फिर एक मासूम बनी हैवान का शिकार-इंदौर, बर्बरता की चरमसीमा

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फिर एक मासूम बनी हैवान का शिकार-इंदौर, बर्बरता की चरमसीमा
फिर एक मासूम बनी हैवान का शिकार-इंदौर, बर्बरता की चरमसीमा

एक बार फिर एक मासूम बनी हैवानियत का शिकार इंदौर, बर्बरता की चरमसीमा पर यह खबर आई है, मध्यप्रदेश के इंदौर से जहाँ महज 8 महीने की एक छोटी सी बच्ची का ऐतिहासिक स्थल राजवाड़ा के पास एक बिल्डिंग शिव विलास पैलेस की बेसमेंट में शव बरामद किया गया. यह घटना शुक्रवार की है, सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है की आरोपी सुबह करीब 5 बजे बच्ची को साइकिल पर कहीं ले जा रहा था, उसके बाद वह उसे श्रीनाथ पैलेस की बेसमेंट में लेकर गया फिर उसके बाद आरोपी ने करीब 15 मिनट तक बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, फिर उस मासूम सी बच्ची जिसने अभी दुनिया में कदम ही रखा था उस मासूम को जमीन पर पटक कर मार दिया. घटना पुलिस चौकी से महज 200 कदम दूर हुई.

आरोपी की पहचान 25 वर्षीय युवक नवीन के रूप की गई, जिसे देर रात तक पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया. युवक रिश्ते में बच्ची का मौसा लगता है. पुलिस ने बताया कि बच्ची का सिरफिरा मौसा उसे सोते हुए मां और पिता के बीच में से बच्ची को लेकर गया था. वह बदले की भावना से वहां आया था. दरअसल युवक की पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी. जिसके समझौते के लिए आरोपी वहां आया हुआ था. उसने गुरुवार रात बच्ची की मां से झगड़ा किया. लेकिन बात बनती ना देख युवक ने बच्ची को अपना शिकार बना लिया.

फिर एक मासूम बनी हैवान का शिकार-इंदौर, बर्बरता की चरमसीमा
फिर एक मासूम बनी हैवान का शिकार-इंदौर, बर्बरता की चरमसीमा

 8 घंटे बाद दर्ज किया पुलिस ने मामाला

इस घटना में पुलिस से भी बहुत बड़ी चूक हुई है. चूँकि, यह शर्मनाक हरकत करने से पहले आरोपी बच्ची की मां से हाथापाई की थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे वहां से डंडे मारकर भगा दिया था, लेकिन अगर पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती, तो शायद वो मासूम आज जिंदा होती. घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने 8 घंटे बाद मामला दर्ज किया. मामले पर डीआईजी ने बताया कि राजबाड़ा पर जहां परिवार सो रहा था, वहां सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला आरोपी बच्ची के परिवार पास में ही सो रहा था इसके बाद वह सुबह 4.45 बजे बच्ची को साइकल पर ले जाते दिख रहा है. 15-20 मिनट बाद वो अकेला लौटता दिखा.

बच्ची की मां ने बताया

बच्ची की माँ ने रोते हुए बताया की वह अपने परिवार के साथ राजबाड़ा इलाके में ही गुब्बारे बेचने का काम करती है और वहीं सो जाती है. गुरुवार रात को भी वह अपने परिवार के साथ, राजबाड़ा के गेट के पास सो रही थी. चार बच्चों में सबसे छोटी बच्ची जिसका अभी नाम भी नहीं रखा गया था. देर रात 3 से 3.30 बजे के बीच में बच्ची की माँ ने बच्ची के रोने पर उसे दूध पिलाया और पति और खुद के बीच सुला लिया था. उसका मौसा यानि की यह हैवान भी पास में ही सो रहा था. पर जब वो सुबह उठी तो बच्ची उसके बगल में नहीं थी, यहां-वहां तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला. बाद में हमें उसके साथ हुई इस घटना का पता चला.

क्या इस आरोपी को मिलेगी मौत की सजा?

आठ महीने की बच्ची के साथ हुई इस शर्मसार घटना के बारें में अब क्या बोलें, ऐसे लोगों को तो फांसी भी एक बहुत छोटी सी सजा है. यह गलती या गुस्सा नहीं बहुत बड़ा गुनाह है. हमारे देश में कुछ वक्त से ऐसी घटनाओ की संख्या काफी बढ़ गयी है. इंदौर में भी इसके खिलाफ 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने शुक्रवार को शाम के समय कैंडल मार्च निकाली, पर इन कैंडल मार्च से या विरोध प्रदर्शन करने से कुछ नहीं होगा इसके लिए सरकार को ही कुछ करना पड़ेगा इस तरह की घटाओ से पूरा देश शर्मसार होता है.

इसके खिलाफ सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए, 12 साल तक के बच्चों से दुष्कर्म करने होने पर दोषियों को मौत की सजा का प्रावधान संबंधी अध्यादेश कैबिनेट में आ सकता है, पोक्सो एक्ट में संसोधन करके फांसी की सजा संगीन घटनाओं में दी जा सकेगी. अभी पोक्सो में दोषियों को सारी उम्र या कम से कम सात साल की सजा दी जाती है, लेकिन केंद्र की मंजूरी मिलते ही शायद यह कानून बदल जाये कि बलात्कारियों को मौत की सजा दी जाए.

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