मोदी का पुरे विश्व में हो रहा विरोध : न्यूज़ चैनल नही दिखा रहे ख़बरें

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मोदी का पुरे विश्व में हो रहा विरोध : न्यूज़ चैनल नही दिखा रहे ख़बरें
मोदी का पुरे विश्व में हो रहा विरोध : न्यूज़ चैनल नही दिखा रहे ख़बरें
मोदी का पुरे विश्व में हो रहा विरोध : न्यूज़ चैनल नही दिखा रहे ख़बरें

कुछ समय पहले मोदी की हवा ऐसी चली जिसमे अन्य सभी विरोधी पार्टियों का रथ थम सा गया. अब मंजर ये है की मोदी का पुरे विश्व में हो रहा है. मोदी लहर की बात करे तो चाहे वो लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का या उपचुनाव का हर तरफ नरेन्द्र मोदी की लहर दिखाई दी. चाहे बीते समय उत्तरप्रदेश में खत्म हुए उपचुनाव की बात कर लीजिए हर तरफ हर-हर मोदी की जीत होती गई. अब की बात करें तो माजरा कुछ और है आलम कुछ और है अब भारत के साथ-साथ पुरे  विश्व में और इसके साथ अन्य हिस्सों में भी मोदी विरोधी नारे लगने शुरू हो गए है,लेकिन टीवी चैनल की बात करें तो उसे दिखा नही रही.

क्या ये इसलिए क्यूंकि इस विरोध को जनता के सामने दिखाने में उनकी टीआरपी में ज्यादा उछाल नही होगा या इसलिए इसमे कोई भी मसालेदार खबर नही है. अगर बात करे विरोध की तो लंदन में कॉमन हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग में माननीय प्रधानमंत्री को विरोध का सामना पड़ा. क्या ये एक आवाज है लोकसभा के पहले?. जनता जाताना चाहती है की वो नाराज है सरकार की निति से उनके काम-काज से हर तरफ से. आखिर क्यूँ हो रहा मोदी का विरोध पुरे विश्व में?.

प्रदर्शनकारी बोले मोदी नॉट वेलकम :-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों यूरोप के दौरे पर हैं. कठुआ गैंगरेप और हत्या को लेकर पीएम मोदी का ब्रिटेन में विरोध किया जा रहा है. रिपोर्ट की माने तो प्रदर्शनकारी मोबाइल वैन पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर मोदी का विरोध कर रहे हैं. विरोधियों ने पीएम मोदी का विरोध करने के कारण को संछिप्त में बताया. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें मुसलमानों की हत्या करने वालों का संरक्षक, बलात्कारियों को बचाने वाला और दलितों की हत्या करने वालों का समर्थक बताया गया है. मोदी के विरोध में लंदन के व्हाइटहॉल, लंदन आई, पार्लियामेंट स्क्वायर और वेस्टमिंस्टर एबी के समीप होर्डिंग लगाए गए. प्रदर्शनकारियों ने कठुआ गैंगरेप के दोषियों को सजा दिलाने के बारे में सवाल पूछे हैं. प्रदर्शनकारियों ने ये भी लिखा, ‘मोदी नॉट वेलकम’. क्या मोदी नॉट वेलकम का नारा भारत में जारी रहेगा.

जानकारी के लिए आपको बता दे नरेन्द्र मोदी नयी इंडिया यूके ट्रेड पर अपनी सहमति जताने की बात कही है. ब्रिटेन अगले वर्ष यूरोपियन यूनियन से अलग हो रहा है. इससे 5750 नयी नौकरियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. क्या ये विरोध बस समाज में बढ़ते रेप की घटनाओं के मद्देनजर या फिर कुछ और?. हाल के दिनों में में देश में हुए ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर रोकना होगा. ऐसा तभी हो सकता जब टीवी,मीडिया ऐसे मोदी के विरोध को सबको दिखाए समाज को दिखाए ताकि देश जागरूक बने,समाज जागरूक बने और पूरा देश,पूरा विश्व इसकी निंदा करें तभी जाकर ऐसे पापों को रोका जा सकेगा.

कौन है जिम्मेदार ?

क्या ये जिम्मेदार प्रधानमंत्री है जो कठुआ में हुए रेप से परे वेदेशी यात्रा को ज्यादा महत्त्व दे रहे है?. ये आवाज दबनी नही चाहिए. अगर ऐसा हुआ तो असीफा को कैसे मिलेगा इंसाफ?. नरेन्द्र मोदी तो अपनी प्रशंसा खुद कर लिया करते है. अपने सरकार की प्रशंसा करने में भी थोड़ा भी नही चुकते,फिर क्या ये अन्याय नही होगा तो फिर क्या होगा एक चोटी बच्ची का रेप हुआ और अभी तक गुनेहगार नही पकड़ा गया और प्रधानमंत्री होकर भी ना ही एक्शन लिया और ना कुछ किया.

ऐसा टीवी चैनल को दिखाना चाहिए,मीडिया का इन सभी चीजों में एक महत्वपूर्ण योगदान है. रिपोर्ट की माने तो लंदन के कुछ छात्र संगठन ने नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था जिसमे छात्रों ने पूछा था भारत में तीन नाबालिग लड़कियों के साथ हो हुए जघन्य अपराध के लिए अपराधियों को कब सजा मिलेगी?.

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