ममता ने त्रिपुरा Stunt के लिए भाजपा की आलोचनापश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamta Baneerjee त्रिपुरा में Communist icon लेनिन की मूर्ति के गिराए जाने में कथित संलिप्तता के लिए भाजपा की आलोचना की, जहां हाल ही में विधानसभा चुनाव में Safron पार्टी द्वारा वाम मोर्चे को उखाड़ फेंका गया था.‘’ मैं CPI (एम) के खिलाफ हूँ और मार्क्स या लेनिन मेरे नेता नहीं हैं. मैंने हमेशा CPI (M) के अत्याचारों के खिलाफ विरोध किया हैं. इसी तरह, मैं भाजपा के अत्याचारों को भी स्वीकार नहीं करुँगी.

कोई भी विरोध नहीं कर रहा  हैं. लेकिन किसी को तो बिल्ली के गले में लगी घंटी बजानी पड़ेगी. मैं विरोध करुँगी

”कोई भी विरोध नहीं कर रहा  हैं. लेकिन किसी को तो बिल्ली के गले में लगी घंटी बजानी पड़ेगी. मैं विरोध करुँगी हम विरोध करेंगे. “तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रमुख ने यहां एक सार्वजनिक समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं थी. कुछ महीनों पहले माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य प्रकाश करात ने व्लादिमिर लेनिन के पांच फीट लंबी फाइबर ग्लास प्रतिमा का अनावरण किया था, जिसे दक्षिण त्रिपुरा जिले में बेलोनिया के कॉलेज स्क्वायर में रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से गिरा दिया था.

ममता ने त्रिपुरा Stunt के लिए भाजपा की आलोचना

भाजपा के एक प्रसिद्ध आलोचक में से एक श्री बनर्जी ने कहा, “यदि आप (बीजेपी) सोचते हैं कि की आप (त्रिपुरा) में सत्ता में आए हैं, तो आप मार्क्स, लेनिन या गांधी जी की प्रतिमाओं को नष्ट कर देंगे. हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे.” किसी राज्य में सत्ता आने के बाद लोगों को मारने या किसी icon की मूर्ति को खींचने के लिए किसी का हक़ नहीं हैं. हम (टीएमसी) गांधीजी, नेताजी, विवेकानंद, अम्बेडकर और नज़र के लिए सम्मान करते हैं.

हम सभी का सम्मान करते हैं. क्योंकि हम सांप्रदायिक सदभाव  में विश्वास करते हैं. जैसे राजनीति में हम एक समग्र दृष्टिकोण पर विश्वास करते हैं. “बनर्जी ने सिंगूर और नंदीग्राम में खेत के जबरन अधिग्रहण और Netai में नरसंहार के विरोध में उनके प्रदर्शन को याद दिलाया. जहां पश्चिम बंगाल के पूर्व शासन के दौरान माकपा कार्यकर्ता के घर से कथित तौर पर गोलीबारी में नौ ग्रामीणों की मौत हो गई थी.

उन्होंने आगें कहा ‘मैं इतनी आसानी से ऐसी चीजों को नहीं भूलूंगी”  लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मेरे पार्टी के लोगों ने CPI (M) के  खिलाफ बदला नहीं लिया.

” वाम दलों के 34 साल के अत्याचार के बाद हम (बंगाल में) सत्ता में आए. हमारा नारा ‘Bodla Noi’,’Bodol Chai ‘ था (हम बदलना चाहते हैं, बदला नहीं लेना चाहतें). यही कारण हैं कि कई वर्षों से माकपा के अत्याचारों के बाद भी हमने बदला लेने के रास्ते का पालन नहीं किया हैं. यह हमारी प्रकृति नहीं हैं और लोकतंत्र भी इसकी गवाही नहीं देता हैं. ” उन्होंने कहा तृणमूल प्रमुख लेनिन की प्रतिमा को गिराने की रिपोर्ट में मीडिया की भूमिका के बारे में भी उनकीं आलोचना की.

हाल ही में हुए Tripura विधानसभा चुनावों में, पिछले 25 सालों से उत्तर-पूर्वी राज्य में सत्ता में रहे सीपीआई (M) एस्लैड वाम मोर्चा, को भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन द्वारा परास्त किया गया था, जिसने 43 सीटें जीती 60 सदस्यीय सभा.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:-

  • ममता ने भाजपा की आलोचना की
  • लेनिन की मुर्ति गिरने पर भाजपा को घेरे में लिया
  • अत्याचार करने पर किसी को सहा नहीं जियेगा
  • चुनाव जितने का मतलब ये नहीं कुछ भी करे

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