4 अप्रैल से शुरू होने वाले ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हो गया है. भारत से भी 217 खिलाडी इसमें हिस्सा लेने गए हुए हैं. इसमें गगन नारंग, साईना नेहवाल, सुशील कुमार, पीवी सिंधु जैसे अनुभवी ख़िलाड़ी भी गये हुए हैं. भारत को इनसे गोल्ड की पूरी-पूरी उम्मीद है. इन्ही के साथ साथ कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका प्रदर्शन दिन पर दिन अच्छा होता जा रहा  है जिनमे वो काबिलियत है जिनसे हम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की उम्मीद कर सकतें हैं. इस लिस्ट में कई नाम आते हैं जैसे इसी साल शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली मनु भाकर और तैराक श्री हरि नटराज जैसे खिलाडी शामिल है.

भारत की ओर से जहाँ 44 साल के फरमान है तो वहीं 15 साल के अनीश ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लिया है

अनीश ने इस साल जूनियर शूटिंग वर्ल्डकप गोल्ड जीता है उनकी उम्र सिर्फ अभी 15 साल ही है. अनीश हरियाणा से हैं. अब उनसे गोल्ड कोस्ट में भी भारत को मैडल दिलाने की उम्मीद है. वहीं, कर्नाटक के पैरा वेटलिफ्टर फरमान बाशा उम्र में सबसे ओल्ड एथलीट हैं. 44 साल के फरमान ने 2010 में एशियन पैरा-गेम्स में सिल्वर पदक जीता था.

आज हम आपको बताना चाहते हैं कि इन अनजान चेहरों मैं वो कौन हो सकता है जिनसे भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स मैडल लाने की उम्मीद की जा सकती है.

मनु भाकर (शूटिंग)   

इनका प्रदर्शन कैसा है

16 साल की मनु भाकर हरियाणा की हैं. ये रेसलिंग और बॉक्सिंग दोनों के लिए काफी फेमस हैं.इन्होने 2017 में राष्ट्रीय खेलों में 9 पदक जीते थे. ये कई ऐसी प्रतियोगिताओं में हिना सिद्धू को भी अपने पीछे छोड़ चुकी हैं. इन्होने 2018 के शूटिंग वर्ल्डकप में भी गोल्ड जीता था.

आखिर क्यों हैं इनसे गोल्ड की उम्मीद

2018 की विश्व चैंपियशिप में 237.5 अंक हासिल कर इन्होने साफ़ कर दिया है की ये किसी से कम नहीं हैं बड़े-बड़े शूटिंग चैंपियंस के साथ इनका भी नाम हम ले सकते हैं. 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने वाली सिंगापुर की तियो सून 198.6 अंक मिले थे तो  2018 रियो ओलिंपिक में झांग मेनझु 199.4 अंक मिले मनु भाकर भी इनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं. उनके दिन प्रतिदिन बड़ते इस प्रदर्शन से लगता है वे अपने प्रदर्शन से ग्लासगो और रियो में बने रिकॉर्ड को तोड़कर गोल्ड जीत सकती हैं.

पूजा ढांढा (रेसलिंग)

इनका प्रदर्शन कैसा है

हमारे देश में सबसे ज्यादा  रेसलिंग चैंपियंस हरियाणा से निकलते है, जब भी हम  रेसलिंग की बात करते हैं तो हरियाणा की कोई ना कोई चैंपियन हे हमे याद आती है, तो हरियाणा में जन्मी 24 साल की पूजा ढांढा ने 2010 में यूथ ओलिंपिक में  सिल्वर पदक अपने नाम किया था, 2014 की एशियन चैंपियनशिप में पूजा ने ब्राॅन्ज पदक जीता था. हालहिं में पूजा ने जानी मानी रेसलर गीता फोगाट को कवालीफायर राउंड में हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स के टिकेट को हासिल कर लिया. वे इस बार 57kg के वर्ग में खेलेंगी.

