ग्‍लैक्‍सोस्मिथलाइन PLC (GSK) भारतीय यूनिट GSK कंज्‍यूमर हेल्‍थकेयर लिमिटेड में अपनी 72.5 फीसदी हिस्‍सेदारी की आंशिक या पूरी बिक्री करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा GSK अपने न्‍यूट्रीशन प्रॉडक्‍ट्स का ब्रांड मार्केट लीडर हॉर्लिक्‍स को भी बेच रही है। ऐसा करने के पीछे कंपनी का उद्देश्‍य एक ग्‍लोबल कंज्‍यूमर हेल्‍थकेयर जॉइंट वेंचर में नोवार्टिस की हिस्‍सेदारी खरीदने के लिए 84,415 करोड़ रुपए का फंड जुटाना है।

GSK की चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव एमा वाल्‍मस्‍ले के मुताबिक कंपनी हॉर्लिक्‍स और अपने अन्‍य कंज्‍यूमर हेल्‍थकेयर न्‍यूट्रीशन प्रॉडक्‍ट्स का स्‍ट्रेटेजिक रिव्‍यू कर रही है। इस रिव्‍यू में भारतीय यूनिट में कंपनी की हिस्‍सेदारी का असेसमेंट भी शामिल है। यह फैसला ओवर द काउंटर (OTC) और ओरल हेल्‍थ कैटेगरीज पर फोकस बढ़ाने की दिशा में GSK के प्‍लान का हिस्‍सा है। इस पोर्टफोलियो में सेंसोडाइन टूथपेस्‍ट, ईनो एंटेसिड, पैनाडोल हेडेक टैबलेट्स, मसल जेल वोल्‍टरेन और निकोटिनैल पैचेस आदि शा‍मिल हैं। GSK ने बयान में कहा है कि स्‍ट्रेटेजिक रिव्‍यू का परिणाम 2018 के अंत तक आएगा। तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता।

क्‍या है हॉर्लिक्‍स की कहानी?

हॉ‍र्लिक्‍स को 1873 में ब्रिटिश भाइयों विलियम और जेम्‍स हॉर्लिक ने ईजाद किया था। यह दूसरे विश्‍व युद्ध के खत्‍म होने के बाद इस ब्रांड को एक न्‍यूट्रीशन प्रॉडक्‍ट्स के तौर पर भारत लाया गया। जल्‍द ही यह काफी लोकप्रिय हो गया और मार्केट लीडर बन गया। भारत में इसके प्रमुख प्रतिद्वंदी कॉम्‍प्‍लैन, बॉर्नवीटा, बूस्‍ट और वीवी हैं। इनमें से बूस्‍ट और वीवा GSK के ही प्रॉडक्‍ट हैं, वहीं कॉम्‍प्‍लैन को GSK ने हेन्‍ज को बेच दिया था। बॉर्नवीटा की ओनरशिप मॉन्‍डेलेज इंटरनेशनल इंक के पास है।

भारत में सर्वाधिक बिक्री

हॉर्लिक्‍स व अन्‍य न्‍यूट्रीशन प्रॉडक्‍ट्स की ज्‍यादातर ब्रिकी भारत में होती है। हॉर्लिक्‍स और अन्‍य न्‍यूट्रीशन प्रॉडक्‍ट्स की कुल मिलाकर बिक्री 2017 में 5,065 करोड़ रुपए रही। इसमें से हॉर्लिक्‍स की लगभग 85-90 फीसदी बिक्री भारत में हुई। भारत के अलावा हॉर्लिक्‍स की बिक्री श्रीलंका और बांग्‍लादेश में होती है। 31 दिसंबर 2017 को GSK कंज्‍यूमर हेल्‍थकेयर लिमिटेड में हॉर्लिक्‍स की हिस्‍सेदारी 43.16 फीसदी थी, जबकि बाकी की हिस्‍सेदारी ग्‍ल्‍ैक्‍सोस्मिथलाइन PTE लिमिटेड की है। जुलाई 2017 में GSK ने ब्रिटेन का हॉर्लिक्‍स बिजनेस बेचने की घोषणा की थी।

भारत अभी भी रखता है प्राथमिकता: GSK

वाल्‍मस्‍ले का कहना है कि भारतीय बाजार अभी भी GSK के लिए प्राथमिकता रखता है। कंज्‍यूमर हेल्‍थकेयर बिजनेस अपने OTC और ओरल हेल्‍थ ब्रांड्स जैसे- सेंसोडाइन, ईनो के ग्रोथ अवसरों में इन्‍वेस्‍ट करना जारी रखेगा। GSK ग्रुप फार्मास्‍यूटिकल्‍स और वैक्‍सीन बिजनेस में भी सक्रिय रूप से इन्‍वेस्‍ट कर रहा है। इसमें वेमगल, कर्नाटक और नासिक में नई मैन्‍युफैक्‍चरिंग कैपेसिटी निर्मित करना शामिल है।

धीमी हुई है कंपनी की ग्रोथ

मार्केट रिसर्च फर्म यूरोमीटर के मुताबिक, 2017 में मॉल्‍ट बेस्‍ड हॉट ड्रिंक मार्केट में हॉर्लिक्‍स की हिस्‍सेदारी 42.8 फीसदी थी, जबकि कंपनी ने दिसंबर तक इसके वैल्‍यू शेयर 55.7 फीसदी होने का दावा किया गया था। पिछले कुछ सालों से भारत में कंपनी की ग्रोथ धीमी रही है। 31 मार्च 2017 को GSK कंज्‍यूमर हेल्‍थकेयर का रेवेन्‍यू 2.6 फीसदी बढ़कर 4,421 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था। एक साल पहले इसका रेवेन्‍यू 4,309 करोड़ रुपए था।

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