी का ये मानना है की नोटा को हलके में बिलकुल नही लेना चाहिए. उनका आगे कहना था इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को नोटा के परिणाम को हलके में नही लेना चाहिए.

ब्राह्मणों की नज़रअंदाजी पड़ सकती भारी - 2019 में बढ़ेगा NOTA का प्रतिशत
2019 mai badhega nota ka pratishat

 

जानकारी की माने तो इससे पहले उम्मीदवारों के पास NOTA जैसा विकल्प के तौर पर नही था. लेकिन समय के मांग और एक विकल्प के तौर पर अब लोग उम्मीदवारों को नोटा देकर हरा भी सकते है. रिपोर्ट की माने तो हाल ही में उत्तर प्रदेश चुनाव के समय छोटे पार्टियों का विलय बड़े पार्टियों में हुआ. दोनों दलों का अपना वोट बैंक था. ऐसे में नाखुश मतदाताओं के लिए नोटा के नए विकल्प के रूप में साबित हुआ.

नोटा का लोकतंत्र में कितना है महत्व :-

प्रोफेसर कविराज की माने तो लोकतंत्र में अभी कमजोर है NOTA. उनका कहना था इस समय में केवल लोग भड़ास निकाल सकते है. उनका कहना था यदि किसी विधासभा सीट पर नोटा जीतता है तो दुसरे स्थान पर रहा प्रत्याशी विजेता बनता है. ऐसे में ये मानने में कोई संदेह नही है की प्रत्याशी को अधिकतर लोग पसंद नही करते है. इसलिए नोटा को अगर बढ़ावा देना है तो सभी को चुनाव लड़ने पर रोक लग जाए. कविराज ने कहा तब कही जाकर नोटा का असली फायदा हो सकेगा. क्या चुनाव लड़ना बंद होना चाहिए या नही?. अगर नोटा को आगे लाना है और पुरे समाज,देश में इसको जागृत करना है तो नोटा के बारे में सबको बताना होगा.

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