आपको समझ में भी नहीं आ रहा होगा की क्या किया जाए, उसने ऐसा मेरे साथ ऐसा कैसे किया, उसने मेरा भरोसा कैसे तोड़ दिया मैं तो उसको कितना प्यार करता था ना पर फिर कहाँ कमी रह गयी थी की उसने मुझे चीट किया मेरा भरोसा तोड़ा ऐसे ही कई सवाल अक्सर हमारे दिल में चलते हैं की क्यों आखिर क्यूँ मेरे साथ ऐसा हुआ.

कई बार हो सकती है कोई मजबूरी

आप इस बात को भी नहीं झुटला सकते की कहीं ना कहीं इंसान की कुछ कमजोरी भी होती है जहाँ वो नहीं समझ पाता की वो क्या कर रहा है. शायद वो ऐसा ना चाहता हो की आपको बुरा लगे आपका दिल टूटे की वो आप को चीट करे पर जाने अनजाने में कुछ ऐसा हो जाता है जो आपको गवारा ना हो तो ऐसे में अगर वो आपसे माफ़ी मांगता है तो आप जान कर भी की उससे गलती हो गयी है आप उसे माफ़ करके एक मौका और दे सकते हैं.

क्या माफ़ करना ही भी हो सकता है रास्ता

अगर वापिस से आना चाहता है आपका पार्टनर आपके पास और आप भी उसे माफ़ करना चाहते है तो उससे बोले की इस बार हो गया अब मत करना उसकी वो कमी जाने की वो ऐसा क्यों कर बैठी ऐसा आपके साथ क्यों  हुआ वजह जाने और उसका कारण पता कर उसका उपाय निकाले. उसकी वो कमी को दूर करें उसको अधिक समय दें उसको बार-बार उस गलती का एहसास दिलाये बिना उस पर पूरा विश्वास करें. बस उसको जताते रहे की अब आपने ऐसा किया तो आप उसे कभी माफ़ नहीं करेंगें.

एक बार धोखा खाने के बाद इंसान पहले से ज्यादा सतर्क हो जाता है. उसको जिन्दगी की, दर्द की, मुश्किलों से लड़ने की समझ हो जाती है. उसे ये समझ में आ जाता है कि जिंदगी को कभी भी प्लान नहीं किया जा सकता है, वो जैसा सोचता है या जैसा चाहता है हमेशा वैसा ही नहीं होता है, लोग कभी भी बदल सकते हैं और वो किसी को भी बदलने से रोक नहीं सकता है. तो आपको भी मजबूती से इस बात का सामना करे पहले से ज्यादा सतर्क रहे की अब ऐसा होता है तो कभी माफ़ ना करे. पर वो आपके साथ रहना चाहती है तो उसको बताये कि हमें अब कैसे इस रिश्ते को फिर से खड़ा करना है.

ईमानदारी से पेश आइए

शुरू-शुरू में हो सकता है कि आप दोनों इस विषय पर बात करना बिलकुल पसंद न करें. लेकिन एक-न-एक दिन आपको खुलकर बात करनी ही होगी कि आखिर यह सब हुआ कैसे. आप शायद हर छोटी-छोटी बात पर चर्चा न करना चाहें, लेकिन चुप्पी साध लेना भी बुद्धिमानी नहीं होगी. पर अगर आप इस बारे में खुलकर बात करते है की कुओ ये सब हुआ और वो अब ऐसा नहीं करेगी या करेगा तो आपको अब उस पर शक नहीं होगा इसलिए दोनों ईमानदारी से बैठ कर इस बारे में बात करें.

मिलकर कोशिश कीजिए

यदि आप दोनों मिलकर काम करें, तो आप एक-दूसरे का भरोसा जीतने में कामयाब हो सकते हैं. की आप उस  पर अब शक नहीं करें या वो भी अब ऐसा कुछ ना करे की आपको लगे की वो आपको फिर से धोखा दे रही है. लेकिन इसके लिए दोनों को मेहनत करनी होगी. अगर एक इंसान अकेला ही कोशिश करे, तो वह अपने लिए और परेशानी खड़ी कर रहा होगा। आपको यह याद रखना चाहिए कि आप दोनों एक ही गाड़ी के पहिए हैं और आपको बहुत आगे तक एक दुसरे का साथ निभाना है.

पुरानी आदतें छोड़ दीजिए और नयी आदतें डालिए

एक-दूसरे से पूछिए कि क्या करने से आपके रिश्‍ते में भरोसा दोबारा कायम हो सकता है. उन बातों को लिख लीजिए और और फिर वैसा ही कीजिये. इसके अलावा, कुछ ऐसे काम साथ मिलकर कीजिए जिनमें आप दोनों को मज़ा आता हो. ऐसा नियमित तौर पर करते रहिए. अब आप देखेगे की आप पुरानी बातों को भूल के अपने रिश्ते को फिर से वही मुकाम दे पायेगे वो भी कुछ समय में ही.

