पीपल्स लिबरेशन आर्मी

China ने अपनी सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की संख्या में कटौती की है. चीन ने अपनी सेना से 3 लाख सैनिक कम कर दिए हैं. पीएलए में अब 20 लाख सैनिक रह गए हैं.

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चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने नैशनल पीपल्स कांग्रेस को सौंपी गई अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया. ली ने कहा कि सैनिकों की संख्या घटाने का मकसद उसे दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाना है, ताकि वह आधुनिक स्तर के युद्ध लड़ सके और जीत सके.

ली ने कहा कि सेना ने जवानों की संख्या में तीन लाख की कटौती के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है. इससे 23 लाख सैनिकों के संख्याबल वाली पीएलए में अब महज 20 लाख सैनिक रह गए हैं.

China सेना के आधिकारिक अखबार पीएलए डेली के मुताबिक, सेना से ऐसे जवानों की संख्या में कटौती की गई है जो लड़ाई में हिस्सा नहीं लेते.

ली ने आगे कहा, ‘हम अपने सशस्त्र बलों को मजबूत करने, सैन्य प्रशिक्षण के सभी पहलुओं को अग्रिम करने और युद्ध की तैयारियों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा की पूरी कोशिश करेंगे और अपने उसूलों से पीछे नहीं हटेंगे.’

2 बार कर चुका है China सेना में कटौती

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यह तीसरी बार है जब China ने अपनी सेना में सैनिकों की संख्या कम की है. इससे पहले चीन की पीएलए में सैनिकों की संख्या में 2 बार कटौती हो चुकी है. 1980 तक चीनी सेना में 45 लाख सैनिक थे, लेकिन 1985 में पहली कटौती हुई, जिसके बाद 30 लाख सैनिक ही रह गए.

इसके बाद फिर से सेना से सैनिक हटाए गए, जिसके बाद यह आंकड़ा 23 लाख तक जा पहुंचा. अब 3 लाख और सैनिकों को हटाने के बाद चीनी सेना में 22 लाख सैनिक ही रह गए हैं.

China के इस कदम का क्या होगा प्रभाव

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इस कदम से भारत की चिंता बढ़ सकती है क्योंकि China अपने सैनिकों की संख्या घटा रहा है, लेकिन वह उतनी ही मजबूती से उसे और ताकतवर बना रहा है. अभी तक चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है, लेकिन इसके सैनिकों की संख्या घटाकर वह धन और बल बचा रहा है.

 

देखना ये है इस धन और बल का इस्तेमाल वह अपनी सेना को कौन सी ताकत प्रदान करने में लगाएगा?

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