सब से बड़ी दुर्बलताओ के बारे में बात करने से पहले सब से पहले हम दुर्बलताओ की बात करते है. दुर्बलता अनेको प्रकार की हो सकती है.  निर्भर करता है की हम किस पैमाने पर दुर्बलताओ को ढूँढ रहे है.  खैर हम अभी बात करेंगे सब से सामान्य मानी जाने वाली दुर्बलता, या दूसरी भाषा में दोष की.  क्यों की जो स्वभावगत दोष मनुष्य को मुश्किल में डाल देते है वे मनुष्य की दुर्बलता ही होते है. भारतीय मनीषियों के मुताबिक हमारे स्वभाव में चार बड़े दोष या कमजोरीया होती है.  जो है, काम, क्रोध, मद, लोभ. इंसान की सबसे बड़ी दुर्बलता की सुची में आज हम इन्ही दुर्बलताओ का आंकलन करेंगे.

सब से बड़ी दुर्बलता की हमारी सुची.

१. काम को मनुष्य का सब से बड़ा दुश्मन माना गया है.  ये मन में उठने वाला सब से बड़ा मोनोविकर है.  कहते है यह इतना प्रबल होता है, की बड़े बड़े देवी देवता भी इसकी मार से बच नहीं पाते बचारे इंसान की तो बात ही क्या है.  इंद्र जैसे देवता इसके चक्कर में अपना सिंहासन गँवा बैठते है इंसान की तो बात ही क्या. लेकिन यह ऐसा विषय है जिसके नियमन पर ही मनुष्य की सारी सामाजीक एवं धार्मिक व्यवस्था टिकी हुई है, मतलब गलती मतलब खेल ख़तम. देश विदेश से ऐसे बहूत से उदहारण आते रहते है जहां बड़े बड़े पदों पर बैठे लोग फर्श पर आ जाते है, वे कही मूंह दिखाने लायक भी नहीं रहते है. सबसे बड़ी दुर्बलता की लिस्ट में यह पहले नंबर पर आता है.

२. क्रोध यह भी एक मनोविकार है.  क्रोध को विद्वानों ने कई तरह से विशलेषित किया है.  यह मुख्यतः तीन प्रकार के होते है, जैसे तामसिक, राजसीक, एवं सात्विक. कहते है क्रोध भी इन्सान के लिये या जीवो के लिये जरूरी है. लेकिन वाजीब जगह पर वाजीब तरह से. अधिक या अनियंत्रीत क्रोध जीवन के बर्बाद करने वाला होता है. इसलिये समझदारी इसी में है की क्रोध को कंट्रोल में रखे. हमारी सबसे बड़ी दुर्बलता की लिस्ट में यहाँ दुसरे नंबर पर आता है.

३. मद याने की नशा.  नशा भी इंसान की बर्बादी का एक बड़ा कारण है.  यह हमारी सब से बड़ी दुर्बलताओ की लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. नशा वस्तुतः इन्सान के जीवन को पुरी तरह बर्बाद कर देता. शरीर, पैसा, सामाजीक स्थिति सब का नाश इन्सान की इस कमजोरी से हो जाता है. अथ: सतर्क रहे.

४ चौथे नंबर पर इंसान की सबसे बड़ी दुर्बलता की लिस्ट में यहाँ चौथे नंबर पर आता है लोभ. लोभ मतलब लालच.  यह इन्सान की एक बड़ी कमजोरी होता है. लालच में आकर इन्सान ना सिर्फ दुसरो की नजर में बल्कि स्वयं की नजर में भी गिर जाता है. बहूत बार कई लोग वैधानिक उलझन में फंसकर रह जाते है.  कई बार जेल की चक्की भी पीसनी पद जाती है.

खैर अलग अलग पैमाने पर इंसान की सबसे बड़ी दुर्बलता अलग अलग लिस्ट हो सकती है. पर यंहा हमने देखा की ‘काम’ इंसान की सब से बड़ा दुश्मन होता है.  क्यों की यह ना सिर्फ इंसान की व्यक्तिगत जिन्दगी को बल्की समाज को भी भारी नुकसान पहुचाता है.

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