क्या वाकई सास और बहु एक शापित रिश्ता है

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क्या वाकई सास और बहु एक शापित रिश्ता है
क्या वाकई सास और बहु एक शापित रिश्ता है

सास और बहु का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता जो नाम सुनते ही लगता है की इस रिश्ते में तकरार जरुर होगी. इन दोनों की आपस में नहीं बनती होगी. मतलब की अपने आप ही लगने लगता है, की इस रिश्ते में कुछ असहजता का एहसास होने लगता है. जहाँ एक बहु  को अपनी सास की इज्जत करनी चाहिए वहीं सास को अपनी बहु को भी वही सम्मान और प्यार देना चाहिए. पर क्या ऐसा होता है? बहुत कम घर होते हैं जहां सास और बहु के बीच में अच्छी बनती हो वे आपस में प्रेम से रहतें हों. अक्सर सास और बहु की तकरार ही देखने को मिलती है. अब ताली एक हाथ से तो बजती नहीं तो जाहिर है दोनों की आपसी ताल मेल की कमिं हैं. यहाँ दोनों ही सिर्फ अपने आप को सही मानती है, जबकि दोनों को ही अपने रिश्ते में सुधार लाने की जरुरत है.

मेरा मनना है, कि शादी के पहले ही अगर सास और बहु एक दुसरे को प्यार दें और एक बहु अपनी सास की इज्जत करने लगे जबकि वे एक दुसरे के साथ ना रहते हों, तो शायद शादी से पहले ही एक दूजे के बीच प्यार का रिश्ता या सहज भाव आ जायेगा. जहाँ आप किसी को देखते है की सास अपनी बहु को दबाना चाहती है, जबरजस्ती उससे इज्जत दिलवाती है, खुद के लिए ऐसे में बहु, शादी से पहले ही एक सोच बना लेती है की मेरी सास बहुत स्वार्थी है.

वह आपकी इज्जत तो करेगी पर मन से नहीं सिर्फ एक फर्ज निभाएगी वहीं अगर आप उसके मन में अच्छी इमेज बना लेते हैं शुरू में तो वो इमेज हमेशा रहेगी आपने सुना ही होगा ना फर्स्ट इम्प्रैशन इज लास्ट इम्प्रैशन बस ऐसा ही सास और बहु के रिश्ते में ये बात आपको हमेशा याद रखनी है.

क्या सास और बहु का रिश्ता पहले से ही शापित है?

सास और बहु का रिश्ता बहुत ही नाजुक होता है. समाज की कुरीति और बहुत सी हुई घटनाओ के कारण समाज में सास बहु  को अपने अंडर में रखना चाहती है. जब बहु  कोई नए घर में जाती है तो उसके लिए वो घर वहां के लोग और सभी घरवाले और सब उसके लिए नए होते हैं. ऐसे में सास ही वो होती है जो आपको सभी से परिचित कराती है सास उस घर की मुखिया के सामान आपके लिए होती है ऐसे में वो आपको अपने रीतिरिवाजो से हर चीज से अपने घर की परम्पराओं से अवगत कराती है. जो एक बहु  को बहुत बड़ा काम लगने लगता है.

ऐसे में जब बात आती है की बहु  उस चीज को कैसा लेती है या कैसे उन साडी बातों को मानती है ये उसके उपर होता है. तो ऐसे में दोनों के बीच खटपट तो होना ही हैं आइये कुछ और कारण बताता हूँ जिससे आपको समझ आ जायेगा की यह रिश्ता पहले से ही शापित है या इसे समाज के कारण या किस कारण ख़राब हो जाता है या सुधर सकता है.

अन्य घरों की सास और बहु

एक बहुत बड़ी और सबसे सच्ची बात सास अक्सर ये बात नहीं देखिगी की उनकी खुद की बहु  कैसी है या बहु  ये नहीं देखेगी की उसकी सास कैसी है. वे दूसरों के घर से प्रभावित जल्दी हो जाती हैं वहां जैसा होता है हमारे घर में भी बहु  को ऐसे रहना चाहिए या उसकी सास ऐसी है तो मेरी सास को भी ऐसा होना चाहिए जबकि हम जानते हैं की हर व्यक्ति का नेचर अलग होता है तो ऐसे में आपके रिश्ते ख़राब होने लगते हैं.

नौकरी करने वाली बहु

आजकल अधिकत्तर बहुएं नौकरी करती है जिससे शादी के बाद शुरू-शुरू में तो इसका आपकी जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन अगर आप आॅफिस जाते वक्त किचन में सास की मदद नहीं कर पा रही हैं तो इससे स्थिति खराब होनी शुरू हो जाती है. जब सास बहु से काम में हाथ बटाने की बात करती है तो बहु अपना बिजी शैड्यूल बताती है, जिससे दोनों के बीच में मनमुटाव शुरू हो जाता है.

शादी के बाद मेरा बेटा बदल गया

जब बहु पहली बार घर में पैर रखती है तो उसे गर्व महसूस होता है. लेकिन कुछ ​ही दिनों में ऐसा क्या हो जाता है कि सास और बहु के रिश्ते खराब हो जाते हैं? अक्सर मां को लगता है कि शादी के बाद उनका बेटा बदल गया है और अब वह सिर्फ अपनी बीवी और उसके घर के बारे में सोच रहा है. जिसके चलते सास अपनी बहु को ताने मारना शुरू कर देती है. ​ऐसे में जब बहु के साथ बेटा अपनी मां को जबाव देता है तो ऐसे में उसके माँ से नहीं बहु से रिश्ते ख़राब होना जरुर शुरू हो जातें हैं.

मायके की ओर बहु का रवैया

सास चाहे अपनी बहु से कितना भी प्यार करती हो लेकिन उसे बहु का बार-बार मायके जाना बिल्कुल पसंद नहीं होता. जब बहु अपने मायके वालों से अपने ससुराल की सारी बातें फोन पर बताती हैं तो यह बात न तो सास को अच्छी लगती है और न ही पति को. जिससे घर में बे-फालतू के कलह बढ़ने लगते है.

अन्य कई कारण जिससे सास और बहु का रिश्ता

अन्य कई कारण भी हो सकते हैं जिससे सास और बहु का रिश्ता प्रभावित होता है.

  • इन सास और बहु के बीच कोई भड़काने वाला.
  • छोटी छोटी बातों पर सास और बहु का आपस में मन मुटाव.
  • सास और बहु दोनों का गुस्सा जल्दी आने वाली हों.
  • दोनों- सास और बहु की सोच का मेल ना खाना.

तो इन बातों से आप समझ गए होंगे की ये रिश्ता ऐसा ही चला आ रहा है और शायद ऐसा ही चलता रहे ये समाज और एक सोच का फर्क बस है. इसके बीच कोई सोच और विचार करने की वजह मिलके बात कर हर समस्या को सुन और उसके उपाय निकाल सकते हैं और एक वादा कर सकते हैं की जो भी बात होगी उसे प्रेम से सुलझा लेंगे और किसी और की बातों में नहीं आयेंगें. तो ये रिश्ता श्राप मुक्त हो पायेगा वरना लड़ाई झगडे सास बहु  के बीच होते हे रहेंगे इसलिए सोच बदलो जमाना बदल जायेगा.

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