Manu Bhakar ने ISSF में  स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत
Manu Bhakar ने ISSF में स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत

Manu Bhakar, ये नाम आजकल खूब सर्खियां बटौर रहा है और आपने भी इस नाम को सुना होगा. ये नाम है एक भारतीय महिला शूटर का जिन्होंने गुवादालाजारा (मैक्सिको) में चल रहे International Shooting Sports Federation (ISSF) विश्वकप में दो गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन कर दिया है.

हरियाणा की 16 वर्षीय किशोरी भाकर ने पहले इस विश्व कर में 10 मीटर एयर पिस्टल (महिला) में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया. वो साल साल की उम्र में शूटिंग विश्व कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली शूटर बन गई हैं. इसके बाद Manu Bhakar ने सोमवार रात हुए मिक्सड इवेंट्स में ओम प्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल (मिक्स इवेंट) में सोने का मैडल हासिल किया.

दो साल पहले निशानेबाजी (Shooting) शुरु की थी

  Manu Bhakar ने ISSF में  स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत
Manu Bhakar ने ISSF में स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत

2 साल पहले निशानेबाजी शुरु करने वाली Manu  ने पिछले साल दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए थे. इससे पहले Manu दिसंबर महीने में जापान में हुई एशियन चैंपियनशिप में दस मीटर एयर पिस्टल में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं.

चौंकाने वाली बात ये है कि Manu पहले मुक्केबाजी किया करती थी. मुक्केबाजी मे आंख में चोट लगने के बाद उनकी मां ने उन्हें मुक्केबाजी करने से मना कर दिया.

Manu दिसंबर में जापान में हुई एशियन चैम्पियनशिप में भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं. उन्होंने पिछले साल दो नेशनल लेवल के रिकॉर्ड अपने नाम किए थे.

निशानेबाजी से नाता इस तरह जुड़ गया

  Manu Bhakar ने ISSF में  स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत
Manu Bhakar ने ISSF में स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत

Manu के पिता का कहना हैं कि मुक्केबाजी, स्केटिंग, कबड्डी, कराटे, लॉन टेनिस आदि खेलों में बढ़िया प्रदर्शन कर चुकी Manu ने अपने साथ हुई एक बेईमानी के बाद निशानेबाजी से नाता जोड़ा था. शायद उसे भी नहीं पता था कि निशानेबाजी उसे यह मुकाम दिला देगी. उसे मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए पिता रामकिशन और माता सुमेधा ने कही कोई कसर नहीं छोड़ी.

 

पिता ने घर में ही बनवाई Shooting रेंज

  Manu Bhakar ने ISSF में  स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत
Manu Bhakar ने ISSF में स्वर्ण के साथ की अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत

सिर्फ 16 साल की उम्र में , 11वीं में मेडिकल स्ट्रीम से पड़ते हुए, Manu अचूक मेधा की धनी इस बेटी ने निशानेबाजी के शौक को जुनून बनाया तो पिता ने उससे एक कदम बढ़कर घर पर ही शूटिंग रेंज बना दी. बेटी को निशानेबाज जसपाल राणा से प्रशिक्षण दिलाया तो बेटी ने एक के बाद एक स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी. जसपाल राणा से गुण सीखने वाली Manu अपने स्कूल में बनाई हुई रेंज में भी कोच नरेश एवं सुरेश से प्रशिक्षण लेती हैं.

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