"<yoastmarkमाथे पर तिलक लगाने का प्रचलन तो सदियों से चला आ रहा है लेकिन क्या आपको पता भी है माथे पर तिलक ही क्यों लगाते है. बहुत लोगों को देखा होगा माथे पर लंबा बड़ा टिका धारण करते हुए या पंडित लोगों को चौड़े माथे पर लम्बी सी तिलक धारण किये हुए. आज हम आपको बताने जा रहे है माथे पर चंदन का तिलक हम लगाते ही क्यों है.

तिलक लगाने की प्रथा शायद ही कही और प्रचलित होगी लेकिन अगर हम बात करें भारत की तो ये परंपरा पुराने समय से चली आ रही है. ऐसा मन जाता है की मनुष्य के मस्तक के बीच में विष्णु भगवान का निवास होता है. तिलक ठीक इसी स्थान पर लगाया जाता है. ऐसा भी माना जाता है की तिलक लगाने से हम देवी की आराधना कर रहे है. भारतीय धर्म में ये कहा गया है की जब कोई पुजा,पाठ होता है तो उसमे सिद्धि प्राप्त करने के लिए तिलक किया जाता है.

ऐसे तो आप सोच रहे होंगे तिलक तो कई प्रकार के होते है?

जी हाँ आपका सोचना भी लाजमी है.  चंदन का तिलक,भस्म का तिलक,मिट्टी,हल्दी इत्यादि का तिलक. शास्त्रों की माने तो ललाट पर तिलक लगाने से प्रत्यक्ष तौर जल्द ही कार्यो में सिद्धि मिलने के आसार होते है. अगर आप बात करते है व्यक्तित्व प्रभावशाली कैसे बनाए तो तिलक लगाने से आपकी ये समस्या दूर हो जाती है. तिलक करने से आपके व्यक्तित्व में खासा अंतर देखने को मिलता है.

हल्दी युक्त तिलक करने से त्वचा शुद्ध और कोमल रहती है. हल्दी में मौजूद तत्व की वजह से ऐसा होता है. अब अगर बात करें की स्त्री लाल कुमकुम का तिलक यु ही नही लगाती है. लाल रंग उर्जा और स्फूर्ति का प्रतिक होता है. तिलक स्त्री के सौन्दर्य को एक नया आयाम एक नयी अभिव्यक्ति देता है. लात में हमेशा तिलक लगाने से दिमाग में ठंडक बनी रहती है. सभी लोग शंटिया उर सुकून का अनुभव करते है. तिलक लगाने से कई मानसिक रोगों से भी मुक्ति मिलती है.

ऐसा माना जाता है की चंदन का तिलक लगाने से घर अन्न धन से भरा रहता है. इसके साथ-साथ सौभ्य में भी बढ़ोतरी होती है. ऐसा भी माना जाता है की चंदन का तिलक लगाने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और साथ ही साथ कई तरह के संकट से भी मुक्ति मिलती है. ऐसा भी माना जाता है तिलक लगाने से ग्रहों को शांति प्रदान होती है.

अब बात करते है दिनों के अनुसार कौन का टिका धारण करें

1. सोमवार :-

सोमवार का दिन बम भोले और सबके प्रिय भगवान शंकर का दिन होता है. इस दिन का स्वामी ग्रह की बात करें तो यो चन्द्रमा है. चन्द्रमा ग्रह को मन के योग्य करने से मन का मन का करक ग्रह माना गया है. मन को काबू में रखकर और मस्तिष्क को शांत और शीतल बनाए रखने के लिए आप सफेद चंदन लगाए. इस दिन आप भस्म की टिका कर सकते है.

  1. मंगलवार :-

    मंगलवार को भगवान राम के प्रिय भक्त और पवनसुत के नाम से जाने वाले भगवान हनुमान का दिन माना गया है. इस दिन के अगर स्वामी ग्रह की बात करें तो वो मंगल है. इस दिन लाल चंदन या चमेली के तेल में घुला हुआ सिंदूर का तिलक लगाए जिससे की उर्जा और स्फूर्ति मिलने में बेहद सहायक सिद्ध होगी. इससे मन की उदासी भी ठीक हो जाती है.

  2. बुधवार :-

    बुधवार को माँ दुर्गा का दिन माना गया है. भगवान गणेश का दिन भी इसी दिन माना गया है. इस दिन के अगर गृह स्वामी की बात करें तो वो है बुध. इस दिन की मान्यता है की सूखे सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए जिसमे की तेल बिलकुल ना मिला हो. इस तिलक को करने से दिन अच्छा जाता है.

  3. गुरुवार:-

    गुरुवार का एक और नाम है बृहस्पतिवार. इस दिन के देवता ब्रह्मा है. गुरु को पिला या सफेद से मिश्रित पिला रंग बेहद पसंद है. इस दिन सफेद चंदन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर और उसमे केशर का लेप लगाकर लगाना चाहिए. इससे मन में पॉजिटिव विचार आते है और मन पवित्र रहता है. इसके साथ-साथ मन शुद्ध रहेगा और आर्थिक परेशानी भी खत्म होगी.

  4. शुक्रवार :-

    शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी जी को कहा गया है. इस दिन का ग्रह स्वामी शुक्र है. इस ग्रह को दैत्यराज भी कहा गया है. दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य थे. इस दिन लाला चंदन लगाने से तनाव दूर रहता है. इस दिन आप सिंदूर भी लगा सकते है.

  5. शनिवार :-

    इस दिन के ग्रह स्वामी शनि है. शनिवार को भैरव शनि और यमराज का दिन माना जाता है. शनिवार के दिन आप चंदन,विभूत,भस्म लगाना चाहिए इससे भैरव महाराज प्रसन्न रहते है और किसी भी प्रकार का नुकशान नही होने देते है.

  6. रविवार :-

    रविवार को भगवान विष्णु और सूर्य का दिन माना गया है. इस दिन आप लाल चंदन और हरे चंदन लगाए. भगवान विष्णु की कृपा होने से जहाँ मान –सम्मान बढ़ता है वही आप निर्भय भी होते है.

  • प्रमुख बिंदु :-
    जाने माथे पर तिलक किया क्यों जाता है?.
  • जाने किस-किस दिन करें कौन सा तिलक?.

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