दाऊद हैं या नहीं भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता   एक वकील ने इस हफ्ते पहले कहा था कि दाऊद इब्राहिम ने संकेत दिया हैं. उनका संकेत हैं की आत्मसमर्पण करना चाहते हैं. एक दिन बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें संदर्भ से अलग हटकर कहा था. दाऊद इब्राहिम के आत्मसमर्पण के बारे में खबर कुछ भी नया नहीं हैं. उन्होनें कई साल पहले भी इसी तरह की पेशकश की थी, लेकिन उनके द्वारा दी गई शर्तों का ऐसा कुछ नहीं हुआ.

सवाल यह है कि क्या भारत उनके आत्मसमर्पण या उनको पकड़ने के बारे में कभी गंभीर रहा भी हैं या नहीं?. 1994 की एक फाइल धूल मे पड़ी की पड़ी हैं.फाइल में लिखित रूप से या स्पष्ट रूप से संकेत मिलता हैं कि यह दाऊद को लाने मे भारत बहुत करीब था.

 वी बालचंद्रन, जो अनुसंधान और विश्लेषण विंग के एक अधिकारी थे

1994 में, वी बालचंद्रन, जो अनुसंधान और विश्लेषण विंग के एक अधिकारी थे, दक्षिण अफ्रीका में प्रिटोरिया में उन्हें भेजा गया था. जिससे नेल्सन मंडेला को सुरक्षा प्रदान करने किया जा सके. उनका  दौरा जनवरी 1995 में भारत मे था.उस समय दाऊद का व्यवसाय दक्षिण अफ्रीका में उभर रहा था. बैठक के दौरान बालचंद्रन को दाऊद के 18 पासपोर्ट दिखाए गए थे. उन्होंने दाऊद के बड़े Mandrex तस्करी रैकेट के संबंध में दक्षिण अफ्रीका मे  अपने  दौरे के बारे में बताया  गया था.

यह रैकेट दक्षिण अफ्रीका के लिए एक सिरदर्द बनता जा रहा था. उनकी खुफिया एजेंसियों ने उस पर अंकुश लगाने के लिए भारत की मदद मांगी थी. बालचंद्रन रिपोर्ट  मे  बताते हैं कि वे इस मुद्दे के बारे में गंभीर थे. उन्होंने दाऊद को पकड़ने के लिए एक परिचालनात्मक योजना की मांग की और उन्हें विश्वास था कि इस सहायता से दाऊद को पकड़ सकते.

उनका कहना था मुझे एक प्रस्तुति दी गई थी कि कैसे गिरोह दक्षिण अफ्रीका में मँड्रेक्स तस्करी कर रहा था

उनका कहना था मुझे एक प्रस्तुति दी गई थी कि कैसे गिरोह दक्षिण अफ्रीका में मँड्रेक्स तस्करी कर रहा था. मैंने यह भी बताया कि उसने स्थानीय संपर्कों का निर्माण किया था जबकि दक्षिण अफ़्रीकी स्थानीय मुद्दों और उनके घर के इंटेलिजेंस को संभाल सकते हैं.  उन्होंने कहा कि भारत को एक परिचालन योजना के साथ  छोटी सी chip होना चाहिए था. मैं इसके लिए तैयार था, लेकिन यह भी कहा कि मुझे नई दिल्ली से मंजूरी की आवश्यकता होनी थी.

अपने आगमन पर बालचंद्रन ने दाऊद के मुद्दे पर एक रिपोर्ट तैयार की. आगे उनका कहना था ‘मुझे पूरा यकीन था कि यदि दक्षिण अफ्रीका के साथ आपरेशन किया जाता तो डॉन को पकड़ लिया जा सकता था. मैंने उल्लेख किया था कि यह पहली बार हैं कि एक विदेशी देश दाऊद इब्राहिम का साथ निभाने में सहयोग सहयोग कर रहा हैं.

प्रमुख बिंदु :-

  • दाऊद के आने के संकेत 
  • वी बालचंद्रन ने किया खुलासा 

 

 

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