क्या आप भूत प्रेत या आत्माओ मे विश्वास करते हैं? आपको लगता हैं की ऐसा कुछ नहीं होता, तो  एक बार आप बात मानकर  चमत्कारी बाबा  मेहंदीपुर के दर्शन करके जरुर आये.यह मंदिर अपने धार्मिक उपचारों और बुरी आत्माओ और भूत भगाने के लिए भी जाना जाता हैं. मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर जयपुर आगरा रोड में दौसा जिले में हैं .

दो पहाडिय़ों के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहा जाता हैं. गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित हनुमान अंक के अनुसार यह मंदिर करीब हजार साल पुराना है.मेहंदीपुर के इतिहास के बारे मे अगर बात की जाये तो  यहाँ पहले घना जंगल था. घनी झाड़ियाँ थी, शेर-चीता, बघेरा जैसे जंगली जानवर यहाँ रहते थे. चोर-डाकू से भी इस गांव में डर बना रहता था.

बाबा महंत महाराज के जो पूर्वज थे, उनको सपने मे कुछ  दिखाई दिया  और सपने की अवस्था में ही  वे उठकर कर चल दिए उन्हें ये पता नही था कि वे कहाँ जा रहे हैं.स्वप्न की अवस्था में उन्होंने अनोखी लीला देखी एक ओर से हज़ारों दीपक जलते आ रहे हैं. हाथी घोड़ो की आवाज आ रही थी. एक बहुत बड़ी फौज चली आ रही थी. उस फौज मे श्री बालाजी महाराज जी, श्री भैरो बाबा, श्री प्रेतराज सरकार, को प्रणाम किया और जिस रास्ते से फौज आयी थी. उसी रास्ते से फौज चली भी गई.

 महाराज वहाँ पर खड़े होकर सब कुछ देख रहे थे

गोसाई महाराज वहाँ पर खड़े होकर सब कुछ देख रहे थे. उन्हें कुछ डर सा लगा और वों अपने गांव की तरफ चल दिये.घर जाकर उन्होनें सोने की कोशिश की परन्तु उन्हे नींद नही आ रही थी, बार-बार उसी स्वप्न के बारे में सोचने लगे.जैसे ही उन्हें नींद आई,तो उन्हे वहीं  तीन मूर्तियाँ दिखाई दी, विशाल मंदिर दिखाई दिया और उनके कानों में वही आवाज़ आने लगी और कोई उनसे कह रहा बेटा उठो मेरी सेवा और पूजा का भार ग्रहण करो. मैं अपनी लीलाओं का विस्तार करूँगा और कलयुग में अपनी शक्तियाँ दिखाऊॅंगा.

गोसाई जी ,ने इस बार भी  बातों पर  ध्यान नही दिया

अंत में श्री बालाजी महाराज ने दर्शन दिए और कहा कि बेटा मेरी पूजा करो. दूसरे दिन गोसाई जी महाराज उठे मूर्तियों के पास पहुंचे उन्होंने देखा कि चारों ओर से घण्टा, घड़ियाल और नगाड़ों की आवाज़ आ रही हैं.

लेकिन कुछ दिखाई नही दिया इसके बाद गोसाई महाराज नीचे आए और अपने पास के लोगों को इकट्ठा किया अपने सपने के बारे में बताया जो लोग सज्जन थे. उन्होने मिल कर एक छोटी सी तिवारी बना दी लोगों ने भोग की व्यवस्था की, फिर बालाजी महाराज ने उन लोगों को बहुत चमत्कार दिखाए.

यहाँ प्रसाद खाते ही बुरी आत्माओं से पीड़ित व्यक्ति झूमने लगते हैं. वैसे एक सामान्य इंसान इतने भारी पत्थर का भार कभी सहन नहीं कर सकता. लकिन यहाँ आप मरीजों के ऊपर भारी-भारी पत्थर रखे हुए देख सकते हैं.लाखो भक्त यहाँ शनिवार और मंगलवार को अपनी अर्जी लेकर आते हैंऔर स्वस्थ होकर अपने घर  जाते हैं.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here