जयपुर की अनिका की बहादुरी

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जहाँ आज कल हम लड़कियों के साथ होने वाले दुष्कर्म और किडनैपिंग जैसी घटनाये देखते सुनते हैं, वहीँ जयपुर में गोपालपुरा रोड स्थित मूर्तिकला काॅलोनी में, गुरूवार को अनिका की बहादुरी की खबर मिली. सुबह पौने सात बजे एक बच्ची ने बहादुरी दिखाते हुए खुद को अपहरण से बचा लिया. यहां अनिका नाम की एक बच्ची घर से दूध लेने के लिए निकली थी, उसी समय रस्ते में उसे एक बाइक सवार लड़के ने अनिका से किसी स्कूल का पता पूछा. बच्ची ने पता भी बता दिया पर अचानक उसने अनिका को पकड़ लिया और उसका मुँह दावा दिया ताकि वो चिल्ला ना पाए और उसे पास ही एक सुनसान सी गली में ले गए वहां जाकर उसे बेहोश करने के लिए सुई जैसा कुछ चुभाने की कोशिश की.

बाइक सवार अनिका को जबरजस्ती उसका मुंह दबा कर रखें था. पर अनिका की बहादुरी की दाद देनी पड़ेगी अनिका ने उस सुनसान गली में भी बाइक सवार लडके के चंगुल से भाग निकली, वो उस लड़के को धक्का देकर वहां से चिल्लाने लगी और भागी. बाइक सवार उसके पीछे भागा, पर बच्ची अपनी जिन्दगी की रेस उस अफरणकर्ता से जीत गयी. इसी दौरान दो-तीन महिलाएं वहां से गुजरी और इन्हें देखकर अगवा करने वाला युवक वहां से भाग निकला.

 बच्ची ने खुद बताई अपनी बहादुरी की यह कहानी

जयपुर की अनिका की बहादुरी
जयपुर की अनिका की बहादुरी

बच्ची ने बताया की वो अंकल मुझसे स्कूल का पता पूछ रहे थे, मैंने उनको पता बता दिया फिर उन अंकल ने अचानक मेरा मुँह दावा दिया और बाइक पर आगे बिठा लिया. मैंने भागने की कोशिश की तो उसने टार्च जैसी चीज से मेरी गर्दन पर और आगे मारा, लेकिन त्रिवेणीनगर पुलिया पर एक स्कूल के पास पहुंचते ही बाइक बंद हुई तो मुझे लगा अब मैं भाग सकती हूँ. अंकल की बाइक स्टार्ट नहीं हुई तो उसने मुझे नीचे उतार दिया और मैं अचानक वहां से घर की तरफ भागी अंकल ने हेलमेट पहना था, चश्मा भी लगा रखा था. उनकी छोटी मूंछें थी.

यह घटनाक्रम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है. इसमें नजर आया कि बच्ची बचकर भाग रही थी तब बाइक सवार ने उसका पीछा किया. पूरी ताकत से दौड़ती बच्ची घर के नजदीक पहुंच गई तो बाइक सवार भाग गया. क्योंकि वहीँ कुछ महिलाएं निकल रहीं थी.

तुरंत हरकत में आई पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची बजाजनगर थाना पुलिस ने पहले तो मामला संदिग्ध माना, फिर फुटेज देखकर हरकत में आई. आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और आरोपी की तलाश शुरू की. बच्ची के पिता राकेश जैमनी ने बताया, दौड़ती हुई लौटी अनिका घबराई हुई थी. बाइक सवार के हमले में हुए जख्म दिखाए तो हम भी घबरा गए. बाहर देखा तो कोई नहीं था. फिर पुलिस को सूचना दी.

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