‘महामात्काभिषेक’, भगवान गोमटेश्वर / बाहुबली का भव्य अभिषेक समारोह, 17 फरवरी से कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में शुरू हो गया. यह जैन धर्म चक्र में हर 12 साल में एक बार इस धार्मिक महोत्सव को मनाया जाता है, यह प्राचीन और समग्र जैन परंपरा का एक अभिन्न अंग है. श्रावणबेलगोला में विंध्यगिरि पर 57 फीट ऊंची अखंड गोमटेस्वर प्रतिमा बेंगलुरु के 160 किमी पश्चिम में स्थित है. यह आयोजन 17-25 फरवरी 2018 में श्रवणबेलगोला, में परम पावन स्वास्ति श्री चरणयुकेती भट्टाचार्य स्वामीजी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है. 

श्रावणबेलगोला / सवर्णबेलगोला दक्षिण भारत में जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण जैन तीर्थ (पवित्र स्थान) में से एक है. तीर्थस्थल के रूप में और पुरातात्विक और धार्मिक विरासत के आधार पर बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है. यह स्थान उस बिंदु से अपना नाम प्राप्त करता है कि श्रावण या श्रमान का अर्थ है जैन संन्यासी और बेलागोला या बलिया कोला का मतलब सफेद तालाब है.

मूर्ति का अभिषेक

इस मूर्ति का अभिषेक विशेष पर्वों पर होता है. इस विषय का सर्वप्रथम उल्लेख 1398 ई. का मिलता है. इस मूर्ति का सुन्दर वर्णन 1180 ई. में वोप्पदेव कवि के द्वारा रचित एक कन्नड़ शिलालेख में है. श्रमणबेलगोल से प्राप्त दो स्तम्भलेखों में पश्चिमी गंग राजवंश के प्रसिद्ध राजा नोलंबांतक, मारसिंह (975 ई.) और जैन प्रचारक मम्मलीषेण (1129 ई.) के विषय में सूचना प्राप्त होती है, जिसने वैष्णवों तथा जैनों के पारस्परिक विरोधों को मिटाने की चेष्टा की थी और दोनों सम्प्रदायों को समान अधिकार दिए थे.

श्रवणबेलगोला कर्नाटक राज्य के मैसूर शहर में स्थित है, जो मैसूर से 84 किलोमीटर की दूरी पर है. यहाँ का मुख्य आकर्षण गोमटेश्वर / बाहुबलि स्तंभ है. बाहुबलि अपने पिता एवं प्रथम तीर्थंकर भगवन आदिनाथ से  भी पहले मोक्ष प्राप्त करने वाले थे. श्रवणबेलगोला नामक कुंड पहाड़ी की तराई में विंधीगिरि और चंद्रगिरी पहाड़ियों में स्थित है. यहाँ गॉमेंटेवारा श्री बाहुबली के एक विशाल चट्टान की मूर्ति प्रतिमा है. यहाँ बारह वर्ष में एक बार होने वाले महामस्ताभिषेक में बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं.यहाँ पहुँचने के रास्ते में छोटे जैन मंदिर भी देखे जा सकते हैं.

इस कार्यक्रम के दौरान राज्य के विभिन्न बलों सहित लगभग 5,500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा. कार्यक्रम पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं, श्रावणबेलागोला में पहली बार ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री श्रीमान सिद्दस्मिया प्रथम दिन अभिषेक में भाग लेंगे. श्रवणबेलगोला में स्थित जैन मठ के प्रमुख, चरुकेरीति भट्टक स्वामी के अनुसार, इस बार 30 से 40 लाख भक्तों के कार्यक्रम मै भाग लेने की उम्मीद जताई है.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here