श्री बाबा लाल दयाल (Baba Lal Dayal) का यह स्थान श्री ध्यानपुर पंजाब में स्थित है. बताया जाता है की ध्यानपुर धाम एक वैष्णव द्वार है जिसकी स्थापना जगत गुरु बाबा लाल जी ने १९४५ में की थी.  यही पर बाबा लाल दयाल (Baba Lal Dayal) की समाधी भी स्थित है.  बाबा लाल दयाल ने ध्यानपूर धाम की धार्मिक गद्दी के उत्तराधिकारी के तौर पर जीवन का एक लम्बा समय गुजारा था.

ध्यानपूर धाम की व्यास गद्दी बाबा लाल जी दयाल संप्रदाय की एक प्रमुख गद्दी है. श्री बाबा लाल संप्रदाय के लोगो के लिये यह स्थान एक प्रमुख तीर्थ स्थल है. बताया जाता है की बाबा ने यहाँ स्वेच्छा से समाधि ली थी ताकि लोग सदा उनके दर्शन कर सकें और आशीर्वाद लें सके. इस धाम पर हजारो की संख्या में श्रद्धालु दूर दूर से दर्शन करने आते है. और समाधि की परिक्रमा लेते है. यहाँ आकर व्यक्ति को परम अध्यात्मिक आनंन्द की अनुभूति होती है. कहते है की यहाँ आने पर लोगो की सांसारिक मनोकामनाये स्वत: ही पूर्ण होने लगती है एवं व्यक्ति अपनी सांसारिक पीड़ाओ से उबरने लगता है.

क्या चमत्कार है जिसकी वजह से दूर दूर से श्रद्धालुगण दुर दुर से यहाँ खींचे चले आते है?

इस स्थान पर एक पुरानी बावड़ी है जिसके बारे में माना जाता है की संतान सुख के इच्छुक लोगो को यंहा संतान सुख का आशीर्वाद प्राप्त होता है एवं रोगों का उन्मूलन भी होता है.  मंदिर के पास एक ऐसा स्थान भी है जहाँ गोबर का लेप लगाने से लोगो की सम्पूर्ण मनोकामनाये पूर्ण होती है. ऐसे विश्वास के साथ दूर दूर से लोग यहाँ समाधि के दर्शन करने आते है जिनमे कई विदेशी लोग भी होते है.

यहाँ के प्रमुख आकर्षण

दुज कीर्तन: प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष के दुसरे दिन यहाँ दुज कीर्तन का आयोजन होता है. जो कि बाबा लाल दयाल (Baba Lal Dayal) के परम त्याग को याद करके मनाया जाता है. यह आयोजन संध्या काल में मंदिर प्रांगण में बाबा लाल दयाल (Baba Lal Dayal) की पवित्र समाधि के सामने किया जाता है. सेकड़ो लोग इस कीर्तन का हिस्सा बनते है और ईश्वर भक्ति की धारा बह निकलती है. जोश और भक्ति भाव से भरे हुवे ये कीर्तन बाबा लाल दयाल जी के गौरव को ऊंचे आयाम तक पहुंचा देते है. इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण होता है. फिर सब लोग यहाँ पर बाबा की याद में लगी तस्वीरों के दर्शन करते है.

बावड़ी: यह एक पवित्र बावड़ी है जो बाबा लाल दयाल जी के समय पर ही बनवाई गयी थी. चारो तरफ से दीवारों से ढकी हूई ये बावडी बेहद खुबसूरत है एवं इसमें एक खुबसूरत प्रवेश द्वार भी है. इस बावडी पर बाबा लाल जी ने एक प्रसिद्द गोष्ठी का आयोजन किया था जिस में अध्यात्मिक गूढ़ विषयो पर चिंतन किया गया था. एवं हिन्दू धर्म के प्रमुख विषयो पर चर्चा की गयी थी. इस बावडी में आज भी सेकड़ो की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने आते है. कहते है की संतान सुख के इच्छुक लोगो को यंहा संतान सुख का आशीर्वाद प्राप्त होता है एवं रोगों का उन्मूलन भी होता है.

कैसे पहुँचे इस धाम पर?

हवाई मार्ग: अगर आपको हवाई मार्ग से यहाँ पहुंचना है तो राजा सांसी एअरपोर्ट यहाँ सब से करीब पड़ता है.

रेल मार्ग:  बटाला रेलवे स्टेशन यहाँ सब से करिबतम रेलवे स्टेशन है. परन्तु प्रमुख रेलवे स्टेशन अमृतसर रेलवे स्टेशन है जहाँ से यहाँ आने के लिए आप को फोर व्हीलर की सहूलियत मिल जाती है.

सड़क मार्ग: ध्यानपूर पंजाब के गुरदासपुर जिले में पड़ता है. बटाला से इसकी दूरी १९ किमी पड़ती है. यहाँ से १६ किमी यात्रा के बाद हम कोटली पहुंचते है एवं फिर एक मोड़ लेकर ३ किमी की यात्रा के बाद हम ध्यानपुर पहुँच जाते है

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