आखिर क्यों हैं इनसे गोल्ड की उम्मीद

भारत की ओर से पूजा, कनाडा की ओर से एमिली सेफर, मॉरिशस की ओर से नियोलेंसिया जेनावे, न्यूजीलैंड की एना मोसेयावा, आयरलैंड की ओर से सारा मैकडेड और नाइजीरिया की ओर से ओडुनायो अपनी-अपनी दावेदारी देगीं. इन सभी में भारत की पूजा और नाइजीरिया की ओडुनायो सबसे ज्यादा अनुभवी हैं. पूजा ने 2017, पेरिस 55kg में 11वां स्थान तो ओडुनायो ने दूसरा स्थान हासिल किया था. दोनों बहुत ही कुशल रेसलर हैं. ऐसा प्रतीत हो रहा है की दोनों के बीच ही फ़ाइनल होने की सम्भावना है. और पूजा से हमें गोल्ड की उम्मीद.

 अरुणा रेड्‌डी (जिम्नास्टिक)

इनका प्रदर्शन कैसा है

वर्ल्डकप में मेडल जीतने वाली देश की पहली जिम्नास्ट तेलंगाना की अरुणा रेड्‌डी ने मेलबर्न में हुए जिम्नास्टिक वर्ल्डकप में ब्रॉन्ज जीतकर ऑस्ट्रेलिया गोल्ड कोस्ट से मेडल लाने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. वे कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं  22 साल की अरुणा जिम्नास्टिक में आने से पहले ट्रेनर हुआ करती थी. कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले उनकी इस बड़ी जीत के कारण उनके भी हौसले काफी बुलंद हैं. और देश को भी उनसे उम्मीद है.

आखिर क्यों हैं इनसे गोल्ड की उम्मीद

इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रही खिलाड़ियों में अरुणा रेड्‌डी से ऊपर सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की दो खिलाड़ी ही हैं. जिम्नास्टिक की वॉल्ट केटेगरी रैंकिंग में अरुणा का 14वां न. हैं. मेलबर्न में वर्ल्डकप में भारत की अरुणा 13.649 ही ला सकीं वहीँ ऑस्ट्रेलिया की एमिली व्हाइट हेड ने 13.669 अंक हासिल किए थे. यह बहुत ही छोटा सा अंतर है. उन्हें अपने आप से काफी उम्मीद हैं की इस बार वे गोल्ड जीतकर जरुर आयेगीं उनके कोच ने भी उन पर काफी भरोसा दिखाया है.

श्रीहरि नटराज (तैराकी)

इनका प्रदर्शन कैसा है

100m बैक स्ट्रोक में कर्नाटक के श्रीहरी ने अपने नेशनल रिकार्ड में सुधार किया है. इसके पहले उनका नेशनल रिकार्ड 56.99sec था, और इनका खेलो इंडिया में इन्होंने 56.90 सेकंड के समय में निकाला 17 साल के श्रीहरि ने 100 मीटर फ्री-स्टाइल, 50 मीटर बैक स्ट्रोक, 4*100 मेडले रिले, 200 मीटर बैक स्ट्रोक, 100 मीटर बैक स्ट्रोक और 4*100 फ्री-स्टाइल रिले में गोल्ड जीता. 50 मीटर फ्री-स्टाइल में सिल्वर जीता. स्वीमिंग के माइकल फेल्प्स के फैन श्रीहरि से इस बार ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स में कई मेडल जीतने की उम्मीद हम कर सकते हैं.

आखिर क्यों है इनसे गोल्ड की उम्मीद ?

श्रीहरि ने खेलो इंडिया गेम्स में 56.90 सेकेंड का समय निकाला वहीँ 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ में इंग्लैंड क्रिस वॉल्कर ने 53.12 सेकंड का समय निकालकर 100 मीटर बैकस्ट्रोक गोल्ड जीता था. 2016 ओलिंपिक में ग्रेट ब्रिटेन एडम पैटी ने 57.13 सेकंड में गोल्ड जीता था. तो यहाँ पर भी श्रीहरि का यह प्रदर्शन गोल्ड कोस्ट में उन्हें गोल्ड के मजबूत दावेदारों की श्रेणी में खड़ा करता है.

नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो)

इनका प्रदर्शन कैसा है

जूनियर वर्ल्ड कप 2016 में गोल्ड जीतकर हरियाणा के 20 साल के नीरज ने उसी वर्ष साउथ एशियन गेम्स में भी गोल्ड मैडल जीता था. फिर नीरज ने 2017 में ओडिशा के भुवनेश्वर में एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल जीता. जिसके बाद आज उनकी कॉमनवेल्थ गेम्स में दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है.