 नए सिरे से शुरू कीजिए

यहाँ मेरा मानना है की आप अपने रिश्ते को नए शुरु से भी शुरू कर सकते हैं. यह उम्मीद मत कीजिए कि आपका रिश्‍ता बिलकुल पहले जैसा हो जाएगा, बल्कि यह सोचिए कि आप एक नए रिश्‍ते की शुरूआत कर रहे हैं और इस रिश्‍ते को और भी मज़बूत बनाइए.

इन बातों का भी रखे ध्यान 

ऐसा नहीं है की आप बेबकूफ बने आप अपने रिश्ते के बारे में अच्छे से जानते है आप ही वो इंसान है जो इस रिश्ते में हर बात को क्लियर कर सकता है. तो ऐसा भी नहीं है की आपको भरोसा ही करना है अगर आप जानबूझ के भरोसा करते हैं. तो आप वहां गलत है. पर अगर वो आपसे वादा करती है की अब वो ऐसा नहीं करेगी तो आगे ना पड़े पर अगर आप उसे फिर भी माफ़ कर रहे है जबकि उसने ऐसा कुछ नहीं कहा तो आगे पड़ें आपके लिए अभी बहुत कुछ है.

आपके रिश्ते में पहले से उतनी उम्मीद नहीं थी

आज के समय में ज्यादातर लोग सिर्फ अपनी इच्छाओं (desires) की पूर्ति के लिये, अपनी महत्वकांक्षाओं (ambitions) के लिये, अपना मतलब निकालने के लिये या सिर्फ दिखावे के लिये एक दूसरे से रिश्ता जोड़ते हैं, और उसे प्यार का नाम दे देते हैं. ऐसा रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चलता. ऐसे रिश्ते में एक शख्स उस रिश्ते को लेकर बहुत ज्यादा serious हो जाता है और दूसरा सिर्फ नाटक करता है या दिखावा करता है. नतीजन वो रिश्ता बहुत जल्दी टूट जाता है. जिसका दर्द सिर्फ उस शख्स को मिलता है जो उस रिश्ते को लेकर serious होता है. अगर ऐसे में आपका भरोसा टूट जाता है तो इस बात का अंदेशा कही ना कही आपको पहले से होता है.

दिल टूटना या भरोसा टूटने का दर्द वैसे तो बहुत ही भयानक और तकलीफ देह होता है और इस दर्द से निकलते निकलते इंसान अपना बहुत कुछ खो देता है. पर फिर भी अगर positively देखा जाये तो ये दर्द बहुत कुछ सिखाकर भी जाता है.

क्या धोखा जान बुझ के देता है इंसान?

कभी कभी लोगों को लगता है चीटिंग गलती से हो जाती है जबकि मेरा मानना है कि ऐसा कुछ नहीं है. धोखा देने वाले को पता होता है कि वो क्या कर रहा है और फ़िर जब आपका पार्टनर आपको भरोसा तोड़ने से पहले एक बार भी नहीं सोचा तो आप क्यों ना उसके साथ ऐसा ही करें? अगर आपका पार्टनर आपके साथ ऐसा करता है तो आपको बहुत बुरा लगेगा. शायद आप कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पायेंगें कि उसने आपका प्यार किसी और के साथ भी बांटा है. अगर उसने आपका विश्वास एक बार तोड़ा तो मुझे नहीं लगता कि आपको दोबारा उस पर भरोसा करना चाहिए.

अगर आप अपने साथी को अपनी जान से भी ज़्यादा चाहती हूँ/ चाहता हूँ तो उससे भी यही उम्मीद होती है की. वो आपका भरोसा ना तोड़े पर इस बात की क्या गारंटी है कि एक मौका देने के बाद वो फ़िर यह गलती नहीं करेगा. रिश्ते बड़े नाज़ुक होते हैं, अगर आपके प्यार की नींव ही कच्ची है तो आप कभी खुश नहीं रह पाएंगे. रिश्तों के कुछ बुनियादी नियम होते हैं. हम अपने साथी से प्यार और स्नेह की आशा करते हैं जो सिर्फ हमारे लिए होना चाहिए. अगर आपका पार्टनर किसी और के भी साथ है तो मुझे लगता है कि उसकी ज़िंदगी में आपकी कोई कद्र नहीं है और ऐसे रिश्ते को भूल जाना ही आपके लिये अच्छा है.

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