जहाँ फर्श पर सोने मात्र से महिलाये हो जाती है प्रेग्नेंट, वैज्ञानिक चकित

1
432
आज हम आप को बताने जा रहे है एक ऐसी चमत्कारिक जगह के बारे में जिसकी चर्चा पुरी दुनिया भर में है. दूर दूर से महिलाये यहाँ संतान सुख की आशा लिऐ यहाँ आती है और वरदानो की झोली माँ के दरबार से भर कर वापस ले जाती है. वैज्ञानिक लोग भी इस चमत्कार पर चकित है. जी हाँ हम बात कर रहे है हिमाचल के सिमसा माता (Simsa Mata) के मंदिर की. ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लड़-भड़ोल तहसील के सिमसा नामक एक बेहद खुबसूरत जगह पर स्थित है. कहते है की नवरात्रि के दिनों में यहाँ फर्श पर सोने से संतानहीन महिलाये गर्भवती हो जाती है. अपने इस चमत्कार के लिए ये जगह दुनिया भर में प्रसिद्द है.
Simsa Mata Mandir

आज हम आप को बताने जा रहे है एक ऐसी चमत्कारिक जगह के बारे में जिसकी चर्चा पुरी दुनिया भर में है. दूर दूर से महिलाये यहाँ संतान सुख की आशा लिऐ यहाँ आती है और वरदानो की झोली माँ के दरबार से भर कर वापस ले जाती है. वैज्ञानिक लोग भी इस चमत्कार पर चकित है.  जी हाँ हम बात कर रहे है हिमाचल के सिमसा माता (Simsa Mata) के मंदिर की. ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लड़-भड़ोल तहसील के सिमसा नामक एक बेहद खुबसूरत जगह पर स्थित है. कहते है की नवरात्रि के दिनों में यहाँ फर्श पर सोने से संतानहीन महिलाये गर्भवती हो जाती है. अपने इस चमत्कार के लिए ये जगह दुनिया भर में प्रसिद्द है.

सपने में संकेत

कहा जाता है की संतानसुख प्राप्ती कि इच्छुक महिलाओ को नवरात्र के दिनों में जब सिमसा माता (Simsa Mata Mandir) में सलिन्द्र उत्सव चलता है यहाँ आना पड़ता है और फर्श पर सोना पड़ता है. तब माता इन महीलाओ को स्वप्न देती है जिसे स्थानीय भाषा में सलिन्द्र भी कहा जाता है.

सपने से कैसे पता चलता है की होने वाली संतान लड़का होगी या लड़की ?

सलिन्द्र उत्सव में यहाँ सिमसा माता (Simsa Mata) आने वाली महिलाओ को मंदिर के फर्श पर सोना पड़ता है तब उन्हें माँ द्वारा सपना दिया जाता है जिसमे संकेत मिलते है कि उन्हें लड़का होगा, लडकी होगी या अभी कुछ नहीं होगा. बताते है कि यदि स्वप्न में कोई सब्जी जैसे भिन्डी, लौकी, या गिलखी दिखाई दी तो निश्चित रूप से यह माना जाता है की लडकी होगी और इसके विपरीत कोई फल दिखाई दी तो माना जाता है कि लड़का होगा. यदि सपने में कोई धातु अथवा लकड़ी की ठोस वस्तू दिखाई दी तो यह मान लिया जाता है कि अभी कोई संतान नहीं होगी.

एक और मान्यता यहाँ की ये है की सपने में निःसंतान बनी रहने का संकेत यदि मिलता है और महिला इस संकेत को नहीं मानती और बार बार वहां सो कर माँ की ना को हाँ में बदलने की जिद करती है तो उसके शरीर पर चकते और लाल लाल दाग बन जाते है. और उस महिला को जगह छोड़ना पड़ता है.  कभी कभी किसी महीला को सपना ही नहीं आता है तो भी यही माना जाता है की संतान होने की गुंजाईश अभी नहीं है. और उस महिला को अगले सीजन में फिर हाजरी लगाने आना पड़ता है ओर यह ही प्रक्रिया फिर दोहराई जाती है.

यादि माँ के आशीर्वाद से किसी को संतान सुख प्राप्त हो जाता है तो वह जोड़ा माँ को धन्यवाद देने माँ के दरबार में फिर से आता है, स्थानीय भाषा में इसे धुकाना कहते है.

देश भर से आते है यहाँ श्रद्धालु

दूर दूर के प्रदेशो से यहाँ सिमसा माता (Simsa Mata) आये श्रद्धालुओ का ताँता लगा रहता है. पुरी श्रद्धा भक्ती और विश्वास से भर कर ये लोग माँ के दरबार में आते है. और यह श्रद्धा और विश्वास ही है जो कुदरत को माँ के भक्तो के पक्ष में मोड़ देता है. बताते है कि गर्मियों के दिनों में यहाँ दो दिनों का मेला भी लगता है.

कैसे पहुंचना है यहाँ ?

सिमसा माता मंदिर (Simsa Mata मंदिर) बैजनाथ धाम से २५ किलोमीटर की दुरी पर स्थित है. और जोगिन्दर नगर से लगभग ५० किलीमीटर है. आप अगर कार से बैजनाथ से सिमसा मंदिर जाऐ तो आसानी होगी क्यों की बस सुविधा थोड़े थोड़े अन्तराल के बाद ही प्राप्त होती है.

1 टिप्पणी

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here