कोलंबो में निदास ट्रॉफी पर जिस तरह भारतीय क्रिकेट टीम ने कब्जा किया, उसका श्रेय टीम इंडिया के खिलाड़ी दिनेश कार्तिक को दिया जा रहा है. मैच की आखिरी गेंद पर भारत को जीत के लिए 5 रन बनाने थे.

श्रीलंका में खेली गई निदास ट्रॉफी पर जिस तरह भारतीय क्रिकेट टीम ने कब्जा किया, उसका श्रेय टीम इंडिया के खिलाड़ी दिनेश कार्तिक को दिया जा रहा है. कोलंबों में बांग्लादेश के खिलाफ फाइनल मुकाबले में खेलने उतरी टीम इंडिया से आखिरी वक्त में जीत छिनती लग रही थी लेकिन मैच की आखिरी गेंद पर दिनेश कार्तिक ने चमत्कारी शॉट लगाकर भारतीय खिलाड़ियों और फैन्स को जश्न मनाने का मौका दे दिया.

मैच की आखिरी गेंद पर भारत को जीत के लिए 5 रन बनाने थे, दिनेश कार्तिक ने ऑफ स्टंप पर पड़ी गेंद को स्क्वॉयर कवर के ऊपर से उठाकर मार दिया और उनके बल्ले से निकला यह शानदार छक्का टीम इंडिया के लिए विजयी शॉट साबित हुआ. कार्तिक ने महज 8 गेंदों में ताबड़तोड़ 29 रन बनाए. पूरा हिन्दुस्तान और क्रिकेट प्रेमी कार्तिक की मैच जिताऊ परफॉर्मेंस के कायल हो गए. कार्तिक ने इस तरह गेम को फिनिश देना कहां से सीखा, इसका खुलासा भी उन्होंने किया.

धोनी है कार्तिक के गुरु

मैच के बाद स्पोर्ट्स एंकर अर्चना विजया से बात करते हुए कार्तिक ने बताया कि उन्होंने इस तरह बल्लेबाजी करने का गुर किसी और से नहीं, बल्कि महेंद्र सिंह धोनी से सीखा. कार्तिक ने कहा- ”यह अनुभव से आता है, आप इसे खरीद नहीं सकते, आप इसे वर्षों लगाकर सीखते हैं, यह आवश्यक है कि आप शांत रहें. धोनी इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं. आप देख सकते हैं कि वह कितने शांत रहते हैं और आप बहुत से लोगों से बहुत सारी चीजें सीखते हैं और एक चीज मैंने धोनी से सीखी है कि वह किस प्रकार गेम को फिनिश करते हैं.”

कार्तिक की धड़कनें रोक देने वाली बल्लेबाजी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. 32 वर्षीय खिलाड़ी दिनेश कार्तिक अब कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलते दिखेंगे. बता दें कि रविवार (18 मार्च) को खेले गए फाइनल मुकाबले में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 8 विकेट पर 166 रन बनाए थे. जवाब में टीम इंडिया ने 4 विकेट से मैच जीत लिया. भारत की तरफ से सबसे ज्यादा कप्तान रोहित शर्मा ने 56 रन बनाए. लेकिन मैच की परिस्थितियों को देखते हुए दिनेश कार्तिक की नॉट आउट 29 रनों की पारी टीम के लिए मैच जिताऊ साबित हुई.

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