OSHO की दुनिया -एक सेक्स प्रमोटर थे या एक वास्तविक जीवनशैली वाले ट्रेनरआज चर्चा करते है OSHO के बारे में. सेक्स प्रमोटर या वास्तविक जीवन शैली ट्रेनर थे?. Maa Prem Nirmohi के अनुसार OSHO को  एक सेक्स गुरु के रूप में माना गया है, जो की वे नहीं है. उन्हें गुरु कहना ही गैरकानूनी है. उन्हौंने आगे कहा हम सभी ने उनको गुरु के रूप में बना दिया है, जो कि OSHO नहीं है.

उन्हौंने कहा कि उन्हें एक सेक्स गुरु करने के लिए उद्धृत किया जा सकता है. जैसा कि OSHO ने SEX के बारे में ऐसी बातें बताई हैं, कोई भी गुरु ने कभी कहा नहीं था. OSHO ने भी SEX के बारे में स्पष्ट रूप से कहा था क्योंकि हम SEX को एक दैनिक दिनचर्या के रूप में मानते हैं. सेक्स क्या है सेक्स एक खुशी नहीं है लेकिन, क्या वह बहुत बुरा है.

मस्ती मे जीने की अलग कला है. OSHO एक ऐसे युग पुरुस थे. जिन्हौंने हँसते गाते, धर्म और ज्ञान दिया. 1000 प्रवचनों मे उन्हौंने तमाम बंधन को तोड़कर जीने की कला सिखाई. कितने लोगो से ये सुनने को मिला की उन्हौंने कभी Meditation नही कीया. OSHO की Meditation  विधि अपनाने से उन्हें ऐसे लग रहा है जैसे इस पल को बार बार जीती रहें. एक अलग दुनियाँ मे रहने का एहसास और साथ ही साथ ऐसे वातावरण में आप बेहिचक नाच सकते है, गा सकते है. कोई बंधन नही.

केवल ख़ुशी का एहसास और इस एहसास मे उस पल को अनगिनत बार जीने की  आस

केवल ख़ुशी का एहसास और इस एहसास मे उस पल को अनगिनत बार जीने की एक अलग आस. रोना पब्लिक मे मुमकिन नही है. OSHO की दुनिया मे ऐसा कुछ नही है. नए लोगों को नए तरीके से जीने का तरीका सिखाते हैं. एक प्रोफेसर साहिबा ने बताया OSHO Gangadham मे गंगा के किनारे बैठकर ऐसा लगता है, जैंसे वहीँ बैठी रहें. उन्हें ये भी प्रतीत होता है जैसे गंगा के किनारे बैठकर गंगा ने उनके सारे दुःख तकलीफ से उन्हें अलग कर दिया है. उनका ये भी विस्तार से कहना है OSHO सबसे ऊपर हैं.

OSHO ने 1000 धर्मो की विधिया दी

Rishikesh के एक महात्मा का कहना है ऋषिकेश ध्यान की भूमि अनादी काल से है. Gangadham की स्थापना OSHO के द्वारा एक आकर्षण का केंद्र बन गया है. किसी एक धर्म की साधना नही कराते OSHO. OSHO ने 1000 धर्मो की विधिया दी जैसे तंत्र, योग, भक्ति, सूफी से जुडी है. ओशो ने पुरे विश्व को ध्यान की धरोहर की आधुनिक व्याख्या के साथ ज्ञान की बहुत सारी विधिया भी दी है.

OSHO के यहाँ इस देश में हर छोटे बड़े शहरों मे ज्ञान की स्थापना की है. उनकी खूबी ये है ध्यान की सुविधा उपलब्ध है. प्रेम और मैत्रीभाव का संचार हो OSHO यही चाहते हैं. योग का भी अर्थ जोड़ना है. OSHO का ही एकमात्र ऐसा रास्ता है, जो मस्ती से होकर गुजरता है. ओशो में सभी धर्मो को एक समान बताया जाता है.

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