नहीं रहें सूफी गायकी के सरताज लाल वडालीमशहुर सूफी उस्ताद और सरताज रहें लाल वडाली आज हमारे बीच नहीं रहें. जिसके बाद उन्हें उनके गॉव वडाली से नम आखों से विदा किया गया.पुरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.रिपोर्ट के अनुसार वों काफी समय से बीमार थे.उन्होंने निजी अस्पताल में आखिरी साँस ली.वडाली की तीन दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.उनकीं दोनों Kidney ख़राब हो चुकी थी.जिसकी वजह से डोनर की तलाश की जा रहीं थी.डोनर ना मिलने के कारण आज सुबह उनका निधन हो गया.

पर अन्य रिपोर्ट की माने तो उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ

पर अन्य रिपोर्ट की माने तो उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ. उस्ताद प्यारे लाल ने तू माने या ना माने दिलदार समेत कई गीत इंडस्ट्री के लिए गाए. प्यारे लाल वडाली के भतीजे लखविंदर वडाली ने उनके निधन की पुष्टि की हैं. बता दें कि पूर्णचंद वडाली और प्यारे लाल वडाली अभी भी शो करते थे. उन्होंने बॉलीवुड को भी कई गीत दिए. वह कपिल शर्मा के शो में भी एक साथ नजर आए थे. भारत सरकार ने दोनों भाइयों को पदमश्री अवार्ड से भी नवाजा था.प्यारे लाल कुछ समय से बीमार चल रहे थे.वे उसी संगीत घराने से थे जिससे उस्ताद बड़े गुलाम अली थे.इसे संगीत की दुनिया में पटियाला घराना कहा जाता हैं.कहा जाता हैं वडाली भाई बन्धु फिल्मों में गाने से परहेज करते थे.

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