अक्टूबर : बेमौसम दिखा प्रेम का शुद्ध एहसास
अक्टूबर : बेमौसम दिखा प्रेम का शुद्ध एहसास

अक्टूबर का नाम सुनकर ये लग रहा होगा की ये गर्मी का मौसम है और महीना है अप्रैल तो फिर ये अक्टूबर कैसे. अक्टूबर एक फिल्म का नाम है जिसे आप सबके लिए पर्दे पर लाया है सुजीत सरकार ने. वरुण धवन जैसे सुपरहिट कलाकार और बनिता संधू जैसे अभिनेत्री के साथ इस फिल्म को प्रेम की नयी परिभाषा देने का आयाम दिया गया है. क्या आप प्यार को बिना बोले बिना एहसास किए महसूस कर सकते है.

जाने क्या है अक्टूबर में ?

‘सिर्फ एहसास है ये रूह से महसूस करो,प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो’. इस गाने से सब कुछ ऐसा लगता है ये गाना कही सदियों पहले पुराने ज़माने में गया जाता था. ऐसे फीलिंग के साथ अगर कोई लड़का किसी लड़की को कह दे या लड़की किसी लड़के को कह दे तो वो एक दूजे के होकर क्यों नही रह जाएंगे. सुजीत की फिल्म अक्टूबर ऐसे ही कुछ अनकहे प्यार को बयां करती है.

ये कहानी शरुआत होती होटल मैनेजमेंट से पढ़ाई करने वाले डैन(वरुण धवन) एक फाइव स्टार होटल में इंटर्नशिप कर रहे है. डैन जिंदगी में अपने किसी भी काम को गंभीरता से नही लेते. हलाकि उनका सपना रेस्टुरेंट  खोलने का है. उनकी हरकतों के वजह से इंटर्नशिप से निकल दिए जाने की वार्निंग हमेशा दी जाती है. दूसरी तरफ अगर अभिनेत्री शिवली डैन की बात करें तो वो डैन के ठीक विपरीत है.

कैसे रुख मोड़ती है कहानी?

अपने कामो के प्रति गंभीरता और अनुशासनप्रिय स्टूडेंट है. शिवली और डैन के बीच कुछ ऐसे दृश्य भी दिखाए गये है जिससे इनदोनो के बीच कुछ अनकहा रिश्ते दिखाया गया है. फिर अचानक शिवली हादसे का शिकार हो जाती है और कोमा में चली जाती है. जिस वक्त ये हादसा हुआ होता है डैन शिवली के पास मौजूद नही होते है,लेकिन हादसे के शिकार से ठीक पहले शिवली ने डैन के बारे में पूछा जरुर था. शिवली की इस हालत पर डैन को गहरा असर पड़ता है. शिवली अस्पताल के चक्कर काटते हुए डैन ऐसे सफर पर निकल पड़ते है,ऐसा 21 साल का लड़का कभी सोच भी नही सकता है.

ऐसा आपको फिल्म के शरुआती समय में प्यार को समझने में जानने में वक्त लगेगा लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है आप फिल्म में प्यार की गहराई में ढलते चले जाएंगे. फिल्म के क्लाइमेक्स में जहा आप बिना किसी शर्त के प्यार की व्याख्या की गई है जिससे आप बेहद प्रभावित होंगे वही आपको बाद में ये भी लगेगा की ऐसे प्रेम कहानी में लोग जी कैसे पाते है. रिव्यु की बात करें तो टाइम्स ऑफ इंडिया ने जहा 5 में से 4.5 रेटिंग दी है वही औरों ने जैसे टाइम्स नाउ ने 3.5 रेटिंग दी है.

प्रमुख बिंदु :-

  • जाने अक्टूबर में कैसे दिखा प्यार का वास्तविक एहसास?.
  • अक्टूबर क्या मचा पाएगी धम्माल?.

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