कहानी एक टैक्सी ड्राईवर से Army Officer तक  OM Paithane, पुणे से ओला कैब चालक, जल्द ही एक भारतीय सेना अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा करने के बेहद करीब हैं. जो की एक यात्री से प्रेरित होकर उन्होंने ये रास्ता चुना. ओम 10 मार्च को चेन्नई के officers प्रशिक्षण अकादमी से .ओम के पिता को अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है. “वह हमेशा सेना में शामिल होना चाहते थे. हमें गर्व है कि वह देश की सेवा की सेवा करेंगे, “उनके पिता ने कहा.

OM के भाई आदिनाथ का कहता था “हमारे परिवार को आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी

OM के भाई आदिनाथ का कहता था “हमारे परिवार को आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी. उन्होनें अध्ययन और ड्राइविंग एक साथ की. मेरे पिता लगभग 25 साल तक एक ड्राइवर थे. और चाहते थे कि हम उस पेशे में शामिल न हों और चाहते थे कि हमें अधिक शिक्षा मिले. ओम ने अपने पिताजी से ये छिपाया था की  वों ड्राइविंग करते हैं. ”

ओम एक यात्री से प्रेरित थे. जिनका नाम  कर्नल बक्षी (सेवानिवृत्त) था.उनका कहना था “यह कर्नल बक्षी सर है जिन्होंने उनका जीवन बदल दिया. मुझसे बात करते हुए, उन्होंने सशस्त्र बलों और संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षाओं में अवसरों के बारे में सुझाव दिया. इसके साथ-साथ मुझे लेफ्टिनेंट कर्नल गणेश बाबू, तत्कालीन निदेशक, सशस्त्र दल अधिकारी चयन अभिविन्यास कार्यक्रम के बारे में भी बताया.

इसके बाद, ओम ने 2016 में सीडीएस परीक्षा के लिए आवेदन करने का निर्णय लिया और इसे अपने पहले प्रयास में मंजूरी दी. उन्होंने भोपाल में सर्विस चयन बोर्ड (एसएसबी) परीक्षा को सालाना प्रशिक्षण के लिए ओटीए में शामिल होने के लिए मंजूरी दी.

ये एक कदम हैं उगते भारत के नए निर्माण की तरफ. ये मायने नही रखता आपके पिताजी क्या करते हैं क्या नहीं. मायने ये रखता हैं आप कर क्या सकते हैं. अपनी काबिलियत से अपने जीवन के कर्मो से.ये तय हैं सोच हमेसा उड़ने की होनी चाहए ना की ये सोचने की हम करेंगे तो कैसे.

प्रमुख बिंदु :-

  • एक ड्राईवर चालक बना आर्मी ऑफिसर
  • घर की condition थी नाजुक

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