क्यूँ और किसलिए 4 युगों में भगवान का हुआ जन्म
क्यूँ और किसलिए 4 युगों में भगवान का हुआ जन्म

आज हम बात करेंगे क्या है हिन्दू धर्म के क्या है 4 युग,साथ ही साथ हम आपको उनकी विशेषताएं भी संछिप्त में बताएँगे. 4 युग इस प्रकार से है. सतयुग,त्रेतायुग,द्वापरयुग,कलियुग. इसमें हम आपको बताएंगे अलग-अलग युग में व्यक्ति की उम्र,ऊँचाई,जीवन,आयु किस प्रकार से थी. आइए जानते है अलग-अलग युगों की विस्तृत जानकारी.

  1. सतयुग :-

इस Yug की आयु थी – 17,28,000 वर्ष. जबकि इस युग में मनुष्य की आयु थी 1,00,000 वर्ष. इस युग मनुष्य की लम्बाई थी 32 फीट. सतयुग में तीर्थ पुष्कर को माना गया है. अब बात करते है पाप की मात्रा की. इस युग में पाप की मात्रा थी 0%.

जबकि इस युग में पुण्य की मात्रा थी 100%. इस युग में सभी अमानवीय अवतार हुए. जैसे की मतस्य,कुर्म,वारह. आप आप सोच रहे होंगे अवतार हुए तो क्यूँ. आपको बता दे  संखासुर का वध करने के लिए,वेदों का उद्धार करने के लिए,पृथ्वी का भर हरण करने के लिए, हरिण्याक्ष दैत्य का वध. इस युग की मुद्रा थी रत्रमय. इस युग के पात्र थे स्वर्ण के.

2. त्रेतायुग :-

ये दूसरा युग था और इसकी विशेषताएं इस प्रकार से है. इस Yug की आयु थी – 12,96,000 वर्ष. इस युग में मनुष्य की आयु थी 10,000 वर्ष. इस युग में मनुष्य की आयु 21 फीट थी. इस युग की तीर्थ यात्रा थी नैमिषारण्य थी. इस युग में पाप की मात्रा थी 25%. जबकि इस युग में पुण्य की मात्रा थी 75%.

किसी का अवतार किसी करणवश ही होता है. इस Yug के अवतार इस प्रकार से है – वामन,परशुराम,राम. क्यूँ हुआ इनका अवतार ?. आए बताते है. बलि का उद्धार कर भेजा गया उन्हें पाताल,रावण का वध और देवताओं को किया गया बंधनमुक्त. इस युग की मुद्रा थी स्वर्ण. इस युग के पात्र चांदी के थे.

3. द्वापरयुग :-

ये तीसरे Yug के रूप मे जाना जाता है. इस युग की आयु थी 8.64,000 वर्ष. जबकि इस युग में मनुष्य की आयु थी 1000 वर्ष. इस युग में मनुष्य की लम्बाई थी 11 फीट. द्वापरयुग का तीर्थ स्थल था कुरुक्षेत्र. इस Yug में पाप की मात्रा थी 50%.

जबकि इस Yug में पुण्य की मात्रा थी 50%. अब बात करते है इस युग में किसने-किसने अवतार लिया. इस युग में अवतार लिया भगवान कृष्ण ने,बुद्ध ने. अवतार क्यूँ लिया ?. कसांदि दुष्टों का संहार,गोपों की भलाई,दैत्यों का हुआ विनाश. इस युग की मुद्रा थी चांदी. इस युग के पात्र थे ताम्र.

4. कलियुग :-

ये चौथी Yug है. आए जानते है इस युगों के बारें मे. इस Yug की पूर्ण आयु है 4,32,000 वर्ष. इस युग में मनुष्य की आयु है 100 वर्ष. इस युग में मनुष्य की लम्बाई है 5.5 फीट. कलियुग का तीर्थ गंगा को माना गया हैं. इस युग में पाप की मात्रा है 75%. इस युग में पुण्य की मात्रा है 25%. इस युग में जो अवतार लेने वाले है उन्हें कल्कि माना गया है. अवतार लेने का कारण क्या है ?. मनुष्य जाती के उद्धार,धर्म की रक्षा करने के लिए. इस Yug की मुद्रा है लोहा. इस युग के पात्र है मिट्टी के.

प्रमुख बिंदु :-

  • क्यूँ लिए भगवान अलग-अलग युगों में जन्म.
  • किस लिए भगवान ने लिया जन्म.
  • क्या थी अलग-अलग युगों में मनुष्य की आयु.

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