“दर्द भरी शायरियाँ जो आपको भावुक कर दें” –

  • मोहब्बत के अंजाम से डर रहे हैं,

    दर्द भरी शायरियाँ जो आपको भावुक कर दें
    दर्द भरी शायरियाँ

निगाहों में अपनी, लहू भर रहे हैं,

मेरा दिल ले उडा था और कोई,

इक हम हैं, कि बस शायरी कर रहे हैं।

 

  • छोड़ दिया मैंने अपने दिल का साथ,

   प्यार से थाम लिया हैं तन्हाई ने हाथ,

   इतना तो गुरुर हैं मुझे आज,

   भले अहसासों ने छोड़ा पर तन्हाई ना होगी दगाबाज।

 

  • प्यार की भाषा मैंने कभी समझी नहीं,

अहसासों को लब्जो में कभी पिरोया नहीं,

पता ही नहीं था वो शब्दों का इन्तजार कर रहे थे,

हम आँखों से बोलते रहे वो पत्थर दिल समझ हमे छोड़ गये।

 

  • हँसकर अलविदा कह दिया था हमने,

पर हर जर्रे में उसकी यादें थी,

जब भी अँधेरा साथ होता था मेरे,

मेरी आँखें सच्चाई कह जाती थी।

 

  • प्यार कभी पाने की जिद्द नहीं करता,

खुद के लिए खुशियों की उम्मीद नहीं करता,

जिसने बिना किसी ख्वाइश के प्यार किया हो,

उसका दिल कभी नफ़रत से नहीं डरता।

 

  • बहते आँसू यूँ गँवा ना देना,

ये तो प्यार की निशानी हैं,

जो कह दिया वो दर्द ही क्या,

चुप रहकर हँसना ही असल जिंदगानी हैं।

 

  • लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर,

मैंने दर्द की अपने नुमाईश न की,

जब जहाँ जो मिला अपना लिया,

जो न मिला उसकी ख्वाहिश न की।

 

  • यूँ तो हर एक दिल में दर्द नया होता है,

बस बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,

कुछ लोग आँखों से दर्द को बहा लेते हैं,

और किसी की हँसी में भी दर्द छुपा होता है।

 

  • हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम,

हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम,

अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला,

ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।

 

  • हर शाम कह जाती है एक कहानी,

हर सुबह ले आती है एक नई कहानी,

रास्ते तो बदलते हैं हर दिन लेकिन,

मंजिल रह जाती हैं वही पुरानी।

 

  • खून बन कर मुनासिब नहीं दिल बहे,

दिल नहीं मानता कौन दिल से कहे,

तेरी दुनिया में आये बहुत दिन रहे,

सुख ये पाया कि हमने बहुत दर्द सहे।

 

  • जो नजर से गुजर जाया करते हैं,

वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं,

कुछ लोग दर्द को जाहिर नहीं होने देते,

बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।

 

  • कागज़ पे हमने भी ज़िन्दगी लिख दी,

अश्क से सींच कर उनकी खुशी लिख दी,

दर्द जब हमने उबारा लफ्जों पे,

लोगों ने कहा वाह क्या गजल लिख दी।

 

  • इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे,

दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।

 

  • कौन तोलेगा हीरों में अब तुम्हारे आंसू फ़राज़,

वो जो एक दर्द का ताजिर था दुकां छोड़ गया।

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