एक भविष्यवक्ता जो केवल किसानों की तकदीर बताते है रतलाम-उज्जैन जिला के एक गाँव गोठरा में मेलनी नदी के किनारे पर चैत्र नवमी के दिन सोमवार के दोपहर 2:10 बजे श्रीमहिषासूर मर्दानी माता के इष्ट पांडा जी नागुलाल चौधरी ने संभावित भविष्यवाणी की है. कई राज्य और जिलों से आए हजारों लोग देखने पहुंचे. इस भविष्यवाणी को सुनने अधिकतर किसान थे बावनी खेत हंकाई मुहूर्त, बारिश व फसलों के भाव में उतार-चढ़ाव जानने आए थे। चुनावी साल होने से राजनीतिक उथल-पुथल पर सबकी निगाह रही।

क्या-क्या की भविष्यवाणी ?

  1. मौसम और प्राकृतिक घटनाएँ :-

पांडा ने अपनी भविष्यवाणी में बताया की कि ज्येष्ठ आखिर में पानी और तूफान आएगा। वहीं आधे आषाढ़ की चौथ-पंचमी तक बोवनी होगी। सावन में नवमी बाद तेज बारिश होगी। सावन में ही भूकंप, नुकसान का अंदेशा है। वहीं इस दौरान सात मावठे होंगे। कार्तिक अमावस्या का मावठा तेज होगा। कार्तिक अंत, अगहन की शुरुआत, आधे अगहन, आधे फाल्गुन में तेज मावठे होंगे। आधे फाल्गुन में ज्यादा नुकसान होगा। आधे माघ और फाल्गुन में ओला वृष्टि भी होगी।

  1. फसल उत्पादन :-

सोयाबीन में इल्ली और गेहूं में गेरू रोग का प्रकोप रहेगा. हालाकिं उत्पादन अच्छा रहेगा। अफीम की फसल अच्छी होगी. कपास की फसल सबसे अच्छी रहेगी.

  1. मुहुर्त :- खेत हंकाई का मुहूर्त चैत्र शुक्ल की तेरस को बुधवार रात 3 से गुरुवार सुबह 6 बजे तक का है। इसमें पश्चिम से हल डालकर पूर्व में उत्तर की तरफ नेर निकालें।
  2. राजनीतिक उथल-पुथल :- देश का राजा वही रहेगा। स्थानीय स्तरों पर छोटे परिवर्तन होंगे। राजनीतिक दंगे होंगे। इसी सरकार के आखरी साल में जनता को अधिक तकलीफ झेलनी पड़ेगी।
  3. भाव में तेजी मंदी :- सभी लाल वस्त्तु उपज के भाव अच्छे रहेंगे। सोना तेज होगा और चांदी सामान्य रहेगी। लहसुन के भाव में अधिक तेजी नहीं होगी। केवल कार्तिक में आंशिक उछाल रहेगा। इस बार कम लहसुन बोएं। गेहूं, मैथी, चना, उड़द के भाव अच्छे रहेंगे। काली वस्तु पर भार है।
  4. स्वास्थ्य :- ज्येष्ठ के आखरी में भदवा तक उलटी दस्त का प्रकोप रहेगा। महामारी जैसी स्तिथि निर्मित होगी.
  5. प्रॉपर्टी :- अभी जमीन फीट में मिल रही है लेकिन भविष्य में इंच में मिलेगी। आबादी बढ़ रही और जमीन वही है। इसलिए प्रॉपर्टी में उछाल रहेगा।

पिछले साल क्या की थी भविष्यवाणी ?

पिछले साल इन्होनें भविष्यवाणी में कहा था सरकार राजनीतिक तूफ़ान में फसेगी। कोई बड़ा नेता षडयंत्र का शिकार होगा। वर्षा से कुएं-बावड़ी भर जाएंगे। लहसुन के भाव अच्छे रहेंगे।

क्या हुआ इसके बाद ?

किसान आंदोलन से जोड़ें तो सरकार विकट स्थिति में पहुंची। कुएं-बावड़ी भरे। दिसंबर 17 तक लहसुन के भाव अच्छे रहे, जनवरी से उतरते गए।

प्रमुख बिंदु :-

  • जाने क्या-क्या भविष्यवाणी की.
  • सारे के सारे हुए सफल.

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