बीएस-4 और बीएस–6 : 4 बातें जो जानने योग्य है
बीएस-4 और बीएस–6 : 4 बातें जो जानने योग्य है

बीएस का अर्थ है भारत स्टेज. बात गर इसके संबंध की करें तो इसका संबंद स्पष्ट रूप से उत्सर्जन से है. भारत की बात करें तो बीएस-4 और बीएस-6 के बारे हम आपको आज 5 बाते बताने जा रहे है. भारत स्टेज उत्सर्जन मानक आतंरिक दहन इंजन तथा स्पार्क इंजन  से उत्सर्जित वायु उपकरण को विनायमित करने में मानक सिद्ध होते है. ये मानक भारत सरकार के पर्यावरण,जल,वायु परिवर्तन के अंतर्गत केन्द्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय किये जाते है. आइए जानते है बीएस-4 और बीएस-6 के 4 जानने योग्य बातें.

अब पुरे देश मियो यातायात इंधन की बाते करें अभी बीएस-4 इंधन मानक लागू है. अब सरकार द्वारा बीएस-4 से सीधे अन्तराष्ट्रीय रूप से बीएस-6 को लागू करने का फैसला 1 अप्रैल 2020 से किया गया है. आखिर बीएस-4 और बीएस-6 में से बीएस-6 को क्यूँ माना सरकार ने उचित?. अगर बात करें विभिन्न तेल संसोधन कंपनी की तो अलग अलग कंपनी बीएस-4 और बीएस-6 में से बीएस-4 में निवेश कर रही है.

क्या हुए बीएस-6 में उपेछित बदलाव :-

  1. इसके तहत कारों,बसों,ट्रक पर भी फ्लिटर लगाना अनिवार्य हो जाएगा.
  2. बीएस-6 के लिए विशेष प्रकार के डीजल पेर्तिकुलेत फ़िल्टर लगाने की आश्यकता होगी. इसके लिए वहां के बोनट के अंदर अधिक स्थान की जरुरत पड़ेगी.
  3. नाइट्रोजन के ऑक्साइड को फ़िल्टर करने के लिए सेलेक्टिव केतेलितिक रिडक्शन भी बीएस-6 में अनिवार्य शर्त है.
  4. SCR तकनीक में अमोनिया का प्रयोग किया जाता है,इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर अमोनिया के भण्डारण के लिए अवसंरचना जरुरी होगी.

देश में वायु प्रदुषण की समस्या से नियंत्रण पाने के लिए बीएस मनको को गंभीरता से पालन करना होगा. इससे सबसे अच्छे चीज जो निकलकर आएगी की वायु प्रदुषण के रोकथाम में ये बीएस सहायक सिद्ध होगी. बीएस-4 और बीएस–6 में सहायक सिद्ध होने की बात करें तो बीएस–6 आने वाले समय में हमारे वातावरण के लिए हमारे वायु प्रदुषण को रोकने में फलदायी सिद्ध होगा.

प्रमुख बिंदु :-

  • बीएस-4 और बीएस-6 की 4 बातें जानने योग्य.
  • आने वाले समय में होगा सहायक सिद्ध.

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