हनुमान प्रतिमा का अपमान जैसे कि ऐतिहासिक आंकड़ों की प्रतिमाओं को नष्ट करना और आक्रोश करना क्या पर्याप्त नहीं?. असामाजिक  तत्वों ने अब देवताओं की मूर्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया हैं. उत्तर प्रदेश के बलिया में भगवान हनुमान की मूर्ति के साथ एक चौंकाने वाली घटना सामने आई हैं.यहां तक कि स्थानीय लोगों को भी इस घटना का पता बाद में लगा.

रिपोर्ट की माने तो खारुव गांव के एक खेत में भगवान हनुमान की मूर्ति स्थानीय लोगों ने इसे क्षतिग्रस्त किया.ये घटना बुधवार की रात को  हुई. एक पोस्टर मूर्ति पर अटका हुआ था. स्थानीय पुलिस प्रशासन को गांव सरपंच (मुख्य) के द्वारा घटना के बारे में सूचित किया गया.अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. स्थानीय प्रशासन ने अपराधियों को पहचानने और गिरफ्तार करने के लिए उचित जांच का वादा किया हैं.

इस बीच, क्षेत्र में स्थानीय लोगों इस बर्बरता के लिए नाराजगी व्यक्त की हैं

इस बीच, क्षेत्र में स्थानीय लोगों इस बर्बरता के लिए नाराजगी व्यक्त की हैं. क्योंकि यहां कई मूर्ति प्रतिमाएं हैं. एक और घटना कथित तौर पर हैं. खेत में करीब एक दशक पहले जमीन के मालिक सुरेश सिंह को उनके खेत में एक मृत बंदर मिला था.चूंकि, मूर्ति स्थानीय लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखती हैं. इसके साथ-साथ कई लोग इनकी पुजा भी करते हैं. एक नई मूर्ति डालने की योजना पर विचार किया जा रहा हैं.मूर्तियों की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई हैं. कुछ समय पहले व्लादमीर लेनिन की मूर्ति को नीचे किया गया. ये क्या हैं?. ऐसा हो क्यों रहा हैं?.

इस प्रकार की घटनाएँ दिनोदिन बढ़ते जा रहें हैं.इन सब पर रोक कौन लगाएगा और कैसे?. क्या सरकार के पास ऐसी नीतियां नहीं जिनके जरिये उन्हें रोका जा सके.अगर नीतियां हैं तो सरकार उन्हें लागूं कब करेगी चुनाव के समय. ये तो सरकार बेईमानी होगी आम जनता के प्रति.इसकी रोकथाम जल्द से जल्द की जाए. ये धर्म का सवाल हैं. आस्था का सवाल हैं. ये सवाल हैं अपनी पुरानी धरोहरों को कायम करने का.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:-

  • भगवन हनुमान की मुर्ति की गयी क्षतिग्रस्त.
  • स्थानीय नागरिकों को बाद मे चला पता.
  • स्थानीय नागरिकों के दिलों मे आस्था का प्रतिक थी मूर्ति.

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