नयी कार के लिए 3 साल और 2 व्हीलर के लिए 5 साल का इंश्योरेंस रहेगा जरुरी
नयी कार के लिए 3 साल और 2 व्हीलर के लिए 5 साल का इंश्योरेंस रहेगा जरुरी

हम आपको आज बताने जा रहे है किन-किन प्रकार के वाहनों के लिए कितने-कितने साल का इंश्योरेंस होने जा रहा है. आखिर इसके पीछे सरकार की मंशा क्या हो सकती है?. नयी कार के लिए 3 साल का इंश्योरेंस क्यूँ ?. क्या सरकार थर्ड पार्टी को बढ़ावा देने में लगी हुई है. या फिर सरकार इंश्योरेंस के तहत लोगों से ये कहना चाहती है की अगर आप 2 व्हीलर या नयी कार लेते है तो आपको 5 साल और क्रमशः 3 साल का इंश्योरेंस कराना अनिवार्य है. क्या नयी कार के लिए 3 साल होना अनिवार्य है?.

अगर सरकार थर्ड पार्टी को बढ़ावा देती है तो इससे वहां से हादसे का शिकार होने वाले लोग इंश्योरेंस का क्लेम कर सकते है. पहले क्या होता था की अगर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नही लेता था तो वो इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर सकता था. ये लोगों के लिए अच्छी खबर है. रिपोर्ट की माने तो देश में 18 हजार करोड़ वाहनों में सिर्फ 6 से 7 कोर वाहनों का सिर्फ इंश्योरेंस है. नयी कार के लिए 3 साल होना बेहद अनिवार्य है.

राय मशवरे के बाद नतीजा सामने निकल कर आएगा:-

रिपोर्ट की माने तो तो डेढ़ से 2 माह में इसके तहत पालिसी तैयार कर ली जाएगी. रायमशवरे के बाद इसपर अंतिम मुहर या यु कहे इसे हरी झंडी दी जाएगी.

जाने इससे किन-किन को होगा फायदा ?

इंश्योरेंस कंपनी में हुए बदलाव को लेकर इसके एक अधिकारी ने बताया की नए बनाए नियम से इंश्योरेंस कंपनी,ग्राहक,डीलर सभी को फायदे होने की उम्मीद है. आइए जानते है विस्तार से इसके बारें में.

  1. बिमा कंपनी :- अगर इंश्योरेंस कंपनी नयी कार के लिए 3 साल और 2 व्हीलर के लिए 5 साल का बिमा करेगी तो इसके साथ ही मोटी रकम ले पाएगी. मतलब चालकों से मोती रकम ले पाएगी.
  2. डीलर :- ये यु कहे इंश्योरेंस पर निर्भर करता है. अगर इंश्योरेंस अधिक मात्रा में होगा तो डीलर लोगों को अधिक मुनाफा मिलेगा.
  3. जनता:-

    हर साल के इंश्योरेंस से छुटकारा मिलेगा. इसके साथ ही साथ सबसे अच्छी बात ये होगी की दुर्घटना होने पर इंश्योरेंस क्लेम कर पाएंगे जिससे उन्हें किये गए इंश्योरेंस मिल पाएंगे. ना जाने कितने वहां ऐसे ही चल रहे है . जानकारी की माने तो लगभग 66% वाहन बिना इंश्योरेंस क्लेम के ही चल रहे है. अब बात करते है कारों के थर्ड पार्टी प्रीमियम की. थर्ड प्रीमियम में 10% तक की छुट दी गई है. 1000 सीसी की बात करें तो प्रीमियम की भुगतान 1850 रुपए करना होगा जो की पहले था 2055 रुपए. नयी कार के लिए 3 साल अनिवार्य है.
    अगर बात करें 1000 सीसी से अधिक की तो पहले ये प्रीमियम 3132 था अब ये 2863 रुपए हो गया है. अगर बात करें 1500 सीसी से अधिक की तो अब हो गया है 7890 रूपये जो की पहले था 8630 रुपए. बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के आप वाहन चलते पकड़े जाते है तो 3 महीने जेल की सजा के साथ-साथ 1000 रुपए जुर्माना देना होगा. नयी कार के लिए 3 साल अनिवार्य है.

50% से अधिक कार के मालिक सिर्फ देखते है खर्च :-

एक अधिकारी की माने तो अधिक कार मालिक इंश्योरेंस को सुरक्षा के तौर पर नहीं बल्कि खर्च के तौर पर देखते है. उन्हें ऐसा लगता है की उन्हें पिछले साल renew कराने में 6000 से लेकर 7000 तक का खर्च हो गया.

प्रमुख बिंदु :-

नयी कार के लिए 3 साल और 2 व्हीलर के लिए 5 साल इंश्योरेंस अनिवार्य.

जाने क्या-क्या होंगे नए प्रीमियम?.

1 टिप्पणी

  1. I do enjoy the way you have framed this specific concern plus it really does offer me some fodder for
    thought. Nevertheless, through what I have seen, I just trust when other comments pack on that
    people today stay on issue and don’t embark upon a tirade regarding some other news of the day.
    Yet, thank you for this exceptional piece and although I do not
    concur with it in totality, I respect your standpoint.

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