जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने अपने रिश्तेदार को बनाया सरकारी अधिकारी – सियासी भूकंप में फसी

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    जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने अपने रिश्तेदार को बिठाया सरकारी अधिकारी - सियासी भूकंप में फसी

    जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने अपने रिश्तेदार को बिठाया सरकारी अधिकारी - सियासी भूकंप में फसीJammu and Kashmir के मुख्यमंत्री मेहबूब मुफ्ती के एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में चचेरे भाई के चयन से सरकारी विभाग ने राज्य में एक राजनीतिक तूफान उठा है. Will J&K CM accused for this. विपक्षी राष्ट्रीय कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अधिकारी के चचेरे भाई सईद अरोत मदनी की नियुक्ति पर Mehbooba Mufti  से एक स्पष्टीकरण का अनुरोध किया, जो जम्मू-कश्मीर खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीआईबी) के कार्यकारी अधिकारी में सत्तारूढ़ लोगों की डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के महासचिव हैं. क्या  JK CM prefers relatives in the administration.

    क्या Mehbooba Mufti accused है?. न केवल एआरॉट, वरिष्ठ पीडीपी नेता पीर मंसूर के एक करीबी रिश्तेदार, जो केवीआईबी के प्रमुख हैं, सूची में भी शामिल हैं. नेकां Spokesperson जूनियर मदु ने मेहबूब को एक बयान में कहा कि कैसे सूची में दोनों आंकड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया और कहा, “सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए धैर्य को खत्म करती जा रही है. उन्हें इस बेजान भाई-भतीजावाद को चमत्कारी संयोग के रूप में चित्रित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. केवीआईबी द्वारा जारी अंतिम सूची में शामिल अधिकांश लोग या तो करीबी सहयोगी पीडीपी नेता है सीधी संरक्षण मे है.क्या  चल रहा है  Jammu and Kashmir मे?.

    अगर JK CM prefers relatives in the administration

    अगर JK CM prefers relatives in the administration, तो इसकी जांच होनी चाहये, यह सही है या गलत है. और यदि यह गलत है, तो इस तरह की खबर फैलाना बंद करे. इसके बजाय, उन लोगों को मौका दें, जो कि योग्य व्यक्ति हैं. उनके खिलाफ भी करवाई होनी चाहिए जो अभी भी अपने पद का फायदा उठाते हुए अपने रिश्तदारो को चुनने का मौका दे रहे हैं. इसके बजाय जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में कुछ गंभीर मुद्दे भी हैं. इस बारे में कौन बात करेगा? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या Mehbooba Mufti accused?, कैसे कोई उचित सबूत के बिना ऐसा कह सकता हैं?

    रिश्तेदार की देनदारी वरीयता अभी तक नई नहीं है जैसा कि समाचारों का संबंध है. लेकिन, जो भी चौंकाने वाला है वह भी सरकार की भागीदारी है. बड़े पदों में पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों की संख्या में बढ़ोतरी से क्षेत्र के विकास की दिशा में हर कदम प्रश्नचिन्ह पर रहा है. क्या Jammu and kashmir सरकार इस बारे में जागरुक है?, इससे Jammu and kashmir के  लोगों पर कितना असर पड़ेगा? यह क्षेत्र जानना चाहता है और लोग जो जम्मू और कश्मीर के है वे भी जानना चाहता है कि इसे कब रोका जाएगा? यह केवल उस क्षेत्र में ही नहीं बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी कम होना चाहिए.

    If Mehbooba Mufti accused या किसी ने भी आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया

    If Mehbooba Mufti accused या किसी ने भी आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया तो उन्हें उचित तरीके से पूछताछ करना चाहिए. या बहुत सख्त तरीके से ये भी कह सकते हैं. क्यों आतंकवादियों के अलावा इन राजनेताओं ने भी पृथ्वी की जन्नत कही जाने वाली Jammu and Kashmir  को सबसे बुरे स्थान बनाने मे लगे हुए है. बुरी चीज सभी के लिए बुरी बात है. बुरी चीजों का कोई मापदंड नहीं होता. इसके अतुलनीय सुन्दर और अति सौंन्दर्य से परिपूर्ण Jammu and Kashmir को सबसे अच्छी जगह बनाने की कोशिश करनी चाहिए. यह स्पष्ट रूप से सच है कि सुंदर प्रकृति और आस-पास जम्मू और कश्मीर का केंद्र हैं. यदि यह साबित होता है कि JK CM prefers relatives in the administration, तो क्या यह पार्टी के सम्मान को प्रभावित करेगा? ऐसा क्यों नहीं होगा.

    Jammu and kashmir स्वर्ग के नजदीक आंखों के साथ देखने के लिए एक अदभुत जगह है

    Jammu and kashmir स्वर्ग के नजदीक आंखों के साथ देखने के लिए एक अदभुत जगह है. यह हमेशा की तरह सुंदर रहा है. यहां तक कि यदि यह क्षेत्र सेनाओं और आतंकवादियों के बजाय घिरा हुआ है , फिर  भी यह देखने के लिए सबसे शानदार और दर्शनीय है. इसकी  सुंदरता सराहनीय है. प्रकृति का शानदार उपहार है . बंद करे जैसा की JK CM prefers relatives in the administration. इसे और भी अधिक सुन्दर बनाने का आनंद लें क्योंकि कभी भी ऐसा दृश्य देखने को नही मिलेगा. प्रकृति का शानदार उपहार जैसा है.

    यदि If Mehbooba Mufti accused तो उन्हें यह सबको बताना होगा कि वह ऐसा नहीं है या अगर है तो सबके सामने ये बताये . गलत है तो स्वीकार करें ताकि भविष्य में फिर से ऐसा दोहराने की कोशिश नही की जाएगी. यहां तक कि हर कोई गलती करता है, यह सच है. लेकिन भविष्य में कितने सही करते हैं? यदि वे करते हैं. परिणाम एक सकारात्मक मील का पत्थर साबित होता है. अगर मुख्यमंत्री कुछ ईमानदारी चाहते हैं तो पूरी कहानी को सच्चाई  से बताएं.

    ऐसे करने से लोग  लोग आप पर विश्वास  करेंगे, बल्कि यह भी सोचेंगे कि उन्होंने गलती की थी. और सत्य क्या है ये भी बताया . तो, वह आने वाले भविष्य में कोई भी बुरे काम नहीं करेंगे. क्या जम्मू और कश्मीर लोग सत्य जानते हैं? या उन्हें आगे की रिपोर्ट आने के लिए इंतजार करना होगा अगर Jammu and Kashmir  के मुख्यमंत्री पे आरोप लगा है चुप ना रहे, कुछ बोले, सच बोले. आगे लोग को तय करने दें.

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