महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) और फोर्ड मोटर कंपनी मिलकर एक मिड साइज्ड स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल, एक कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हील और एक इलेक्ट्रिक व्हीकल डेवलप करेंगी. दोनों कंपनियों ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी कर यह जानकारी दी. ये व्हीकल खास तौर पर भारत और इमर्जिंग मार्केट्स के लिए डेवलप किए जाएंगे. ये समझौते नॉन बाइंडिंग हैं. सितंबर में दोनों कंपनियों ने आपस में भागीदारी करने और संयुक्त रूप से कारें विकसित करने का इरादा जाहिर किया था. एमएंडएम और फोर्ड कंज्यूमर्स के लिए कनेक्टेड कार सॉल्युशंस पर भी काम करेंगी.

अलग-अलग ब्रांड नाम से बेचेंगी दोनों कंपनियां

मिड साइज्ड एसयूवी को एमएंडएम के प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा और दोनों ही कंपनियां अलग-अलग ब्रांड नाम से इसे स्वतंत्र रूप से बेचेंगी. कॉम्पैक्ट एसयूवी और इलेक्ट्रिक व्हीकल के विकास के लिए कंपनियां पावरट्रेन को साझा करेंगी और फोर्ड की प्रोडक्ट रेंज को बढ़ाने के लिए एमएंडएम पावरट्रेन की सप्लाई करेगी.

तीन साल तक करेंगी मिलकर काम 

एमएंडएम के एमडी पवन गोयनका ने कहा, ‘यह घोषणा महिंद्रा और फोर्ड के बीच सहयोग की दिशा में अगला कदम है. दोनों टीम उद्योग की जरूरतें और एक-दूसरे की क्षमताओं को भुनाने के उद्देश्य से संयुक्त विकास के क्षेत्रों पर काम कर रही हैं.’
दोनों कंपनियां स्ट्रैटजिक भागीदारी के मौके तय करने के लिए तीन साल तक मिलकर काम करेंगी, जिनमें इमर्जिंग मार्केट्स में एमएंडएम के लिए सपोर्ट, फोर्ड के मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल शामिल है. वे भविष्य की मोबिलिटी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी भागीदारी करेंगी.

भविष्य की जरूरतें पूरी करने पर जोर

फोर्ड के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और प्रेसिडेंट (ग्लोबल मार्केट) जिम फारले ने कहा, ‘हमने कस्टमर्स की बात को सुना और इस भागीदारी का मुख्य उद्देश्य भविष्य की जरूरतें पूरी करना है. यूटिलिटी व्हीकल्स और इलेक्ट्रिफिकेशन पर मुख्य जोर है.’

सबसे पहले महिंद्रा और फोर्ड एक मिड साइज की एसयूवी को बनाएंगे जिसको दोनों कंपनियां अपने-अपने ब्रैंड नेम के साथ बेचेंगी. महिंद्रा अपने इंजन भी फोर्ड की गाड़ियों के लिए सप्लाई करेगी. उसके बाद एक कॉम्पैक्ट एसयूवी और एक छोटी इलेक्ट्रिक कार बनाने पर भी दोनों मिलकर काम करेंगे.

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