आखिर क्यों है इनसे गोल्ड की उम्मीद ?

नीरज चोपड़ा ने 2016 में हुए विश्व जूनियर चैंपियनशिप में 86.48 मीटर के जेवलिन थ्रो में भारतीय रिकॉर्ड बनाया था. कॉमनवेल्थ गेम्स में जेवलिन थ्रो का रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के मैरिस कॉर्बेट के नाम पर है. इनके ही पास 1998, कुआलालंपुर गेम्स में 88.75 मीटर का रिकॉर्ड भी है. ऐसे में नीरज ने कहा है की उनके अपने ऊपर पूरा भरोसा है वे किसी से कम नहीं है. उनके कोच ने भी उन पर पूरा भरोसा बताया है उन्होंने कहा हिया की नीरज का प्रदर्शन काफी अच्छा हो गया है. वे हर हाल में अच्छा करेंगे. इस वजा से और ज्यादा नीरज से गोल्ड मैडल जीतने की उम्मीद है, की वे गोल्ड कोस्ट में भी वेहतर से वेहतर करें और भारत की ओर से गोल्ड जीतें.

मेहुली घोष (शूटिंग)

इनका प्रदर्शन कैसा है

पिछले दो साल से मेहुली बेहतरीन फॉर्म में चल रहीं हैं. पश्चिम बंगाल की रहने वाली 17 साल की मेहुली घोष पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगी. इन्होने पिछले साल नेशनल लेवल के इवेंटस में आठ मेडल जीते थे, इसके बाद मेक्सिको में हुई विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल भारत के लिए जीता था. उम्मीद है कि वे इस साल भी गोल्ड जीतकर  अपने फॉर्म को बनाये रखते हुए ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हमारे देश ना नाम ऊँचा करेंगी.

आखिर क्यों है इनसे गोल्ड की उम्मीद ?

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ही अपूर्वी चंडेला ने 206.7 अंक लाकर गोल्ड जीता था तो वहीँ मेहुली ने नेशनल गेम्स में 228.7 अंक के साथ 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में भारतीय रिकॉर्ड बनाया था. उनके इस हालहिं में प्रदर्शन को देखते हुए लग रहा है कि वे इस बार गोल्ड जीतकर भारत का नाम ऊँचा करेंगी.

एस. गणशेखरण (टेबल टेनिस)

इनका प्रदर्शन कैसा है

भारत की ओर से बेल्जियम ओपन जीतने वाले एस. गणशेखरण यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे इंडियन हैं.इन्होने 2016 में बेल्जियम ओपन अपने नाम किया था इनसे पहले अचंत शरत कमल ने बेल्जियम ओपन 2002 में जीता था. बेल्जियम ओपन के बाद 2017 में स्पेनिश ओपन को भी जीत गणशेखरण ने देश का नाम ऊँचा किया. गोल्ड कोस्ट में गणशेखरण से  मेडल जीतने की काफी उम्मीदें हैं. गणशेखरण दुनिया में टेबल टेनिस खिलाड़ीयों में 49वें नंबर पर हैं.

आखिर क्यों है इनसे गोल्ड की उम्मीद ?

गणशेखरण कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन के अनुसार पुरुष खिलाड़ियों की रैंकिंग में तीसरे नंबर पर हैं. पहले नंबर पर कादरी अरूणा और दूसरे नंबर पर पॉल ड्रिंकल हैं. अरूणा ने 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था और ड्रि्ंकल ने 2018 वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज जीता था. ये दोनों खिलाड़ियों ने पिछले छह महीने से किसी भी प्रतियोगिता का फाइनल मैच नहीं जीता है वहीं, गणशेखरण ने 2017 में स्पेनिश ओपन में गोल्ड जीतने के बाद वे टॉप 5 खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं. जिसकी वजह से इनसे गोल्ड की उम्मीद लगायीं जा रहीं हैं.

तो ये थे वो अनजान चेहरे जिनसे आप उम्मीद कर सकते हैं की ये आपके भारत देश के लिए गोल्ड ला सकते हैं.

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