भारत ने 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना खाता खोल लिया है. वेटलिफ्टर गुरु राजा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 56kg मेंस में 249kg (स्नैच में 111 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 138 किग्रा)का वेट उठाया और इस केटेगरी में सिल्वर मेडल जीता. कॉमनवेल्थ गेम्स की शानदार ओपनिंग सेरेमनी के बाद बुधवार को पहले दिन भारत को तीसरे इवेंट में मेडल मिला. इससे पहले महिला हॉकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था. भारत की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू करोड़ों देशवासियों की उम्मीदों पर खरीं उतरी हैं. वे ऑस्ट्रेलिया में चल रहे कॉमनवेल्थ खेलों के महिला वेटलिफ्टिंग के इस वर्ग में के 48kg के वेट को उठाकर गोल्ड मैडल देश के नाम कर दिया.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत को मिलने वाला पहला गोल्ड मैडल

यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को मिलने वाला पहला गोल्ड मैडल है. इससे पहले वेटलिफ्टिंग में गुरुराजा ने भारत को सिल्वर मैडल जिताया था. मीराबाई चानू ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों ही वर्गों में सबको पीछे छोड़ कॉमनवेल्थ खेलों में नया रिकॉर्ड बना दिया है. मीराबाई को लेकर शुरु से ही बातें चल रहीं थी उनसे देश को काफी उम्मीदें भी थी जिनपे वे खरीं उतरी हैं और उन्होंने गोल्ड मैडल देश के नाम कर दिया है.

48 किग्रा वेटलिफ्टिंग महिला वर्ग में मलेशिया की रैनाइवोसोआ मैरी सेकंड नम्बर पर सिल्वर मैडल तथा श्रीलंका की गोम्स दिनुषा तीसरे नम्बर पर आकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. मलेशियाई खिलाड़ी ने कुल 170 kg, तो वहीं श्रीलंका की गोम्स ने 155 kg का वेट उठाया. तो वहीं अपनी मीरबाई चानू ने 196 किग्रा वजन उठाकर यह सुनिश्चित कर दिया कि भारत में अब गोल्ड को ले जाने से कोई नहीं रोक सकता है,और गोल्ड मैडल देश के नाम कर दिया.

सबको पीछे छोड़ा मीराबाई ने

अन्य दो खिलाडीयों ने भी मीराबाई को टक्कर देने का पूरा प्रयास दिया पर मीराबाई चानू ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों ही वर्गों में सबको पीछे छोड़ दोनों ही कैटेगिरी में रिकॉर्ड स्कोर किया. उन्होंने स्नैच वर्ग के 3rd राउंड में 86 kg वेट उठाया और क्लीन एंड जर्क के 3rd राउंड  में  110 kg वेट उठा दिया और गोल्ड मैडल देश के नाम कर दिया.

शायद ही आपको पता हो पर मीराबाई चानू ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था. कॉमनवेल्थ  का पहला दिन भारतीय वेटलिफ्टरस के लिए काफी अच्छा रहा. चानू से पहले भारतीय वेटलिफ्टर गुरुराजा ने सिल्वर मैडल जीतकर भारत के लिए मैडल का खाता खोला था. उन्होंने 56 kg की मेंस कैटेगरी में सिल्वर जीता.

दो बार अपना ही रिकार्ड तोड़ा

सिखोम मीराबाई चानू ने स्नैच की पहली कोशिश में 80 किग्रा वजन उठाकर अगस्तानिया का रिकॉर्ड तोड़ा फिर दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा. इसके बाद तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर नया माइलस्टोन सेट किया. और गोल्ड मैडल देश के नाम कर दिया. 48 किग्रा कैटेगरी में कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड पहले भारत की ही अगस्तानिया नुवाकोलो का था, उन्होंने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में स्नैच में 77 किग्रा, जबकि क्लीन एंड जर्क में 98 किग्रा वजन उठाया था और गोल्ड मैडल देश के नाम किया था.

मीराबाई चानू

सिखोम मीराबाई चानू को उनके शानदार खेल के लिए कुछ दिन पहले ही पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था. मणिपुर के इंफाल ईस्ट की रहने वाली हैं. चानू ने इससे पहले अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2017 में कैलिफोर्निया के अनाहाइन में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में किया था. वहां मीरा ने 194 किग्रा (स्नैच में 85 और क्लीन एंड जर्क में 109) का वजन उठाकर गोल्ड जीता था.  2015 में इन्होने रेलवे ज्वाइन किया था और अब ये सीनियर टिकट कलेक्टर की पोस्ट पर हैं.

इनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 

  • ग्लासगो में भी 48 किग्रा कैटेगरी में सिल्वर जीता.
  • वर्ल्ड चैम्पियन बनने वालीं दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर हैं.
  • 2011 इंटरनेशनल यूथ चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता था.
  • कैलिफोर्निया के अनाहाइन में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 194 किग्रा (स्नैच में 85 और क्लीन एंड जर्क में 109) का वजन उठाकर गोल्ड जीता था.

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